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Noida News: सरगना पकड़ से दूर... गुर्गों तक सिमटी खाकी

Sun, 21 Sep 2025 01:22 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा Updated Sun, 21 Sep 2025 01:22 AM IST
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The kingpin is out of reach... the khaki uniform is limited to its henchmen.
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। जिसके नाम पर एक के बाद एक रंगदारी व फायरिंग के मामले हो रहे हैं, उस नोनी राणा को पकड़ने के बजाय पुलिस अभी तक उसकी गैंग के गुर्गों व शूटरों को पकड़ने व ढेर करने तक सीमित रही है। नोनी के तीन शूटर रोमिल वोहरा, भीम और रजत अब तक मारे जा चुके हैं। कई गुर्गे व शूटर पकड़े भी जा चुके हैं, पर नोनी तक पुलिस के हाथ नहीं पहुंच पाए हैं।

गैंगस्टर नोनी राणा के अमेरिका में छिपे होने की आशंका है। नोनी राणा गैंगस्टर काला राणा का छोटा भाई है। गत दो वर्षों में काला राणा से अधिक नोनी राणा का नाम रंगदारी व फायरिंग मामलों में सामने आया है। बताया जाता है कि नोनी राणा का नेटवर्क सोशल मीडिया से चल रहा है, जिसके माध्यम से अपराध अंजाम दिए जा रहा है। नोनी राणा के शूटर रोमिल वोहरा को पुलिस ने 24 जून को गुरुग्राम में एसटीएफ ने मुठभेड़ में ढेर किया था। इसके बाद भी रंगदारी मांगने व रंगदारी न मिलने पर फायरिंग की वारदातें हुईं। इनमें नए शूटर व गुर्गों के नाम आए।
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रोमिल की तरह 30 जुलाई को भीम को यमुनानगर के रटौली रोड पर मुठभेड़ में मार गिराया था। अब 19 सितंबर की रात रजत को अंबाला-शामली हाईवे पर गांव धनौरी समीप मुठभेड़ में ढेर किया गया। मुठभेड़ में ढेर किए रोमिल, भीम व रजत के अलावा कई शूटर व गुर्गों को पुलिस ने पकड़ा भी, पर अभी तक नोनी राणा को पकड़ने के प्रयास नहीं दिखे हैं।
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इंटरपोल की मदद से हो गिरफ्तारी

कुछ व्यापारियों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि इंटरपोल की मदद से विदेश में बैठे कुख्यात को पकड़ा जा सकता है। इसके लिए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सरकार को हस्तक्षेप करना होगा, तभी रंगदारी मांगने व न मिलने पर होने वाली फायरिंग जैसी वारदात पर अंकुश लग सकेगा। ऐसा किया जाना जरूरी है, क्योंकि इन लगातार बढ़ते मामलों से व्यापारियों सहित सभी वर्ग के लोगों में दहशत है।
इस साल रंगदारी मांगने के मामले
08 जनवरी : साढौरा निवासी हार्डवेयर व्यापारी से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई।
09 जनवरी : बिलासपुर के गांव कोतरखाना निवासी कपड़ा व्यापारी से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई।
04 फरवरी : कालिंदी कॉलोनी में सनमाइका कारोबारी से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई। रंगदारी न देने पर छह फरवरी को घर पर फायरिंग की गई।
06 अप्रैल : गांव गोलनी निवासी शराब कारोबारी से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई। रंगदारी न देने पर नौ अप्रैल को गांव हरनौल स्थित शराब ठेके पर फायरिंग की गई।

28 मई : रेलवे रोड स्थित हिंदुस्तान मोटर्स के कारोबारी से दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई।
13 जू : साढौरा के मार्बल कारोबारी से दो करोड़ की रंगदारी मांगी गई, जो न देने पर कारोबारी के शोरूम पर फायरिंग की गई।
16 जुलाई : हरबंसपुरा निवासी कारोबारी से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई। इससे पहले 14 जुलाई को उनके घर व दफ्तर पर फायरिंग की गई। इसी रात सरोजनी कॉलोनी में पुलिस सुरक्षा में रह रहे कपड़ा व्यापारी के घर भी फायरिंग हुई, जिनसे काफी समय पहले रंगदारी मांगी हुई थी।
13 सितंबर : साढौरा में कच्चा किला समीप इमिग्रेशन सेंटर संचालक के घर फायरिंग हुई, जिनसे कुछ समय पहले रंगदारी मांगी गई थी।
14 सितंबर : मॉडल टाउन के नेहरू पार्क रोड पर बरनाला शॉपिंग मॉल के बाहर फायरिंग की गई। कुछ समय पहले रंगदारी भी मांगी गई थी।
17 सितंबर : मॉडल टाउन के प्रेमनगर के व्यापारी से भी 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई।
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