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Noida News: एक वर्ष में तीन हजार घट गए सीएनजी ऑटो, बढ़ा एक भी नहीं
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मियाद पूरी कर चुके तीन हजार सीएनजी ऑटो हटे, बढ़ा एक भी नहीं
-एक साथ बड़ी संख्या में ऑटो के हटने से सफर करने वाले लोगों के लिए खड़ी हो सकती है परेशानी
-कम हो गई है ऑटो की संख्या 22 हजार से घटकर पहुंची 19 हजार, नए परमिट का मामला अब तक लंबित
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। मियाद पूरी कर चुके जिले में संचालित तीन हजार सीएनजी ऑटो सड़कों से हटा लिए गए हैं। लेकिन एक भी नया आटो विभाग में पंजीकृत नहीं हुआ है। शहर में सार्वजनिक परिवहन के नाम पर लोगों का सहारा ऑटो ही है। ऐसे में एक साथ बड़ी संख्या में ऑटो के हटने से सफर करने वाले लोगों के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है।
विभाग का कहना है कि एक वर्ष पहले एक हजार ऑटो चलाने के लिए परमिट जारी किए गए थे। एसोसिएशन की आपत्ति के बाद हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी तब से मामला कोर्ट में लंबित है। इस वजह से नए ऑटो के परमिट नहीं जारी किए जा रहे हैं। जैसे ही कोर्ट का फैसला आएगा चालकों को परमिट जारी कर दिए जाएंगे।
एआरटीओ प्रशासन सियाराम वर्मा का कहना है कि वर्तमान में संचालित ऑटो की संख्या 19 हजार है। अगले छह माह में भी 300 ऐसे ऑटो हैं जिन्हें सड़कों से हटाया जाएगा। ऐसे में लोगों को और परेशानी हो सकती है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद एक हजार ऑटो के परमिट उन लोगों को दे दिए जाएंगे जिन्होंने इसके लिए पहले आओ पहले पाओ स्कीम के तहत आवेदन किए थे।
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एनसीआर में एक हज़ार नए ऑटो परमिट जारी करने का मामला हाईकोर्ट में फंस गया है। आवेदन प्रक्रिया पर नोएडा सीएनजी ऑटो असोसिएशन की तरफ से हाई कोर्ट में याचिका दायर करने के कारण रोक लगी है। मामले में आखिरी सुनवाई छह माह पहले हुई थी। ऑटो एसोसिएशन के अध्यक्ष ओम प्रकाश गुर्जर ने आरोप लगाया कि एक वर्ष पहले हाईकोर्ट की ओर से विभाग से जवाब मांगा गया था। लेकिन विभाग अब तक जवाब दाखिल नहीं कर पाया है। इस वजह से मामला लंबित है। वहीं एआरटीओ का कहना है कि जवाब दिया जा चुका है न्यायालय अपनी प्रक्रिया के हिसाब से फैसला सुनाएगा।
गाजियाबाद और नोएडा के लिए पांच-पांच सौ ऑटो
परिवहन विभाग की तरफ से एक हजार नए एनसीआर आटो परमिट देने के लिए 16 मई 2023 से 22 मई तक आवेदन प्रक्रिया प्रस्तावित थी। नोएडा और गाजियाबाद को 500-500 ऑटो परमिट जारी करने की योजना थी। इस आवेदन प्रक्रिया पर नोएडा की ऑटो यूनियनों के बीच रार छिड़ने के बाद एक यूनियन हाई कोर्ट चली गई।
परमिट में साठगांठ से घोटाला का आरोप
नोएडा सीएनजी ऑटो चालक एसोसिएशन के अध्यक्ष चौधरी ओमप्रकाश गुर्जर ने 1000 नए एनसीआर ऑटो परमिट जारी करने के लिए ऑटो एजेंसी से साठगांठ का आरोप लगाया था। हाई कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया कि योजना 27 मार्च 2023 को लॉन्च हुई थी, लेकिन नोएडा की ऑटो एजेंसी 23 जनवरी 2023 तक 998 बुकिंग कर चुकी थी। इससे पता चलता है की योजना लॉन्च होने से 4 महीने पहले अधिकारियों ने ऑटो एजेंसी से मिलकर इसकी सूचना लीक करवाई।
