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Noida News: शतरंज की बिसात पर दौड़ेंगे होनहारों के दिमागी घोड़े
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शतरंज की बिसात पर दौड़ेंगे होनहारों के दिमागी घोड़े
- 30 सितंबर तक स्कूल स्तर पर अमर उजाला जूनियर शतरंज महोत्सव में मचेगा धमाल
- अक्तूबर के पहले सप्ताह में अमर उजाला परिसर में होगा ग्रैंड फिनाले का आयोजन
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। आखिरकार वो घड़ी आ ही गई, जिसका स्कूल के विद्यार्थी बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। अमर उजाला परिवार गौतमबुद्धनगर जिला शतरंज एसोसिएशन के साथ मिलकर 12 साल व इससे ऊपर के आयु समूह में स्कूल स्तर पर शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन वृहद स्तर पर कराने जा रहा है। इस आयोजन को लेकर विद्यार्थियों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रतियोगिता के आयोजन को लेकर स्कूलों में पोस्टर चस्पा कर दिए गए हैं। कई स्कूलों से प्रतिभागियों के फोन कॉल भी अमर उजाला के प्रतिनिधियों के पास आने शुरू हो गए हैं। विद्यार्थी व शतरंज खिलाड़ी इस आयोजन को लेकर काफी उत्साहित हैं।
अमर उजाला अपने सामाजिक दायित्वों के तहत जूनियर शतरंज माहेत्सव का आयोजन कराने जा रहा है। शतरंज महोत्सव के तहत दो चरणों में प्रतियोगिता का आयोजन होगा। पहले चरण में स्कूलों में 30 सितंबर तक प्रतियोगिता का आयोजन कराया जाएगा। इसमें अंडर-12 और इससे ऊपर आयु वर्ग के खिलाड़ी हिस्सा ले सकेंगे। प्रतियोगिता के दौरान अमर उजाला के प्रतिनिधि लाइव कवरेज करेंगे और उसके परिणाम भी प्राथमिकता के साथ प्रकाशित किया जाएगा। विजेता बच्चों को अमर उजाला और जिला गौतमबुद्धनगर चेस स्पोर्ट्स एसोसिएशन (रजिस्टर्ड) के संयुक्त तत्वावधान में अक्तूबर में आयोजित होने वाले ग्रैंड फिनाले मेंं शामिल किया जाएगा। यहां जीत हासिल करने वाले बच्चों को पदक, सहभागिता प्रमाण पत्र व उपहार देकर सम्मानित किया जाएगा।
अमर उजाला का यह कदम सराहनीय है। शतरंज खेल को लेकर प्रमोशनल एक्टिविटी जरूरी है। खेल व खिलाड़ियों के विकास के लिए अधिक से अधिक प्रशिक्षण कार्यक्रम किए जाने चाहिए।- रवि शुक्ला, अंतराष्ट्रीय रेटेड खिलाड़ी व पूर्व स्टेट चैंपियन।
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शतरंज एकाग्रता व बौद्धिक स्तर बढ़ाने वाला खेल है। इसमें बच्चों के प्रदर्शन को लेकर अभिभावकोंं को भी धैर्य रखने की जरूरत है। खेल को बढ़ावा देने के लिए अमर उजाला का प्रयास तारीफ के काबिल है। अन्य कॉरपोरेट सेक्टर को भी इसी तरह से आगे आना चाहिए।- केसी जोशी, सचिव गौतमबुद्धनगर चेस स्पोर्ट्स एसोसिएशन।
शतरंज खेलने के फायदे
1. एकाग्रता और फोकस को बढ़ाता है- शतरंज खेलने वाले व्यक्ति की एकाग्रता और फोकस करने की क्षमता अन्य की तुलना में बहुत अधिक होती है।
2. फैसले लेने की क्षमता का विकास करता है - शतरंज व्यक्ति के सोचने की क्षमता को एक नए आयाम पर ले जाता है। साथ ही, शतरंज बच्चे के फैसले लेने की क्षमता का भी विकास करता है ।
3. प्लानिंग, विश्वास, अनुशासन सिखाता है- चेस खेलने से बच्चे अनुशासित बनते हैं और समय का सही उपयोग करना सीखते हैं।
4. चेस खेलने से गणित और विज्ञान विषयों पर अच्छी पकड़ बनती है- चेस खेलने से गणित का कैलकुलेशन करना बहुत सरल लगने लगता है। चेस खेलने वालों का गणित अच्छा होता है ।
5. गहराई से सोचने और खोज करने की प्रवृत्ति को बढ़ाता है- कल्पना का विकास होता है, जो भविष्य के बारे में सोचने की क्षमता को बढ़ाता है। क्या सही, क्या गलत आगे क्या करना सही रहेगा, यह सोचते की क्षमता देता है ।
