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Noida News: सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की सफाई कर रहे तीन कर्मियों की मौत
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- ईकोटेक-1 की आईटी कंंपनी कोफोर्ज के प्लांट में तीनों दम घुटने से गई जान
- कंपनी के मेटेनेंस विभाग में काम करते थे तीनों, परिजनों ने पुलिस को दी शिकायत
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। थाना ईकोटेक-1 क्षेत्र में आईटी कंपनी कोफोर्ज के बंद पड़े सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की सफाई करने उतरे कंपनी के ही तीन कर्मियों की मौत हो गई। सोमवार देर शाम तीनों कर्मचारी पॉली एल्युमीनियम क्लोराइड लेकर प्लांट में उतरे थे। टैंक के अंदर दम घुटने से तीनों ने दम तोड़ दिया। तीनों की पहचान दनकौर के गांव हतेवा निवासी मोहित, कानपुर देहात के गणेशगंज निवासी हरि गोविंद और मथुरा के थाना बरसाना निवासी अंकित के रूप में हुई है। परिजनों की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने कंपनी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की बात कही है।
पुलिस के मुताबिक कोफोर्ज कंपनी परिसर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट है। कंपनी के मेंटनेंस विभाग में मोहित, हरि गोविंद और अंकित काम करते थे। सोमवार सुबह वह ड्यूटी पर पहुंचे थे। दोपहर में हुई बारिश के बाद कंपनी के एसटीपी में पानी भर गया। ओवरफ्लो होने पर तीनों कर्मियों को बुलाकर प्लांट के वाटर टैंक से सीवर साफ करने को कहा गया। सोमवार देर शाम तीनों कर्मचारी पॉली एल्युमीनियम क्लोराइड लेकर प्लांट में उतरे। कर्मचारियों के मुताबिक पानी के संपंर्क में आते ही केमिकल से गैस बनने लगी। प्लांट में अंदर तीनों कर्मचारियों बेहोश हो गए। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड कर्मियों की मदद से उन्हें बाहर निकालकर राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) ले जाया गया। यहां पर डाक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही परिजन परिजन जिम्स पहुंच गए हैं। मृतक के परिजनों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।
कोट
कंपनी में हुए हादसे में तीन कर्मियों की मौत हो गई है। स्थानीय लोगों और फायर बिग्रेड कर्मियों ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के वाटर टैंक से तीन कर्मचारियों को बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया। घटना में कंपनी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है। - अशोक कुमार, एडीसीपी
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करंट से मौत की रही चर्चा
कंपनी कर्मी प्लांट के पानी में बिजली का करंट उतरने की बात कहते नजर आए। आशंका जताई जा रही है कि सीवर सफाई करने उतरे तीनों युवकों की मौत बिजली के करंट से हो सकती है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
बिना सुरक्षा उपकरणों के ही टैंक में उतार दिए कर्मचारी
- परिजनों ने कहा जबरन टैंक में उतरने को मजबूर किया, कंपनी पर लगाए गंभीर आरोप
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। कोफोर्ज कंपनी में सोमवार की देर शाम हुए हादसे में जान गंवाने वाले तीनों कर्मियों के परिजनों ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि बिना सुरक्षा उपकरणों के ही कर्मियों को एसटीपी के वाटर टैंक में उतार दिया। तीनों कर्मचारी पॉली एल्युमीनियम क्लोराइड साथ लेकर टैंक साफ करने गए थे। यह केमिकल जल उपचार के काम आता है और यह दूषित पदार्थों को निकालने और एक साथ इकट्ठा करने के लिए एक जमावट एजेंट के रूप में काम करता है। खतरनाक केमिकल के साथ बिना सुरक्षा उपकरणों के उतरना ही टैंक तीनों के लिए मौत का कुआं बन गया।
