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Noida News: बेरोजगारों से बैंक खाते खरीदकर साइबर ठगों को बेचने वाले तीन गिरफ्तार

Mon, 11 Mar 2024 01:13 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 11 Mar 2024 01:13 AM IST
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Three arrested for buying bank accounts from unemployed and selling them to cyber thugs
बेरोजगारों से बैंक खाते खरीदकर साइबर ठगों को बेचने वाले तीन गिरफ्तार
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-गिरोह का सरगना पुलिस की पकड़ से दूर, तलाश में दो टीमें संभावित ठिकानों पर दे रहीं दबिश



माई सिटी रिपोर्टर



नोएडा। मजदूरों, बेरोजगारों से 500 रुपये में बैंक खाते खरीदकर ठगों को 12 हजार में बेचने वाले गैंग के तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद भी खाते खुलवाते थे। इसके बाद खाता संख्या, मोबाइल सिम, नेटबैंकिंग की जानकारी साइबर ठगों को पहुंचाते थे। आरोपियों ने अब तक 20 लोगों के खाते खुलवाने की बात कबूली है। वहीं, पुलिस का कहना है कि तीनों ने सौ से अधिक लोगों के खाते खुलवाकर ठगों को बेचा है। आरोपियों के कब्जे से तीन चेकबुक, एटीएम कार्ड, दो सिम कार्ड और 1370 रुपये की नकदी समेत पूरी किट बरामद हुई है।
सेक्टर-63 पुलिस के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों की पहचान सहारनपुर के खुजनवार गांव निवासी जावेद राव, जावेद और मेरठ के सलापुर गांव निवासी नौबहार के रूप में हुई है। एसीपी दीक्षा सिंह ने बताया कि पूछताछ में तीनों ने बताया कि वह बेरोजगार युवकों और मजदूरों से संपर्क करते थे और बैंक खाता खुलवाने के लिए 500 रुपये देते थे। खाता खुलने के बाद उनका पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, पिन, इंटरनेट बैंकिंग की यूजर आईडी व पासवर्ड और खाते से लिंक सिम कार्ड अपने पास ही रख लेते थे। इसके बाद आरोपी इन सारे दस्तावेजों को अलग-अलग तरीके से साइबर ठगी करने वाले गिरोह के सरगना को 10 से 12 हजार रुपये में बेच देते थे। वहां से पैसा मिलने के बाद गिरोह के सदस्य मूल खाता धारकों को तीन से पांच हजार रुपये दोबारा दे देते थे।
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आरोपियों को नहीं है जानकारी



पूछताछ में यह भी सामने आया है कि तीनों आरोपियों को यह भी पता नहीं है कि जिन खातों को वह बेच रहे थे, उनका इस्तेमाल किस प्रकार की ठगी में हो रहा है। उनके अनुसार उन्होंने सोशल मीडिया पर विज्ञापन देखने के बाद ही सरगना आसिफ से मोबाइल पर संपर्क किया था। तीनों से मुलाकात करने के लिए आसिफ नोएडा आता था और सदस्यों को खाते खरीदने और बेचने का लक्ष्य देता था। लेकिन उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि उनको वह खाता बेच रहे हैं वह कौन लोग हैं।
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कई और शहरों में भी हो सकते हैं गिरोह सक्रिय

अंदाजा लगाया जा रहा है कि नोएडा की तरह आसिफ ने अन्य शहरों में भी इसी तरह के गिरोह सक्रिय कर रखे हों। आसिफ और गिरफ्तार तीनों आरोपियों का पुलिस आपराधिक इतिहास पता कर रही है। सभी आरोपी 10वीं से 12वीं पास हैं। दस्तावेज और सिम का इस्तेमाल राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में भी होने के पहलू पर भी जांच की जा रही है। फरार सरगना की तलाश में पुलिस जगह-जगह दबिश भी दे रही है।
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