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मायके में घर के दरवाजे पर छोड़ गए महिला का शव
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जारचा। कोतवाली क्षेत्र के कलौंदा गांव में ससुराल पक्ष के लोग महिला का शव मायके के दरवाजे पर छोड़कर फरार हो गए। महिला के परिजनों ने पति, सास और जेठ के खिलाफ कोतवाली में शिकायत दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, कलौंदा निवासी कंडीर ने बेटी फरवीन की शादी छह जून 2020 को बुलंदशहर निवासी सलमान के साथ की थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग एक लाख रुपये और बुलेट की मांग करने लगे। मांग पूरी नहीं होने पर बेटी को प्रताड़ित किया जाने लगा। कंडीर ने बताया कि गर्भवती होने के बाद से फरवीन बीमार रहने लगी।
इलाज नहीं कराने पर उसकी हालत और खराब हो गई। सूचना पर 15 दिन पहले भाई अनवार ससुराल पहुंचा और खुद बहन का इलाज कराने के लिए कहा तो ससुरालियों ने मांग पूरी करने या तलाक देने की बात कहकर उसे लौटा दिया। चार जुलाई को घर पर ही बहन के बेटा पैदा होने से फरवीन की हालत गंभीर हो गई। इस पर बुधवार को सास, जेठ व पति बीमार उसे लेकर कलौंदा के लिए निकले, लेकिन रास्ते में फरवीन की मौत हो गई। इसके बाद तीनों ने शव घर के दरवाजे छोड़ दिया और नवजात बच्चे को लेकर चले गए। भाई अनवार ने सास, जेठ और पति के खिलाफ पुलिस से शिकायत की। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि लड़की पक्ष की तरफ से शिकायत मिली है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
बीमार महिला का पुलिस ने कराया इलाज
महिला सुरक्षा पुलिस टीम ने एक सप्ताह पहले नगर के मुख्य तिराहे के पास मिलीं बीमार बुजुर्ग महिला का इलाज कराकर परिजन के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस के अनुसार, बदायूं के गांव सरवा निवासी सर्वती (80) बीमारी के कारण मंदबुद्धि हो गईं। दो जुलाई को महिला सुरक्षा टीम की उपनिरीक्षक प्रीति चाहल, पूजा पंवार और अर्चना मान को मिली थीं। काफी प्रयास के बाद जब वह कुछ नहीं बता सकीं तो टीम इलाज के लिए अस्पताल में उनका उपचार कराया और एक सप्ताह तक देखभाल की। इस दौरान उनसे से परिजनों की जानकारी कर सूचना दी गई, लेकिन जब परिजन नहीं आए तो उपनिरीक्षक प्रीति चाहल महिला को लेकर बदायूं स्थित उनके घर छोड़ आईं। उपनिरीक्षक ने बताया कि महिला के पति की 15 साल पूर्व मौत हो गई है। उनकी कोई संतान नहीं है। भतीजे ने महिला को पहचान लिया।
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इलाज नहीं कराने पर उसकी हालत और खराब हो गई। सूचना पर 15 दिन पहले भाई अनवार ससुराल पहुंचा और खुद बहन का इलाज कराने के लिए कहा तो ससुरालियों ने मांग पूरी करने या तलाक देने की बात कहकर उसे लौटा दिया। चार जुलाई को घर पर ही बहन के बेटा पैदा होने से फरवीन की हालत गंभीर हो गई। इस पर बुधवार को सास, जेठ व पति बीमार उसे लेकर कलौंदा के लिए निकले, लेकिन रास्ते में फरवीन की मौत हो गई। इसके बाद तीनों ने शव घर के दरवाजे छोड़ दिया और नवजात बच्चे को लेकर चले गए। भाई अनवार ने सास, जेठ और पति के खिलाफ पुलिस से शिकायत की। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि लड़की पक्ष की तरफ से शिकायत मिली है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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बीमार महिला का पुलिस ने कराया इलाज
महिला सुरक्षा पुलिस टीम ने एक सप्ताह पहले नगर के मुख्य तिराहे के पास मिलीं बीमार बुजुर्ग महिला का इलाज कराकर परिजन के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस के अनुसार, बदायूं के गांव सरवा निवासी सर्वती (80) बीमारी के कारण मंदबुद्धि हो गईं। दो जुलाई को महिला सुरक्षा टीम की उपनिरीक्षक प्रीति चाहल, पूजा पंवार और अर्चना मान को मिली थीं। काफी प्रयास के बाद जब वह कुछ नहीं बता सकीं तो टीम इलाज के लिए अस्पताल में उनका उपचार कराया और एक सप्ताह तक देखभाल की। इस दौरान उनसे से परिजनों की जानकारी कर सूचना दी गई, लेकिन जब परिजन नहीं आए तो उपनिरीक्षक प्रीति चाहल महिला को लेकर बदायूं स्थित उनके घर छोड़ आईं। उपनिरीक्षक ने बताया कि महिला के पति की 15 साल पूर्व मौत हो गई है। उनकी कोई संतान नहीं है। भतीजे ने महिला को पहचान लिया।
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