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Noida News: आसान नहीं उच्च शिक्षा की डगर, बस पास होने पर भी किराया दे रहे विद्यार्थी

Sat, 22 Nov 2025 12:32 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा Updated Sat, 22 Nov 2025 12:32 AM IST
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The path to higher education is not easy, students are paying rent even after passing the bus
यमुनानग स्टैंड पर बस में चढ़ने के लिए जद्दोजहद करते लोग। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। जिले में ग्रामीण क्षेत्रों की लड़कियों के लिए उच्च शिक्षा की डगर आसान नहीं है। मुख्य शिक्षण संस्थान यमुनानगर में होने के कारण लड़कियों को बसों से आना पड़ता है। किसी भी गांव में लड़कियों के लिए अलग से बस सर्विस की सुविधा नहीं है। इससे लड़कियां निजी वाहनों पर निर्भर होकर रह गई है। बस पास होकर भी ज्यादातर छात्र-छात्राएं किराया खर्च कर शिक्षण संस्थानों में आना-जाना कर रहे हैं।
घर से 40 किलोमीटर का सफर तक कर छात्राएं यमुनानगर आती हैं। सफर भले ही कम दूरी का हो, लेकिन बसों की कमी के चलते लड़कियों को यह सफर तय करने में घंटों का समय लग जाता है। कॉलेज जाने वाली छात्राएं रीना, आस्था, काव्या व आयशा ने बताया कि अपने कॉलेज में समय पर पहुंच सके इसके लिए छात्राएं अपने गांव के बस अड्डा पर सुबह ही आ जाती हैं। यहां खड़े होकर उनको बसों का इंतजार करना पड़ता है।
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बसों की कमी होने के कारण लड़कियों को भीड़ से खचाखच भरी बसों में बैठकर सफर करना पड़ता है।
बसें छोड़ने पर निजी वाहनों में सफर कर छात्राओं को संस्थान तक आना पड़ता है। निजी वाहनों में रोडवेज बस की अपेक्षा किराया अधिक देना पड़ता है। बसों की मांग को लेकर कई बार विद्यार्थी ग्रामीण क्षेत्रों में प्रदर्शन कर चुके हैं। आश्वासन के सिवाय उनको कुछ नहीं मिला। बसों की स्थिति आज भी जस की तस बनी है।
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उपमंडल व्यासपुर से रोजाना 800 से ज्यादा लड़कियां यमुनानगर में शिक्षा ग्रहण करने आती हैं। लड़कियां तैयार होकर सुबह ही बस स्टैंड पहुंच जाती हैं। बस सर्विस कम होने के कारण उनको इंतजार करना पड़ता है। लंबे इंतजार के बाद उनको बस मिलती है।
इससे वह देरी से शिक्षण संस्थान तक आती हैं। बसों की कमी के चलते ही उन्हें छुट्टी के बाद शाम को घर पहुंचने में अंधेरा हो जाता है। देर से घर पहुंचने वाली छात्राओं को मोहल्ले या गांव के लोग शक की नजरों से देखते हैं।
रणजीतपुर, सुलतानपुर, भगवानपुर, काठगढ़, धनौरा, मुगलवाली, रामपुर, संधाय, रादौर के साथ बापा, सढूरा, धौलरा, कांजनू, जुब्बल, अलाहर, बकाना, चमरोड़ी, नागल, दोहली, जठलाना, दामला, सरस्वतीनगर क्षेत्र के तलाकौर, अमली, खेड़ी, भगवानपुर, सुलतानपुर, मघरपुर, सुखदासपुर, माली माजरा, ऊंचा चांदना, दौलतपुर आदि के विद्यार्थी बसों की कमी से परेशान हैं।

जिन रूटों पर बसों की कमी है वहां पर जरूरत के हिसाब से बसों की संख्या बढ़ाई जा रही है। प्रयास यही है कि बसों की कमी के बावजूद यात्रियों को कोई परेशानी न होने दी जाए। बसों की कमी के बारे में मुख्यालय लिखा है। - संजय रावल, महाप्रबंधक, यमुनानगर रोडवेज डिपो।
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