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नेपाली नागरिकों के फर्जी दस्तावेज बनाने वाले तीन गिरफ्तार
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नोएडा। नेपाली नागरिकों को म्यूजिक कंसर्ट में शामिल होने के नाम पर नोएडा बुलाकर उनके फर्जी दस्तावेज बना बैंक अकाउंट खोलकर फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह के तीन अन्य आरोपियों को कोतवाली सेक्टर-49 पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान कुशीनगर निवासी बिट्टू उर्फ कुणाल प्रजापति, पालम निवासी सुनील कुमार और मैनपुरी निवासी सुदीप कुमार के रूप में हुई है। इनमें बिट्टू दुकान और सुनील आंध्रा बैंक में आधार कार्ड सेंटर चलाता है। पुलिस ने इनके पास से कंप्यूटर, लैपटॉप व अन्य कागजात बरामद किए हैं। बीते शुक्रवार को कमिश्नरेट पुलिस ने इस गिरोह का खुलासा कर मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि आरोपी नेपाल से भोले भाले लोगों को म्यूजिक कंसर्ट के नाम पर नोएडा बुलाते थे और इनके फोटो व फर्जी कागजात से सिम दिलवा देते थे। आधार कार्ड बनाकर इनका खाता भी खुलवा देते थे। इन खातों में साइबर ठगी के पैसे मंगवाए जाते थे। पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी अशोक कुमार यादव, कमल रवि लाल शर्मा और गीता शर्मा उर्फ गीता छेत्री को गिरफ्तार किया था। जांच के बाद गिरोह में शामिल तीन और आरोपियों को सोमवार को मुनिरका, दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। एडीसीपी ने बताया कि बिट्टू की मुनिरका में दुकान है। उसके पास पहले आधार कार्ड व पैन कार्ड बनाने का लाइसेंस था। 2018 में आधार कार्ड बनाने का लाइसेंस बैंकों के पास चला गया तब से वह पैन कार्ड बनाने का काम करता है। मुनिरका में ही उसकी मुलाकात आरोपी कमल रवि लाल शर्मा से हुई थी। तब से ही बिट्टू नेपाली नागरिकों के आधार कार्ड व पैन कार्ड बनाता था। इसमें फर्जी दस्तावेेेेज का इस्तेमाल करता था। इसके बाद इस गिरोह में आंध्रा बैंक में आधार कार्ड सेंटर चलाने वाले सुनील कुमार को जोड़ा। सुनील को तीसरे आरोपी सुदीप ने एक फर्जी मुहर दी थी। इस मुहर का नेपाली दस्तावेज पर इस्तेमाल किया जाता था। आंध्रा बैंक में सुनील फार्म को बिना चेक किए स्कैन कर नेपाली लोगों के फिंगरप्रिंट व बायोमैट्रिक पहचान लेकर आगे आधार केन्द्र को भेज देता था। इसी तरह आधार कार्ड बनवाए जाते थे।
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एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि आरोपी नेपाल से भोले भाले लोगों को म्यूजिक कंसर्ट के नाम पर नोएडा बुलाते थे और इनके फोटो व फर्जी कागजात से सिम दिलवा देते थे। आधार कार्ड बनाकर इनका खाता भी खुलवा देते थे। इन खातों में साइबर ठगी के पैसे मंगवाए जाते थे। पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी अशोक कुमार यादव, कमल रवि लाल शर्मा और गीता शर्मा उर्फ गीता छेत्री को गिरफ्तार किया था। जांच के बाद गिरोह में शामिल तीन और आरोपियों को सोमवार को मुनिरका, दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। एडीसीपी ने बताया कि बिट्टू की मुनिरका में दुकान है। उसके पास पहले आधार कार्ड व पैन कार्ड बनाने का लाइसेंस था। 2018 में आधार कार्ड बनाने का लाइसेंस बैंकों के पास चला गया तब से वह पैन कार्ड बनाने का काम करता है। मुनिरका में ही उसकी मुलाकात आरोपी कमल रवि लाल शर्मा से हुई थी। तब से ही बिट्टू नेपाली नागरिकों के आधार कार्ड व पैन कार्ड बनाता था। इसमें फर्जी दस्तावेेेेज का इस्तेमाल करता था। इसके बाद इस गिरोह में आंध्रा बैंक में आधार कार्ड सेंटर चलाने वाले सुनील कुमार को जोड़ा। सुनील को तीसरे आरोपी सुदीप ने एक फर्जी मुहर दी थी। इस मुहर का नेपाली दस्तावेज पर इस्तेमाल किया जाता था। आंध्रा बैंक में सुनील फार्म को बिना चेक किए स्कैन कर नेपाली लोगों के फिंगरप्रिंट व बायोमैट्रिक पहचान लेकर आगे आधार केन्द्र को भेज देता था। इसी तरह आधार कार्ड बनवाए जाते थे।
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