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Noida News: गांजे की तस्करी करने वाले दो इंजीनियर समेत तीन गिरफ्तार

Mon, 24 Jun 2024 08:42 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 24 Jun 2024 08:42 PM IST
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Three arrested including two engineers for smuggling ganja
- आंध्र प्रदेश से लाकर एनसीआर के पीजी और कॉलेज के पास करते थे सप्लाई
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माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। दिल्ली एनसीआर में गांजे की सप्लाई करने वाले दो इंजीनियर समेत तीन तस्करों को कोतवाली सेक्टर-24 पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार तस्करों की पहचान गोपालगंज बिहार निवासी अपूर्व राज पांडेय, वैशाली निवासी ऋषिराज कुमार और हाथरस निवासी आयुष गुप्ता के रूप में हुई। नोएडा के अलग-अलग सेक्टरों में रहने वाले तीनों आरोपी पीजी, कॉलेजों के आसपास छात्रों और नौकरी पेशा लोगों को गांजा बेचते थे। पुलिस ने तस्करों के पास से साढ़े 24 किलो गांजा बरामद किया है। जिसकी कीमत तीन लाख रुपये के करीब बताई गई है। पुलिस गिरोह में शामिल अन्य तस्करों का पता लगा रही है।

कोतवाली सेक्टर-24 पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार अपूर्व राज पांडेय और ऋषिराज ने गुजरात के विश्वविद्यालय से बीटेक पास हैं। वहीं आयुष 12वीं पास है। एडीसीपी मनीष कुमार मिश्र के मुताबिक तीनों गांजा तस्करों को सेक्टर-22 के शिवम मार्केट के पास से पकड़ा गया। पूछताछ में तीनों ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा से बैग और अटैची में गांजा भरकर नोएडा, एनसीआर क्षेत्र में लाने की बात कही है। पुलिस से बचने के लिए बैग में ऊपर कपड़े रख देते थे। आरोपी नोएडा लाने के बाद गांजे की पुड़िया बनाकर सप्लाई करते थे।
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व्हाट्स एप ग्रुप बनाकर करते से सप्लाई

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर गांजे की सप्लाई करने की बात कही है। ग्रुप में पहले से जुड़े लोग ही इसकी मांग करते थे। तस्करों ने नाम बदलकर टेलिग्राम पर ग्रुप बना रखा था। ग्रुप पर समय, स्थान और मात्रा की सूचना दी जाती थी। इसके बाद आरोपी वहां गांजा भेज देते थे। पुलिस इस ग्रुप में शामिल तस्करों व डिलिवरी करने वालों की भी तलाश कर रही है।
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पहले हैदराबाद में थे सक्रिय

पुलिस की जांच में पता चला है कि दोनों इंजीनियर पहले हैदराबाद में गांजे की तस्करी करते थे। वहां भी हैदराबाद विश्वविद्यालय के आसपास ही गांजे की सप्लाई करते थे। वहां की पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया था। जेल से छूटने के बाद दोनों ने एनसीआर में अपना ठिकाना बना लिया। पूछताछ में पता चला कि युवाओं के बीच पर्वतीय गांजे की डिमांड सबसे अधिक थी। इस कारण आंध्र व ओडिशा के गांजे की सबसे अधिक बिक्री होती थी।
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