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- 30 सितंबर तक स्कूल स्तर पर अमर उजाला जूनियर शतरंज महोत्सव में मचेगा धमाल
- अक्तूबर के पहले सप्ताह में अमर उजाला परिसर में होगा ग्रैंड फिनाले का आयोजन
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। आखिरकार वो घड़ी आ ही गई, जिसका स्कूल के विद्यार्थी बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। अमर उजाला परिवार गौतमबुद्धनगर जिला शतरंज एसोसिएशन के साथ मिलकर 12 साल व इससे ऊपर के आयु समूह में स्कूल स्तर पर शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन वृहद स्तर पर कराने जा रहा है। इस आयोजन को लेकर विद्यार्थियों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रतियोगिता के आयोजन को लेकर स्कूलों में पोस्टर चस्पा कर दिए गए हैं। कई स्कूलों से प्रतिभागियों के फोन कॉल भी अमर उजाला के प्रतिनिधियों के पास आने शुरू हो गए हैं। विद्यार्थी व शतरंज खिलाड़ी इस आयोजन को लेकर काफी उत्साहित हैं।
अमर उजाला अपने सामाजिक दायित्वों के तहत जूनियर शतरंज माहेत्सव का आयोजन कराने जा रहा है। शतरंज महोत्सव के तहत दो चरणों में प्रतियोगिता का आयोजन होगा। पहले चरण में स्कूलों में 30 सितंबर तक प्रतियोगिता का आयोजन कराया जाएगा। इसमें अंडर-12 और इससे ऊपर आयु वर्ग के खिलाड़ी हिस्सा ले सकेंगे। प्रतियोगिता के दौरान अमर उजाला के प्रतिनिधि लाइव कवरेज करेंगे और उसके परिणाम भी प्राथमिकता के साथ प्रकाशित किया जाएगा। विजेता बच्चों को अमर उजाला और जिला गौतमबुद्धनगर चेस स्पोर्ट्स एसोसिएशन (रजिस्टर्ड) के संयुक्त तत्वावधान में अक्तूबर में आयोजित होने वाले ग्रैंड फिनाले मेंं शामिल किया जाएगा। यहां जीत हासिल करने वाले बच्चों को पदक, सहभागिता प्रमाण पत्र व उपहार देकर सम्मानित किया जाएगा।
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अमर उजाला का यह कदम सराहनीय है। शतरंज खेल को लेकर प्रमोशनल एक्टिविटी जरूरी है। खेल व खिलाड़ियों के विकास के लिए अधिक से अधिक प्रशिक्षण कार्यक्रम किए जाने चाहिए।- रवि शुक्ला, अंतराष्ट्रीय रेटेड खिलाड़ी व पूर्व स्टेट चैंपियन।
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शतरंज एकाग्रता व बौद्धिक स्तर बढ़ाने वाला खेल है। इसमें बच्चों के प्रदर्शन को लेकर अभिभावकोंं को भी धैर्य रखने की जरूरत है। खेल को बढ़ावा देने के लिए अमर उजाला का प्रयास तारीफ के काबिल है। अन्य कॉरपोरेट सेक्टर को भी इसी तरह से आगे आना चाहिए।- केसी जोशी, सचिव गौतमबुद्धनगर चेस स्पोर्ट्स एसोसिएशन।
शतरंज खेलने के फायदे
1. एकाग्रता और फोकस को बढ़ाता है- शतरंज खेलने वाले व्यक्ति की एकाग्रता और फोकस करने की क्षमता अन्य की तुलना में बहुत अधिक होती है।
2. फैसले लेने की क्षमता का विकास करता है - शतरंज व्यक्ति के सोचने की क्षमता को एक नए आयाम पर ले जाता है। साथ ही, शतरंज बच्चे के फैसले लेने की क्षमता का भी विकास करता है ।
3. प्लानिंग, विश्वास, अनुशासन सिखाता है- चेस खेलने से बच्चे अनुशासित बनते हैं और समय का सही उपयोग करना सीखते हैं।
4. चेस खेलने से गणित और विज्ञान विषयों पर अच्छी पकड़ बनती है- चेस खेलने से गणित का कैलकुलेशन करना बहुत सरल लगने लगता है। चेस खेलने वालों का गणित अच्छा होता है ।
5. गहराई से सोचने और खोज करने की प्रवृत्ति को बढ़ाता है- कल्पना का विकास होता है, जो भविष्य के बारे में सोचने की क्षमता को बढ़ाता है। क्या सही, क्या गलत आगे क्या करना सही रहेगा, यह सोचते की क्षमता देता है ।