परिजनों के मुताबिक तीनों कर्मियों को कंपनी प्रबंधन ने जबरन टैंक में उतरने के लिए मजबूर किया। कर्मचारियों को कोई सुरक्षा उपकरण भी नहीं दिए। आरोप है कि उनसे हमेशा बिना मास्क, सिलेंडर, बॉडी सूट के ही काम कराया जाता था। मोहित ने यह बात परिजनों को भी बताई थी। परिजन जब हादसे की आशंका जताते थे तो वह उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया। रात को हादसे की सूचना मिलते ही दनकौर के गांव हतेवा निवासी मोहित के परिजन जिम्स पहुंच गए थे। मोहित कक्षा 12वीं में पढ़ता था। साथ ही कंपनी में मेंटनेंस विभाग में नौकरी भी करता था। वहीं मथुरा के बरसाना निवासी अंकित और कानपुर के निवासी हरि गोविंद के परिजन ग्रेटर नोएडा के लिए रवाना हो गए हैं।
मेंटनेंस विभाग के कुछ लोगों ने रोका भी था
सोमवार को जब मोहित, हरि गोविंद और अंकित टैंक में उतारे जा रहे थे, तब मेंटनेंस विभाग के पुराने कर्मियों ने उन्हें रोका था। उन्हें बिना सुरक्षा उपकरण के टैंक में नहीं उतरने की सलाह दी थी। इस पर तीनों ने ऊपर के आदेश का हवाला दिया। वरिष्ठ कर्मियों ने कहा कि टैंक की स्थिति खतरनाक लग रही है। ऐेसे में जोखिम लेना सही नहीं है।
मोहित ने कहा था, जून के बाद छोड़ देगा काम
मोहित के परिजनों के मुताबिक उसने कुछ दिन पहले काम छोड़कर पैकिंग कंपनी में नौकरी करने की बात कही थी। सोमवार की सुबह ड्यूटी पर जाते वक्त महीना पूरा होते ही काम छोड़ने की बात कही थी। उसने कंपनी में सुपरवाइजर को भी इसकी जानकारी दी थी है। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वह कह रहे हैं कि क्या पता था कि ड्यूटी जाते वक्त वह अब फिर कभी वापस नहीं आएगा।
हरि गोविंद के घर पहुंची सूचना
कानपुर निवासी हरि गोविंद यहां अकेला रहता था। प्लांट पर काम करने वाले अन्य लोगों की मदद से उसके घर का नंबर पता लगाकर और परिजनों को सूचना दी गई। हरि गोविंद के साथ काम करने वालों ने पहले तो परिजनों ने पहले उसके उसकी तबीयत खराब होने की जानकारी दी। हालांकि परिजनों के शक होने पर पूरी बात बता दी। खबर मिलते ही उसके परिवार में मातम छा गया। परिजन ग्रेटर नोएडा के लिए रवाना हो गए।
अंकित के घरवाले कहते थे बरसाना लौट आओ
मथुरा के बरसाना निवासी अंकित के परिजनों को भी प्लांट के कर्मियों ने हादसे की सूचना दी। पहले उन्हें लगा कि उनके साथ भद्दा मजाक किया जा रहा है। हालांकि खबर पक्की होने की बात सुनते ही परिजन रोने लगे। फोन पर परिवार के सदस्य ने बताया कि वह अंकित से वह लगातार घर पर लौट आने की बात कहते थे। मगर वह नहीं माना।
कोफोर्ज ने किया था एनआईआईटी का अधिग्रहण
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से आईटी कंपनी एनआईईटी को प्लॉट आवंटित किया गया था। कुछ साल पहले कोफोर्ज ने इसका अधिग्रहण कर लिया। कोफोर्ज वैश्विक डिजिटल सेवा और समाधान प्रदाता कंपनी है। करीब 21 देशों में इसकी उपस्थिति है और नौ देशों में 25 डिलीवरी सेंटर हैं।
कोट
मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है। कंपनी में जो भी इस हादसे के लिए जिम्मेदार होगा, कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हादसा केमिकल से पैदा हुई गैस से हुआ या करंट से। इसकी जांच की जाएगी। फायर ब्रिगेड और तकनीकी शाखाएं मामले की जांच करेंगी। - अशोक कुमार, एडीसीपी
