{"_id":"62e2e95f3b34a009524172c2","slug":"the-risk-of-hepatitis-increased-400-suspected-patients-are-getting-daily-noida-news-noi662006645","type":"story","status":"publish","title_hn":"हेपेटाइटिस का खतरा बढ़ा, रोजाना मिल रहे 400 संदिग्ध मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हेपेटाइटिस का खतरा बढ़ा, रोजाना मिल रहे 400 संदिग्ध मरीज
विज्ञापन
नोएडा। कोरोना और मंकीपॉक्स के बीच एक और बीमारी तेजी से फैल रही है। जिले में बीते 76 दिनों में दूषित पानी व खाना खाने से बीमार हुए हेपेटाइटिस के करीब तीस हजार संदिग्ध मरीज मिले हैं। इस तरह रोजाना करीब 400 संदिग्ध मरीज सामने आ रहे हैं। इनकी जांच के लिए नमूने मेरठ मेडिकल कॉलेज भेजे जा रहे हैं। लक्षणों के आधार पर इनमें हेपेटाइटिस ए और ई के मरीजों की संख्या 50 प्रतिशत से अधिक बताई जा रही है, जबकि 121 मरीजों में हेपेटाइटिस बी और सी की पुष्टि हो गई है।
हेपेटाइटिस मरीजों के उपचार के लिए मेरठ मेडिकल कॉलेज को नोडल ट्रीटमेंट सेंटर बनाया गया है, जबकि जिला स्तर पर सेक्टर-30 स्थित संयुक्त चिकित्सालय में उपचार की व्यवस्था है। 13 मई के बाद से संदिग्ध मरीजों की जांच के लिए नमूने मेरठ मेडिकल कॉलेज भेजे जा रहे हैं। 27 जुलाई तक 29,470 नमूने जांच के लिए मेरठ भेजे गए। 14,833 नमूनों की जांच में अब तक 74 मरीजों में हेपेटाइटिस बी की पुष्टि हुई है, जबकि 14,637 की जांच में 47 हेपेटाइटिस सी के पुष्ट मरीज मिले हैं। कई मरीज लीवर सिरोसिस की चपेट में चले गए हैं। तेजी से बढ़ रही मरीजों की संख्या ने स्वास्थ्य महकमे की चिंता बढ़ा दी है। मरीजों की पहचान और उपचार के पुख्ता बंदोबस्त के दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
दूषित पानी बना रहा बीमार
हेपेटाइटिस ए और ई का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। अस्पतालों में गैस्ट्रो की ओपीडी मरीजों से भरी हैं। हालांकि, बेड रेस्ट और समय पर दवाओं व पौष्टिक आहार के सेवन से मरीज कुछ समय में ठीक हो जाते हैं, लेकिन सोच-समझकर की पानी का सेवन करें। खुले में बिकने वाले खाने के उत्पादों से भी परहेज करें।
विज्ञापन
लोगाें को होना पड़ेगा सतर्क
फेलिक्स अस्पताल के गैस्ट्रो विभाग के हेड डॉ. संचित ने बताया कि हेपेटाइटिस बीमारी तेजी से बढ़ रही है। लोगों को सतर्क होना पड़ेगा, क्योंकि यह बीमारी एक बार हो गई तो मुसीबत तय है। दवाओं के सहारे ही जीवनयापन करना पड़ा है। ब्लड ट्रांसफ्यूजन व डायलिसिस हर किसी को बेहद ध्यान से करना चाहिए। दूषित पानी और खानपान से हेपेटाइटिस ए व ई का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। बी और सी के मरीजों में भी इजाफा देखा जा रहा है जो चिंता का सबब है।
विज्ञापन
हेपेटाइटिस मरीजों के उपचार के लिए मेरठ मेडिकल कॉलेज को नोडल ट्रीटमेंट सेंटर बनाया गया है, जबकि जिला स्तर पर सेक्टर-30 स्थित संयुक्त चिकित्सालय में उपचार की व्यवस्था है। 13 मई के बाद से संदिग्ध मरीजों की जांच के लिए नमूने मेरठ मेडिकल कॉलेज भेजे जा रहे हैं। 27 जुलाई तक 29,470 नमूने जांच के लिए मेरठ भेजे गए। 14,833 नमूनों की जांच में अब तक 74 मरीजों में हेपेटाइटिस बी की पुष्टि हुई है, जबकि 14,637 की जांच में 47 हेपेटाइटिस सी के पुष्ट मरीज मिले हैं। कई मरीज लीवर सिरोसिस की चपेट में चले गए हैं। तेजी से बढ़ रही मरीजों की संख्या ने स्वास्थ्य महकमे की चिंता बढ़ा दी है। मरीजों की पहचान और उपचार के पुख्ता बंदोबस्त के दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
दूषित पानी बना रहा बीमार
हेपेटाइटिस ए और ई का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। अस्पतालों में गैस्ट्रो की ओपीडी मरीजों से भरी हैं। हालांकि, बेड रेस्ट और समय पर दवाओं व पौष्टिक आहार के सेवन से मरीज कुछ समय में ठीक हो जाते हैं, लेकिन सोच-समझकर की पानी का सेवन करें। खुले में बिकने वाले खाने के उत्पादों से भी परहेज करें।
विज्ञापन
लोगाें को होना पड़ेगा सतर्क
फेलिक्स अस्पताल के गैस्ट्रो विभाग के हेड डॉ. संचित ने बताया कि हेपेटाइटिस बीमारी तेजी से बढ़ रही है। लोगों को सतर्क होना पड़ेगा, क्योंकि यह बीमारी एक बार हो गई तो मुसीबत तय है। दवाओं के सहारे ही जीवनयापन करना पड़ा है। ब्लड ट्रांसफ्यूजन व डायलिसिस हर किसी को बेहद ध्यान से करना चाहिए। दूषित पानी और खानपान से हेपेटाइटिस ए व ई का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। बी और सी के मरीजों में भी इजाफा देखा जा रहा है जो चिंता का सबब है।