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Noida News: सर्द रात में सड़क बनी थी बिछौना, अब बने किसी का सपना सलोना

Tue, 28 Oct 2025 02:27 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 28 Oct 2025 02:27 AM IST
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The road became a bed on a cold night, now it has become someone's dream.
कानपुर। मां हमारी क्या गलती थी जो नौ माह कोख में रखने के बाद हमें सुनसान जगह पर लावारिस छोड़ दिया। दिसंबर और जनवरी की कड़ाके की ठंड में भी यह करते हुए आपके हाथ नहीं कांपे। आपने एक बार भी नहीं सोचा कि नन्हीं सी जान का खुले आसमान के नीचे, ओस और ठंड से क्या हाल होगा। मगर किस्मत ने हमारा साथ दिया और सुबह के सूरज ने हमारे भाग्य का उदय किया। राजकीय शिशु गृह में लालन पालन के बाद अब हम अपनी यशोदा मां के साथ जा रहे हैं। शायद कुछ ऐसा ही कहना चाहते होंगे सोमवार को शिशु गृह से गोद लिए गए रायिनी, वान्या और आयांस का। यह नाम भी उन्हें उनके नए माता पिता ने दिए।
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जिला प्रोबेशन विभाग की ओर से बीते वर्ष शहर में बच्चों को गोद देने की व्यवस्था शुरू की गई है। इसके तहत सोमवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कलक्ट्रेट सभागार में तीन दंपती को दत्तक ग्रहण योजना के तहत बच्चों को गोद लेने का प्रमाण पत्र सौंपा। यह तीनों बच्चे ठंड में सुनसान स्थान पर मिले थे। बच्चों के रोने की आवाज सुनकर लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस ने नजीराबाद और अनवरगंज से दो बेटियों व कोतवाली क्षेत्र से एक बेटे को हैलट में भर्ती कराया था। स्वास्थ्य में सुधार होने पर तीनों को राजकीय शिशु गृह में भेजा गया जहां उन्हें परी, सोना और करन नाम मिले। डीएम ने सोमवार को तीनों दंपती को नए जीवन की शुरुआत पर शुभकामनाएं दीं। मौके पर एडीएम सिटी डॉ. राजेश कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास सिंह मौजूद रहे।
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सालों बाद पूरा हुआ गोद भरने का सपना
हैदराबाद निवासी प्रवीण कुमार दीवानजी और लता श्रीवास्तव ने बताया कि उनकी शादी 10 साल पहले हुई लेकिन उन्हें संतान प्राप्ति नहीं हुई। इस पर उन्होंने बच्चे को गोद लेने का निर्णय लिया। चार साल पहले इसके लिए आवेदन किया था। उन्हें अगस्त में बच्चा मिला लेकिन कानूनी रूप से सोमवार को डीएम ने प्रमाण पत्र सौंपा। इस दौरान ही परी को नया नाम रायिनी दिया। वहीं धनबाद (झारखंड) निवासी दिनेश कुमार तिवारी और अनामिका तिवारी ने बताया कि शादी के 12 साल बाद भी संतान नहीं हुई। इस पर तीन वर्ष पहले बच्चा गोद लेने के लिए आवेदन किया था। उन्होंने करन को गोद लिया है। जयपुर निवासी भीमराज और मीना देवी की शादी 13 साल पहले हुई थी। बच्चे नहीं होने से वह भी दुखी थे। सितंबर में सोना को गोद लिया था इसका अधिकारिक रूप से प्रमाणपत्र सोमवार को मिला।
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