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- कंपनी के मेटेनेंस विभाग में काम करते थे तीनों, परिजनों ने पुलिस को दी शिकायत
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। थाना ईकोटेक-1 क्षेत्र में आईटी कंपनी कोफोर्ज के बंद पड़े सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की सफाई करने उतरे कंपनी के ही तीन कर्मियों की मौत हो गई। सोमवार देर शाम तीनों कर्मचारी पॉली एल्युमीनियम क्लोराइड लेकर प्लांट में उतरे थे। टैंक के अंदर दम घुटने से तीनों ने दम तोड़ दिया। तीनों की पहचान दनकौर के गांव हतेवा निवासी मोहित, कानपुर देहात के गणेशगंज निवासी हरि गोविंद और मथुरा के थाना बरसाना निवासी अंकित के रूप में हुई है। परिजनों की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने कंपनी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की बात कही है।
पुलिस के मुताबिक कोफोर्ज कंपनी परिसर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट है। कंपनी के मेंटनेंस विभाग में मोहित, हरि गोविंद और अंकित काम करते थे। सोमवार सुबह वह ड्यूटी पर पहुंचे थे। दोपहर में हुई बारिश के बाद कंपनी के एसटीपी में पानी भर गया। ओवरफ्लो होने पर तीनों कर्मियों को बुलाकर प्लांट के वाटर टैंक से सीवर साफ करने को कहा गया। सोमवार देर शाम तीनों कर्मचारी पॉली एल्युमीनियम क्लोराइड लेकर प्लांट में उतरे। कर्मचारियों के मुताबिक पानी के संपंर्क में आते ही केमिकल से गैस बनने लगी। प्लांट में अंदर तीनों कर्मचारियों बेहोश हो गए। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड कर्मियों की मदद से उन्हें बाहर निकालकर राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) ले जाया गया। यहां पर डाक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही परिजन परिजन जिम्स पहुंच गए हैं। मृतक के परिजनों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।
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कंपनी में हुए हादसे में तीन कर्मियों की मौत हो गई है। स्थानीय लोगों और फायर बिग्रेड कर्मियों ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के वाटर टैंक से तीन कर्मचारियों को बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया। घटना में कंपनी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है। - अशोक कुमार, एडीसीपी
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करंट से मौत की रही चर्चा
कंपनी कर्मी प्लांट के पानी में बिजली का करंट उतरने की बात कहते नजर आए। आशंका जताई जा रही है कि सीवर सफाई करने उतरे तीनों युवकों की मौत बिजली के करंट से हो सकती है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
बिना सुरक्षा उपकरणों के ही टैंक में उतार दिए कर्मचारी
- परिजनों ने कहा जबरन टैंक में उतरने को मजबूर किया, कंपनी पर लगाए गंभीर आरोप
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। कोफोर्ज कंपनी में सोमवार की देर शाम हुए हादसे में जान गंवाने वाले तीनों कर्मियों के परिजनों ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि बिना सुरक्षा उपकरणों के ही कर्मियों को एसटीपी के वाटर टैंक में उतार दिया। तीनों कर्मचारी पॉली एल्युमीनियम क्लोराइड साथ लेकर टैंक साफ करने गए थे। यह केमिकल जल उपचार के काम आता है और यह दूषित पदार्थों को निकालने और एक साथ इकट्ठा करने के लिए एक जमावट एजेंट के रूप में काम करता है। खतरनाक केमिकल के साथ बिना सुरक्षा उपकरणों के उतरना ही टैंक तीनों के लिए मौत का कुआं बन गया।
