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Noida News: 75 फीसदी अंक लाने पर ही मिलेगा निपुण का दर्जा
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की शैक्षिक दक्षता का आकलन दिसंबर में निपुण एप से किया जाएगा। जिले के 480 परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थियों की सीखने और समझने की क्षमता परखी जाएगी। इस बार पूरी मूल्यांकन प्रक्रिया डिजिटल होगी। बच्चों से सवाल पूछने और उनके जवाब दर्ज करने के लिए निपुण प्लस एप का इस्तेमाल किया जाएगा।
एसआरजी रश्मि त्रिपाठी ने बताया कि भारत निपुण मिशन के तहत होने वाले इस आकलन का उद्देश्य यह जानना है कि विद्यार्थी अपनी कक्षा के निर्धारित शैक्षिक लक्ष्यों को किस हद तक हासिल कर पाए हैं। इसमें भाषा, गणित, पढ़ने की क्षमता और विषयों की बुनियादी समझ का मूल्यांकन किया जाएगा। आकलन में 75 प्रतिशत या उससे अधिक प्रश्नों के सही उत्तर देने वाले विद्यार्थियों को निपुण घोषित किया जाएगा। वहीं, किसी विद्यालय के 80 प्रतिशत या अधिक बच्चों के निपुण होने पर उसे निपुण विद्यालय का दर्जा मिलेगा।
डीएलएड प्रशिक्षु करेंगे मूल्यांकन
बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने बताया कि परीक्षा की जिम्मेदारी डीएलएड प्रशिक्षुओं की भी रहेगी। वे विद्यालयों में पहुंचकर निर्धारित मानकों के अनुसार बच्चों का आकलन करेंगे और परिणाम निपुण प्लस एप पर दर्ज करेंगे। इससे प्रत्येक विद्यालय की शैक्षिक स्थिति का पता चल सकेगा। जिन बच्चों का प्रदर्शन निर्धारित स्तर से कम रहेगा, उन्हें चिह्नित कर विशेष शिक्षण के माध्यम से उनकी कमजोरियों को दूर किया जाएगा।
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ग्रेटर नोएडा। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की शैक्षिक दक्षता का आकलन दिसंबर में निपुण एप से किया जाएगा। जिले के 480 परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थियों की सीखने और समझने की क्षमता परखी जाएगी। इस बार पूरी मूल्यांकन प्रक्रिया डिजिटल होगी। बच्चों से सवाल पूछने और उनके जवाब दर्ज करने के लिए निपुण प्लस एप का इस्तेमाल किया जाएगा।
एसआरजी रश्मि त्रिपाठी ने बताया कि भारत निपुण मिशन के तहत होने वाले इस आकलन का उद्देश्य यह जानना है कि विद्यार्थी अपनी कक्षा के निर्धारित शैक्षिक लक्ष्यों को किस हद तक हासिल कर पाए हैं। इसमें भाषा, गणित, पढ़ने की क्षमता और विषयों की बुनियादी समझ का मूल्यांकन किया जाएगा। आकलन में 75 प्रतिशत या उससे अधिक प्रश्नों के सही उत्तर देने वाले विद्यार्थियों को निपुण घोषित किया जाएगा। वहीं, किसी विद्यालय के 80 प्रतिशत या अधिक बच्चों के निपुण होने पर उसे निपुण विद्यालय का दर्जा मिलेगा।
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डीएलएड प्रशिक्षु करेंगे मूल्यांकन
बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने बताया कि परीक्षा की जिम्मेदारी डीएलएड प्रशिक्षुओं की भी रहेगी। वे विद्यालयों में पहुंचकर निर्धारित मानकों के अनुसार बच्चों का आकलन करेंगे और परिणाम निपुण प्लस एप पर दर्ज करेंगे। इससे प्रत्येक विद्यालय की शैक्षिक स्थिति का पता चल सकेगा। जिन बच्चों का प्रदर्शन निर्धारित स्तर से कम रहेगा, उन्हें चिह्नित कर विशेष शिक्षण के माध्यम से उनकी कमजोरियों को दूर किया जाएगा।
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