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-एक साथ बड़ी संख्या में ऑटो के हटने से सफर करने वाले लोगों के लिए खड़ी हो सकती है परेशानी
-कम हो गई है ऑटो की संख्या 22 हजार से घटकर पहुंची 19 हजार, नए परमिट का मामला अब तक लंबित
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। मियाद पूरी कर चुके जिले में संचालित तीन हजार सीएनजी ऑटो सड़कों से हटा लिए गए हैं। लेकिन एक भी नया आटो विभाग में पंजीकृत नहीं हुआ है। शहर में सार्वजनिक परिवहन के नाम पर लोगों का सहारा ऑटो ही है। ऐसे में एक साथ बड़ी संख्या में ऑटो के हटने से सफर करने वाले लोगों के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है।
विभाग का कहना है कि एक वर्ष पहले एक हजार ऑटो चलाने के लिए परमिट जारी किए गए थे। एसोसिएशन की आपत्ति के बाद हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी तब से मामला कोर्ट में लंबित है। इस वजह से नए ऑटो के परमिट नहीं जारी किए जा रहे हैं। जैसे ही कोर्ट का फैसला आएगा चालकों को परमिट जारी कर दिए जाएंगे।
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एआरटीओ प्रशासन सियाराम वर्मा का कहना है कि वर्तमान में संचालित ऑटो की संख्या 19 हजार है। अगले छह माह में भी 300 ऐसे ऑटो हैं जिन्हें सड़कों से हटाया जाएगा। ऐसे में लोगों को और परेशानी हो सकती है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद एक हजार ऑटो के परमिट उन लोगों को दे दिए जाएंगे जिन्होंने इसके लिए पहले आओ पहले पाओ स्कीम के तहत आवेदन किए थे।
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एनसीआर में एक हज़ार नए ऑटो परमिट जारी करने का मामला हाईकोर्ट में फंस गया है। आवेदन प्रक्रिया पर नोएडा सीएनजी ऑटो असोसिएशन की तरफ से हाई कोर्ट में याचिका दायर करने के कारण रोक लगी है। मामले में आखिरी सुनवाई छह माह पहले हुई थी। ऑटो एसोसिएशन के अध्यक्ष ओम प्रकाश गुर्जर ने आरोप लगाया कि एक वर्ष पहले हाईकोर्ट की ओर से विभाग से जवाब मांगा गया था। लेकिन विभाग अब तक जवाब दाखिल नहीं कर पाया है। इस वजह से मामला लंबित है। वहीं एआरटीओ का कहना है कि जवाब दिया जा चुका है न्यायालय अपनी प्रक्रिया के हिसाब से फैसला सुनाएगा।
गाजियाबाद और नोएडा के लिए पांच-पांच सौ ऑटो
परिवहन विभाग की तरफ से एक हजार नए एनसीआर आटो परमिट देने के लिए 16 मई 2023 से 22 मई तक आवेदन प्रक्रिया प्रस्तावित थी। नोएडा और गाजियाबाद को 500-500 ऑटो परमिट जारी करने की योजना थी। इस आवेदन प्रक्रिया पर नोएडा की ऑटो यूनियनों के बीच रार छिड़ने के बाद एक यूनियन हाई कोर्ट चली गई।
परमिट में साठगांठ से घोटाला का आरोप
नोएडा सीएनजी ऑटो चालक एसोसिएशन के अध्यक्ष चौधरी ओमप्रकाश गुर्जर ने 1000 नए एनसीआर ऑटो परमिट जारी करने के लिए ऑटो एजेंसी से साठगांठ का आरोप लगाया था। हाई कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया कि योजना 27 मार्च 2023 को लॉन्च हुई थी, लेकिन नोएडा की ऑटो एजेंसी 23 जनवरी 2023 तक 998 बुकिंग कर चुकी थी। इससे पता चलता है की योजना लॉन्च होने से 4 महीने पहले अधिकारियों ने ऑटो एजेंसी से मिलकर इसकी सूचना लीक करवाई।