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न्याय का त्वरित व मैत्रीपूर्ण समाधान लक्ष्य: न्यायमूर्ति अजीत कुमार
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फोटो
-राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ व न्यायालय परिसर में लगे स्टालों का अवलोकन
-जिला कारागार व प्राथमिक विद्यालय लुक्सर का भी किया निरीक्षण
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। उच्च न्यायालय इलाहाबाद के न्यायमूर्ति एवं जिले के प्रशासनिक न्यायमूर्ति अजीत कुमार और जनपद न्यायाधीश मलखान सिंह ने शनिवार को जिला न्यायालय सभागार में राष्ट्रीय लोक अदालत का विधिवत शुभारंभ किया।
न्यायमूर्ति अजीत कुमार ने कहा कि लोक अदालत न्यायिक प्रणाली का महत्वपूर्ण स्तंभ है। जहां वादों का त्वरित और मैत्रीपूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाता है। उन्होंने परिसर में लगाए गए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में जाना। यहां कौशल विकास केंद्र द्वारा युवाओं के लिए रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण योजनाएं प्रस्तुत की गईं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। जहां नागरिकों की स्वास्थ्य जांच व परामर्श सेवाएं दी जा रही थीं। बैंकों ने जन-धन योजना, मुद्रा योजना व सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी लाभार्थियों को उपलब्ध कराई। न्यायमूर्ति ने स्टॉलों लोगों ने अधिकतम लाभ उठाने की प्रेरणा दी। ट्रैफिक पुलिस द्वारा यातायात नियमों के पालन को लेकर तैयार नुक्कड़ नाटक का भी शुभारंभ किया।
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जेल में मिलने वाली सुविधाओं को लेकर दिए निर्देश:
न्यायमूर्ति अजीत कुमार एवं जिला जज मलखान सिंह ने जिला कारागार का निरीक्षण किया। परिसर में पौधारोपण किया और कैदियों के लिए उपलब्ध शैक्षिक व कौशल प्रशिक्षण गतिविधियों, स्वास्थ्य सुविधाओं एवं पुनर्वास कार्यक्रमों को देखा। न्यायमूर्ति ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कारागार को केवल दंडात्मक संस्था न मानकर इसे सुधार व पुनर्वास का केंद्र बनाया जाए।
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विद्यालय लुक्सर का किया भ्रमण:
कारागार निरीक्षण के बाद न्यायमूर्ति ने अपर प्राइमरी विद्यालय लुक्सर का भी दौरा किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं से संवाद किया और उनके अध्ययन, सह पाठ्यक्रम गतिविधियों एवं भविष्य की आकांक्षाओं के विषय में जानकारी ली। उन्होंने मिडडे मील व्यवस्था, पुस्तकालय, कंप्यूटर कक्ष व शौचालयों को देखा। इस मौके पर अपर जिला जज/सचिव (पूर्वाकालिक) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चंद्र मोहन श्रीवास्तव, अपर पुलिस आयुक्त (मुख्यालय) अजय कुमार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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ट्रैफिक पुलिस का स्पेशल बूथ बना मददगार
लोक अदालत आपराधिक शमनीय वाद, पारिवारिक विवाद, मोटरयान दुर्घटना अधिनियम के मामले, बिजली व पानी से जुड़े मामले, भू-राजस्व वाद, सेवा संबंधी मामले, धारा 138 एन.आई. एक्ट वाद और प्री-लिटीगेशन मामलों सहित सुलह-समझौते योग्य वादों का निस्तारण किया गया। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस ने भी आम जनता की सहूलियत के लिए विशेष बूथ लगाया। यहां पर चालान संबंधी मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।
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-राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ व न्यायालय परिसर में लगे स्टालों का अवलोकन
-जिला कारागार व प्राथमिक विद्यालय लुक्सर का भी किया निरीक्षण
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। उच्च न्यायालय इलाहाबाद के न्यायमूर्ति एवं जिले के प्रशासनिक न्यायमूर्ति अजीत कुमार और जनपद न्यायाधीश मलखान सिंह ने शनिवार को जिला न्यायालय सभागार में राष्ट्रीय लोक अदालत का विधिवत शुभारंभ किया।
न्यायमूर्ति अजीत कुमार ने कहा कि लोक अदालत न्यायिक प्रणाली का महत्वपूर्ण स्तंभ है। जहां वादों का त्वरित और मैत्रीपूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाता है। उन्होंने परिसर में लगाए गए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में जाना। यहां कौशल विकास केंद्र द्वारा युवाओं के लिए रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण योजनाएं प्रस्तुत की गईं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। जहां नागरिकों की स्वास्थ्य जांच व परामर्श सेवाएं दी जा रही थीं। बैंकों ने जन-धन योजना, मुद्रा योजना व सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी लाभार्थियों को उपलब्ध कराई। न्यायमूर्ति ने स्टॉलों लोगों ने अधिकतम लाभ उठाने की प्रेरणा दी। ट्रैफिक पुलिस द्वारा यातायात नियमों के पालन को लेकर तैयार नुक्कड़ नाटक का भी शुभारंभ किया।
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जेल में मिलने वाली सुविधाओं को लेकर दिए निर्देश:
न्यायमूर्ति अजीत कुमार एवं जिला जज मलखान सिंह ने जिला कारागार का निरीक्षण किया। परिसर में पौधारोपण किया और कैदियों के लिए उपलब्ध शैक्षिक व कौशल प्रशिक्षण गतिविधियों, स्वास्थ्य सुविधाओं एवं पुनर्वास कार्यक्रमों को देखा। न्यायमूर्ति ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कारागार को केवल दंडात्मक संस्था न मानकर इसे सुधार व पुनर्वास का केंद्र बनाया जाए।
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विद्यालय लुक्सर का किया भ्रमण:
कारागार निरीक्षण के बाद न्यायमूर्ति ने अपर प्राइमरी विद्यालय लुक्सर का भी दौरा किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं से संवाद किया और उनके अध्ययन, सह पाठ्यक्रम गतिविधियों एवं भविष्य की आकांक्षाओं के विषय में जानकारी ली। उन्होंने मिडडे मील व्यवस्था, पुस्तकालय, कंप्यूटर कक्ष व शौचालयों को देखा। इस मौके पर अपर जिला जज/सचिव (पूर्वाकालिक) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चंद्र मोहन श्रीवास्तव, अपर पुलिस आयुक्त (मुख्यालय) अजय कुमार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
ट्रैफिक पुलिस का स्पेशल बूथ बना मददगार
लोक अदालत आपराधिक शमनीय वाद, पारिवारिक विवाद, मोटरयान दुर्घटना अधिनियम के मामले, बिजली व पानी से जुड़े मामले, भू-राजस्व वाद, सेवा संबंधी मामले, धारा 138 एन.आई. एक्ट वाद और प्री-लिटीगेशन मामलों सहित सुलह-समझौते योग्य वादों का निस्तारण किया गया। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस ने भी आम जनता की सहूलियत के लिए विशेष बूथ लगाया। यहां पर चालान संबंधी मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।