{"_id":"6683437709bc3f5dd705a724","slug":"there-was-a-scuffle-among-the-patients-in-an-attempt-to-be-shown-first-na-news-c-30-gbd1013-410322-2024-07-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: पहले दिखाने के प्रयास में मरीजों में हुई धक्का-मुक्की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: पहले दिखाने के प्रयास में मरीजों में हुई धक्का-मुक्की
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजियाबाद। एमएमजी अस्पताल में मरीजों की भीड़ अधिक होने से मरीजों की कई बार ओपीडी में पहले दिखाने के प्रयास में धक्का-मुक्की हुई। उमस भरी गर्मी बढ़ने के साथ सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। एमएमजी अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आलोक रंजन की ड्यूटी दिव्यांग बोर्ड में होने से ओपीडी में मरीजों की भीड़ बढ़ गई थी। बोर्ड से ओपीडी में पहुंचे तो मरीजों ने पहले दिखाने के प्रयास में धक्का-मुक्की करना शुरू कर दिया था। इस समय उल्टी-दस्त से बीमार सबसे अधिक बच्चे आ रहे हैं। इमरजेंसी में एक बेड पर दो-दो बच्चे भर्ती किए जा रहे हैं।
सोमवार को अन्य दिनों की अपेक्षा ओपीडी में 40 फीसदी अधिक यानी 1,806 नए मरीजों का रजिस्ट्रेशन हुआ, जबकि 1,500 पुराने मरीज इलाज कराने पहुंचे थे। इनमें बुखार के 258 मरीज थे। वहीं, संजयनगर स्थित संयुक्त अस्पताल में 930 नए मरीजों का पंजीकरण हुआ, जबकि 650 पुराने मरीज थे। इनमें से 210 बुखार से बीमार थे। सीएमएस डॉ. राकेश कुमार सिंह ने बताया कि उमस भरी गर्मी के कारण ओपीडी में पहुंचे मरीजों को सबसे अधिक परेशानी सिर दर्द, बेचैनी, बुखार, शरीर में दर्द की परेशानी, चक्कर आने, उल्टी होने, पसीना अधिक आने, मांसपेशियों और पेट के निचले हिस्से में दर्द की परेशानी हो रही थी। उन्होंने बताया कि 102 मरीजों का इलाज इमरजेंसी में किया गया। इनमें से 36 मरीजों को भर्ती किया गया। इस समय अलग-अलग वार्डों में कुल 96 मरीज भर्ती हैं।
56 बच्चों समेत 262 को लगा एआरवी
सोमवार को जिले में 56 बच्चों समेत 262 घायलों को एंटीरेबीज का पहला डोज लगाया गया। जबकि जिले में 363 लोगों को दूसरा व तीसरा डोज लगाया गया। सबसे अधिक एमएमजी अस्पताल में 151 और संयुक्त अस्पताल में 141 घायलों को दूसरा व तीसरा डोज लगवाया गया। एंटीरेबीज के नोडल अधिकारी डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि इस समय सभी सीएचसी व पीएचसी पर एंटीरेबीज के टीके लगाए जा रहे हैं, इसके अलावा चार नए केंद्र भी खोले गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोमवार को अन्य दिनों की अपेक्षा ओपीडी में 40 फीसदी अधिक यानी 1,806 नए मरीजों का रजिस्ट्रेशन हुआ, जबकि 1,500 पुराने मरीज इलाज कराने पहुंचे थे। इनमें बुखार के 258 मरीज थे। वहीं, संजयनगर स्थित संयुक्त अस्पताल में 930 नए मरीजों का पंजीकरण हुआ, जबकि 650 पुराने मरीज थे। इनमें से 210 बुखार से बीमार थे। सीएमएस डॉ. राकेश कुमार सिंह ने बताया कि उमस भरी गर्मी के कारण ओपीडी में पहुंचे मरीजों को सबसे अधिक परेशानी सिर दर्द, बेचैनी, बुखार, शरीर में दर्द की परेशानी, चक्कर आने, उल्टी होने, पसीना अधिक आने, मांसपेशियों और पेट के निचले हिस्से में दर्द की परेशानी हो रही थी। उन्होंने बताया कि 102 मरीजों का इलाज इमरजेंसी में किया गया। इनमें से 36 मरीजों को भर्ती किया गया। इस समय अलग-अलग वार्डों में कुल 96 मरीज भर्ती हैं।
विज्ञापन
56 बच्चों समेत 262 को लगा एआरवी
सोमवार को जिले में 56 बच्चों समेत 262 घायलों को एंटीरेबीज का पहला डोज लगाया गया। जबकि जिले में 363 लोगों को दूसरा व तीसरा डोज लगाया गया। सबसे अधिक एमएमजी अस्पताल में 151 और संयुक्त अस्पताल में 141 घायलों को दूसरा व तीसरा डोज लगवाया गया। एंटीरेबीज के नोडल अधिकारी डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि इस समय सभी सीएचसी व पीएचसी पर एंटीरेबीज के टीके लगाए जा रहे हैं, इसके अलावा चार नए केंद्र भी खोले गए हैं।
विज्ञापन