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मोबाइल एप से पुलिस की लोकेेशन और सीसीटीवी कैमरों पर नजर

Mon, 17 Jan 2022 01:30 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 17 Jan 2022 01:30 AM IST
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Tracking police location and CCTV cameras from mobile app
ग्रेटर नोएडा/जेवर (जेपी शर्मा/मनोज शर्मा)। सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं, जो कुछ मोबाइल एप्लीकेशन की जानकारी दे रहे हैं कि इनके इस्तेमाल से स्पीड चालान से बचा जा सकता है, क्योंकि ये एप एक्सप्रेसवे पर लगे स्पीड रिकॉर्ड करने वाले कैमरों की जानकारी दे सकते हैं। वीडियो में यह भी दावा किया जा रहा है कि इन एप की मदद से पुलिस की मार्ग पर तैनाती की लोकेशन भी मिल सकती है। ये ऐप दावा तो लोगों की मदद कर रहे हैं, लेकिन इनका लाभ न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले बल्कि अपराधी भी उठा सकते हैं। मामला संज्ञान में आने पर पुलिस ने इन एप की जांच शुरू कर दी है। लोगों को चेतावनी दी है कि इस तरह के मोबाइल एप आपका डाटा चोरी कर ठगी का भी शिकार बना सकते हैं, इसलिए ऐसे एप से सावधान रहने की आवश्यकता है।
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सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक युवक यमुना एक्सप्रेसवे पर लगे हाई स्पीड कैमरे और चालान से बचने की ट्रिक बताते हुए एक मोबाइल एप्लीकेशन की जानकारी दे रहा है। जांच करने पर पता चला कि इस तरह कई मोबाइल एप बाजार में हैं, हालांकि एप की जानकारी वाले कॉलम में निर्देश दिया गया है कि यातायात नियमों का पालन करेें। अगर हाईस्पीड रिकॉर्ड करने वाले कैमरों की जानकारी चालक को हो जाएगी तो वह कैमरे लगे वाले स्थानों पर स्पीड कम कर अन्य स्थानों पर तेज रफ्तार में वाहन चलाएगा और हादसे का कारण बन सकता है। वहीं, पुलिस की तैनाती या लोकेशन की जानकारी हासिल कर अपराधी भी फायदा उठा सकते हैं। एक अधिकारी ने बताया है कि ऐसे एप बनाने का मकसद लोगों को जागरूक करना होता है। ऐसे एप में केवल स्थायी पुलिस चौकी या पिकेट की जानकारी मिल पाती है। जिससे जरूरतमंद को पुलिस तक पहुंचने में आसानी हो।
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यमुना एक्सप्रेसवे पर बनाया गया है वीडियो
सोशल मीडिया पर तरह-तरह की जानकारी देने वाले युवक ने इस एप की जानकारी देने वाला वीडियो यमुना एक्सप्रेसवे पर बनाया है। इसमें यमुना एक्सप्रेसवे पर लगे अलीगढ़, पलवल और मथुरा का बोर्ड दिख रहा है। मोबाइल में एप ऑन कर युवक यह भी बता रहा है कि कैमरे और पुलिस की जानकारी आईकॉन के जरिये मिलेगी।
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यमुना एक्सप्रेसवे पर जीरो प्वाइंट से आगरा तक 10 स्थानों पर 30 कैमरे पहले से लगे थे। अब, 8 स्थानों पर 16 हाई रेजुलेशन के कैमरे और लगा दिए गए हैं। टीएसआई बलवीर सिंह ने बताया कि ओवर स्पीड का चालान 2000 रुपये है।

मोबाइल एप्लीकेशन की जांच कराई जाएगी कि कहीं यह अपराधियों को लाभ तो नहीं पहुंचा रहे। अगर इन पर कोई अपराध बनता होगा तो कार्रवाई भी होगी। कई मोबाइल एप्लीकेशन लोगों का डाटा चोरी कर दुरुपयोग और साइबर ठगी का शिकार बना लेते हैं, इसलिए लोगों को इस तरह के मोबाइल एप के इस्तेमाल से सावधान रहने की जरूरत है। - अमित कुमार, डीसीपी, ग्रेनो जोन
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