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Noida News: सोफा बनाने वाली फैक्ट्री में आग से तीन कर्मियों की मौत
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चाय बनाते समय एलपीजी सिलिंडर में लीकेज से आग लगने की आशंका
पुलिस को दमकल विभाग से एनओसी न लेने का पता चला, जांच जारी
आग लगने के बाद पीछे वाले गेट की तरफ चले गए, लेकिन ताला लगा था।
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08 फीट ऊंची दीवार और गेट को नहीं फांद सके तीनों
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा।
साइट-4 में मंगलवार को चाय बनाने के दौरान एलपीजी सिलिंडर में लीकेज से सोफा बनाने वाली फैक्ट्री में आग लग गई। हादसे में फैक्ट्री में मौजूद तीन कर्मचारियों मौत हो गई। मृतकों की पहचान ग्राम भूड़ा, थाना राया मथुरा निवासी गुलफाम (23) और बिहार निवासी मजहर आलम (29) व दिलशाद (24) के रूप में हुई है। प्राथमिक जांच में बीटा-2 कोतवाली पुलिस को पता चला है कि फैक्ट्री के लिए फायर एनओसी नहीं ली गई थी।
पुलिस के अनुसार, साइट-4 के औद्योगिक एरिया में दिल्ली निवासी सीके ठकुराल की फैक्ट्री है। उन्होंने फैक्ट्री में टीन शेड का एक हिस्सा जैन सिटिंग सिस्टम के लिए सोफा तैयार करने वाले ताकी हुसैन को दे रखा है। मंगलवार सुबह करीब 7ः45 बजे गुलफाम, मजहर आलम और दिलशाद फैक्ट्री में पीछे की ओर टीन शेड के छोटे से कमरे में सोए हुए थे। आशंका है कि तीनों में से कोई एक चाय बनाने के लिए उठा था। उसने जैसे ही चूल्हे को जलाया तो 14 किलो के एलपीजी सिलिंडर में लीकेज के कारण आग लग गई। आग ने कपड़ों व लकड़ी के सामान को चपेट में ले लिया। तीनों आग लगने के बाद पीछे वाले गेट की तरफ चले गए, लेकिन पीछे ताला लगा था। इससे तीनों को भागने का मौका नहीं मिला। करीब आठ फीट ऊंची दीवार और गेट को फांदना तीनों कर्मचारियों के लिए आसान नहीं था। यही कारण रहा कि तीनों आग बुझने का इंतजार करते रहे, लेकिन दम घुटने व झुलसने से तीनों की मौत हो गई। दमकल की दो गाड़ियों की मदद से करीब 20 मिनट में आग पर काबू पाया गया। पीछे की दीवार तोड़कर तीनों शवों को निकाला गया।
लापरवाही की भेंट चढ़े
फैक्ट्री परिसर में सोफा, टेबल व कुर्सी बनाने में इस्तेमाल होने वाले सामान को प्रवेश द्वार के गलियारे में दोनों तरफ रखा हुआ था। ऐसे में भागने के लिए कर्मचारियों को खाली जगह नहीं मिली। इससे तीनों कर्मचारी आगे की जगह पीछे वाले द्वार की तरफ भागे। नियमों के तहत फैक्ट्री में मुख्य द्वार के गलियारे व सीढ़ी आदि पर सामान नहीं रखना चाहिए। फैक्ट्री में फायर सेफ्टी की अनदेखी भी तीनों की मौत का कारण बनी। परिसर का मुख्य हिस्सा कोरोना काल से बंद था, इसलिए आग बुझाने के लिए जरूरी उपकरण नहीं लगे थे। फैक्ट्री में कोई गार्ड भी नहीं था। अगर गार्ड होता तो आग लगने पर समय रहते पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई होती।
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फैक्ट्री में लगी आग की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दमकल विभाग की टीम की मदद से आग पर काबू पाया। जांच में तीनों व्यक्ति मृत मिले। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। -अशोक कुमार, एडिशनल डीसीपी, ग्रेनो
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पुलिस को दमकल विभाग से एनओसी न लेने का पता चला, जांच जारी
आग लगने के बाद पीछे वाले गेट की तरफ चले गए, लेकिन ताला लगा था।
08 फीट ऊंची दीवार और गेट को नहीं फांद सके तीनों
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा।
साइट-4 में मंगलवार को चाय बनाने के दौरान एलपीजी सिलिंडर में लीकेज से सोफा बनाने वाली फैक्ट्री में आग लग गई। हादसे में फैक्ट्री में मौजूद तीन कर्मचारियों मौत हो गई। मृतकों की पहचान ग्राम भूड़ा, थाना राया मथुरा निवासी गुलफाम (23) और बिहार निवासी मजहर आलम (29) व दिलशाद (24) के रूप में हुई है। प्राथमिक जांच में बीटा-2 कोतवाली पुलिस को पता चला है कि फैक्ट्री के लिए फायर एनओसी नहीं ली गई थी।
पुलिस के अनुसार, साइट-4 के औद्योगिक एरिया में दिल्ली निवासी सीके ठकुराल की फैक्ट्री है। उन्होंने फैक्ट्री में टीन शेड का एक हिस्सा जैन सिटिंग सिस्टम के लिए सोफा तैयार करने वाले ताकी हुसैन को दे रखा है। मंगलवार सुबह करीब 7ः45 बजे गुलफाम, मजहर आलम और दिलशाद फैक्ट्री में पीछे की ओर टीन शेड के छोटे से कमरे में सोए हुए थे। आशंका है कि तीनों में से कोई एक चाय बनाने के लिए उठा था। उसने जैसे ही चूल्हे को जलाया तो 14 किलो के एलपीजी सिलिंडर में लीकेज के कारण आग लग गई। आग ने कपड़ों व लकड़ी के सामान को चपेट में ले लिया। तीनों आग लगने के बाद पीछे वाले गेट की तरफ चले गए, लेकिन पीछे ताला लगा था। इससे तीनों को भागने का मौका नहीं मिला। करीब आठ फीट ऊंची दीवार और गेट को फांदना तीनों कर्मचारियों के लिए आसान नहीं था। यही कारण रहा कि तीनों आग बुझने का इंतजार करते रहे, लेकिन दम घुटने व झुलसने से तीनों की मौत हो गई। दमकल की दो गाड़ियों की मदद से करीब 20 मिनट में आग पर काबू पाया गया। पीछे की दीवार तोड़कर तीनों शवों को निकाला गया।
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लापरवाही की भेंट चढ़े
फैक्ट्री परिसर में सोफा, टेबल व कुर्सी बनाने में इस्तेमाल होने वाले सामान को प्रवेश द्वार के गलियारे में दोनों तरफ रखा हुआ था। ऐसे में भागने के लिए कर्मचारियों को खाली जगह नहीं मिली। इससे तीनों कर्मचारी आगे की जगह पीछे वाले द्वार की तरफ भागे। नियमों के तहत फैक्ट्री में मुख्य द्वार के गलियारे व सीढ़ी आदि पर सामान नहीं रखना चाहिए। फैक्ट्री में फायर सेफ्टी की अनदेखी भी तीनों की मौत का कारण बनी। परिसर का मुख्य हिस्सा कोरोना काल से बंद था, इसलिए आग बुझाने के लिए जरूरी उपकरण नहीं लगे थे। फैक्ट्री में कोई गार्ड भी नहीं था। अगर गार्ड होता तो आग लगने पर समय रहते पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई होती।
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फैक्ट्री में लगी आग की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दमकल विभाग की टीम की मदद से आग पर काबू पाया। जांच में तीनों व्यक्ति मृत मिले। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। -अशोक कुमार, एडिशनल डीसीपी, ग्रेनो