परिजनों के मुताबिक तीनों कर्मियों को कंपनी प्रबंधन ने जबरन टैंक में उतरने के लिए मजबूर किया। कर्मचारियों को कोई सुरक्षा उपकरण भी नहीं दिए। आरोप है कि उनसे हमेशा बिना मास्क, सिलेंडर, बॉडी सूट के ही काम कराया जाता था। मोहित ने यह बात परिजनों को भी बताई थी। परिजन जब हादसे की आशंका जताते थे तो वह उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया। रात को हादसे की सूचना मिलते ही दनकौर के गांव हतेवा निवासी मोहित के परिजन जिम्स पहुंच गए थे। मोहित कक्षा 12वीं में पढ़ता था। साथ ही कंपनी में मेंटनेंस विभाग में नौकरी भी करता था। वहीं मथुरा के बरसाना निवासी अंकित और कानपुर के निवासी हरि गोविंद के परिजन ग्रेटर नोएडा के लिए रवाना हो गए हैं।
मेंटनेंस विभाग के कुछ लोगों ने रोका भी था
सोमवार को जब मोहित, हरि गोविंद और अंकित टैंक में उतारे जा रहे थे, तब मेंटनेंस विभाग के पुराने कर्मियों ने उन्हें रोका था। उन्हें बिना सुरक्षा उपकरण के टैंक में नहीं उतरने की सलाह दी थी। इस पर तीनों ने ऊपर के आदेश का हवाला दिया। वरिष्ठ कर्मियों ने कहा कि टैंक की स्थिति खतरनाक लग रही है। ऐेसे में जोखिम लेना सही नहीं है।
मोहित ने कहा था, जून के बाद छोड़ देगा काम
मोहित के परिजनों के मुताबिक उसने कुछ दिन पहले काम छोड़कर पैकिंग कंपनी में नौकरी करने की बात कही थी। सोमवार की सुबह ड्यूटी पर जाते वक्त महीना पूरा होते ही काम छोड़ने की बात कही थी। उसने कंपनी में सुपरवाइजर को भी इसकी जानकारी दी थी है। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वह कह रहे हैं कि क्या पता था कि ड्यूटी जाते वक्त वह अब फिर कभी वापस नहीं आएगा।
हरि गोविंद के घर पहुंची सूचना
कानपुर निवासी हरि गोविंद यहां अकेला रहता था। प्लांट पर काम करने वाले अन्य लोगों की मदद से उसके घर का नंबर पता लगाकर और परिजनों को सूचना दी गई। हरि गोविंद के साथ काम करने वालों ने पहले तो परिजनों ने पहले उसके उसकी तबीयत खराब होने की जानकारी दी। हालांकि परिजनों के शक होने पर पूरी बात बता दी। खबर मिलते ही उसके परिवार में मातम छा गया। परिजन ग्रेटर नोएडा के लिए रवाना हो गए।
अंकित के घरवाले कहते थे बरसाना लौट आओ
मथुरा के बरसाना निवासी अंकित के परिजनों को भी प्लांट के कर्मियों ने हादसे की सूचना दी। पहले उन्हें लगा कि उनके साथ भद्दा मजाक किया जा रहा है। हालांकि खबर पक्की होने की बात सुनते ही परिजन रोने लगे। फोन पर परिवार के सदस्य ने बताया कि वह अंकित से वह लगातार घर पर लौट आने की बात कहते थे। मगर वह नहीं माना।
कोफोर्ज ने किया था एनआईआईटी का अधिग्रहण
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से आईटी कंपनी एनआईईटी को प्लॉट आवंटित किया गया था। कुछ साल पहले कोफोर्ज ने इसका अधिग्रहण कर लिया। कोफोर्ज वैश्विक डिजिटल सेवा और समाधान प्रदाता कंपनी है। करीब 21 देशों में इसकी उपस्थिति है और नौ देशों में 25 डिलीवरी सेंटर हैं।
कोट
मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है। कंपनी में जो भी इस हादसे के लिए जिम्मेदार होगा, कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हादसा केमिकल से पैदा हुई गैस से हुआ या करंट से। इसकी जांच की जाएगी। फायर ब्रिगेड और तकनीकी शाखाएं मामले की जांच करेंगी। - अशोक कुमार, एडीसीपी