फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   To grab the compensation of the farmers the thugs got the crops registered fraudulently on the portal

Noida News: किसानों का मुआवजा हड़पने के लिए ठगों ने पोर्टल पर कराए फसलों के फर्जी पंजीकरण

Wed, 17 Sep 2025 01:28 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 17 Sep 2025 01:28 AM IST
विज्ञापन
To grab the compensation of the farmers the thugs got the crops registered fraudulently on the portal
- प्रदेश के सभी जिलों से आए ठगी के मामले, राजस्व व कृषि विभाग पटवारियों से कराएगा जांच
विज्ञापन

- राजस्व अधिकारियों के सत्यापन के बाद पोर्टल पर दर्ज गलत व्यक्ति का नाम हटा दिया जाएगा
अरुण शर्मा

चंडीगढ़। हरियाणा में बरसात और जलभराव के कारण फसलें खराब हो गईं और किसानों पर आई इस आपदा को जालसाजों ने अवसर में बदल लिया। रोहतक, हिसार, भिवानी, सोनीपत, जींद, अंबाला सहित कई जिलों में फसलों में हुए नुकसान के मुआवजे के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दूसरे जिलों में बैठे ठगों ने आवेदन कर दिया। राजस्व और कृषि विभाग किसानों के साथ हुई ठगी के मामलों को निस्तारित कराने के लिए योजना तय कर चुका है। अब गिरदावरी के दाैरान पटवारी जांच करेंगे कि क्षतिपूर्ति पोर्टल पर सही किसान का पंजीकरण है या नहीं। यदि किसी ने फर्जी तरीके से पंजीकरण करा लिया है तो राजस्व अधिकारियों के सत्यापन के बाद पोर्टल पर दर्ज गलत व्यक्ति का नाम हटा दिया जाएगा और असली किसान का नाम जोड़ा जाएगा।
कृषि एवं कल्याण विभाग के मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर गड़बड़ी की सोमवार तक 2,21,824 शिकायतें किसानों ने दर्ज कराई हैं। रोहतक और नूंह के जिला उपायुक्त पत्र के माध्यम से राजस्व विभाग में गलत पंजीकरण की शिकायत कर चुके हैं। नूंह में गलत पंजीकरण के मामले में प्रशासन की ओर से पुलिस में केस भी दर्ज कराया गया है।
विज्ञापन

कृषि एवं कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पंकज अग्रवाल ने कहा कि मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल फसलों के पंजीकरण के लिए बंद कर दिया गया है लेकिन किसान गलत पंजीकरण से जुड़ी शिकायतें अब भी पोर्टल पर दर्ज करा सकते हैं। पटवारियों की रिपोर्ट को संबंधित तहसीलों के तहसीलदार सत्यापित करेंगे और पोर्टल पर दर्ज गलत व्यक्ति का नाम हटा देंगे। संबंधित मंडल के आयुक्त, उपायुक्त, राजस्व अधिकारी, एसडीएम, तहसीलदार इन शिकायतों की सीधे निगरानी करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

---------
ऐसे मामलों में सबसे आवश्यक है कि किसान तुरंत पोर्टल के माध्यम से ही शिकायतें दर्ज कराएं। इससे संबंधित क्षेत्र के राजस्व अधिकारियों के पास शिकायतें स्वत: ही पहुंच जाती हैं और पटवारियों के माध्यम से सत्यापन कराकर समस्या का समाधान किया जाता है।
पंकज अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव, कृषि एवं कल्याण विभाग
-------


विभाग की तैयारी : पंजीकरण कराने पर बनेगी यूनिक आईडी, पीपीपी या आधार से लिंक होगा रिकाॅर्ड



अभी तक राजस्व विभाग का पूरा रिकाॅर्ड हिंदी में है। ऐसे में फर्जीवाड़ा करने वाले गलत नाम भरकर अपने नाम पंजीकरण करा लेते हैं। फर्जीवाड़ा रोकने के लिए विभाग पोर्टल में बदलाव की तैयारी में है। भविष्य में पंजीकरण कराने वाले किसानों की यूनिक आईडी बनाई जाएगी और रिकॉर्ड पीपीपी (परिवार पहचान पत्र) या आधार नंबर से लिंक होगा। इससे कोई अन्य व्यक्ति फर्जी तरीके से अपने नाम से किसी भी प्रकार का पंजीकरण नहीं करा सकेगा। साझे की जमीनों के राजस्व रिकाॅर्ड को लेकर भी नियम सरल करने की योजना है।



योजनाओं का फायदा उठाने के लिए बढ़े फर्जी पंजीकरण



मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाने वाले किसानों को फसलों पर एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य), सीधे धान की रोपाई (डीएसआर), पराली प्रबंधन, मेरा पानी-मेरी विरासत जैसी योजनाओं का लाभ मिलता है। पिछले दिनों हुई बरसात से हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार की ओर से क्षतिपूर्ति पोर्टल के माध्यम से आवेदन मांगे गए हैं। ऐसे में मुआवजे के लिए ठग मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर किसानों की फसल का अपने नाम पर पंजीकरण करा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed