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Noida News: पांच साल में ही इमारत जर्जर, लापरवाही की होगी जांच
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पांच साल में ही इमारत जर्जर, लापरवाही की होगी जांच
-उप मुख्यमंत्री ने चाइल्ड पीजीआई की इमारत बनाने वालों पर शिकंजा कसने के दिए निर्देश
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-30 स्थित चाइल्ड पीजीआई की जर्जर इमारत का मामला शासन तक पहुंच गया है। रविवार को बीएसएल-3 लैब का उद्घाटन करने पहुंचे उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, पांच साल में ही इमारत का जर्जर हो जाना गंभीर मामला है। इमारत बनाने वाली एजेंसी को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले की जांच करवाई जाएगी। एफआईआर दर्ज करवाकर नुकसान की भरपाई भी कराई जाएगी। इस संबंध में चाइल्ड पीजीआई के निदेशक को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा, चिकित्सकों की आवश्यकतानुसार भर्ती की प्रक्रिया तेज की जाए। शासन स्तर पर इसके लिए पूरी मदद की जाएगी। पीजीआई में उपचार के लिए आने वाले बच्चों को अच्छे उपचार की सुविधाएं देना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि दवाओं की पूरी व्यवस्था की जाए।
निजी प्रेक्टिस करने वाले डॉक्टरों को हिदायत
उप मुख्यमंत्री ने चाइल्ड पीजीआई में डॉक्टरों को हिदायत देते हुए कहा विशेषज्ञ डॉक्टर सार्वजनिक की जगह निजी अस्पतालों और अपने क्लीनिक पर ज्यादा ध्यान देते हैं। इसका असर अस्पताल की सेवाओं पर पड़ता है। ऐसी कोई शिकायत नहीं आनी चाहिए कि रोगियों से कहना पड़े कि इस बीमारी का चिकित्सक नहीं है। जो डॉक्टर निजी अस्पतालों में प्रेक्टिस करते हैं या अपना अस्पताल चलाते हैं उन्हें सार्वजनिक जिम्मेदारी समझते हुए अपने साथ के डॉक्टरों को भी जोड़ना चाहिए। सरकारी अस्पताल को अपना अस्पताल मानकर काम करें।
गंगा स्नान से जो पुण्य वही मरीजों की सेवा से
डॉक्टरों व स्टाफ के मरीजों से खराब व्यवहार की शिकायत मिलने पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गार्ड से लेकर निदेशक तक को अपने व्यवहार में सुधार करने की जरूरत है। गंगा में स्नान करने से जो पुण्य मिलता है वही मरीजों की सेवा करने से मिलता हे। गार्ड से लेकर निदेशक तक को समझना होगा कि वह मरीजों की सेवा के लिए हैं।
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-उप मुख्यमंत्री ने चाइल्ड पीजीआई की इमारत बनाने वालों पर शिकंजा कसने के दिए निर्देश
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-30 स्थित चाइल्ड पीजीआई की जर्जर इमारत का मामला शासन तक पहुंच गया है। रविवार को बीएसएल-3 लैब का उद्घाटन करने पहुंचे उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, पांच साल में ही इमारत का जर्जर हो जाना गंभीर मामला है। इमारत बनाने वाली एजेंसी को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले की जांच करवाई जाएगी। एफआईआर दर्ज करवाकर नुकसान की भरपाई भी कराई जाएगी। इस संबंध में चाइल्ड पीजीआई के निदेशक को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा, चिकित्सकों की आवश्यकतानुसार भर्ती की प्रक्रिया तेज की जाए। शासन स्तर पर इसके लिए पूरी मदद की जाएगी। पीजीआई में उपचार के लिए आने वाले बच्चों को अच्छे उपचार की सुविधाएं देना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि दवाओं की पूरी व्यवस्था की जाए।
निजी प्रेक्टिस करने वाले डॉक्टरों को हिदायत
उप मुख्यमंत्री ने चाइल्ड पीजीआई में डॉक्टरों को हिदायत देते हुए कहा विशेषज्ञ डॉक्टर सार्वजनिक की जगह निजी अस्पतालों और अपने क्लीनिक पर ज्यादा ध्यान देते हैं। इसका असर अस्पताल की सेवाओं पर पड़ता है। ऐसी कोई शिकायत नहीं आनी चाहिए कि रोगियों से कहना पड़े कि इस बीमारी का चिकित्सक नहीं है। जो डॉक्टर निजी अस्पतालों में प्रेक्टिस करते हैं या अपना अस्पताल चलाते हैं उन्हें सार्वजनिक जिम्मेदारी समझते हुए अपने साथ के डॉक्टरों को भी जोड़ना चाहिए। सरकारी अस्पताल को अपना अस्पताल मानकर काम करें।
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गंगा स्नान से जो पुण्य वही मरीजों की सेवा से
डॉक्टरों व स्टाफ के मरीजों से खराब व्यवहार की शिकायत मिलने पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गार्ड से लेकर निदेशक तक को अपने व्यवहार में सुधार करने की जरूरत है। गंगा में स्नान करने से जो पुण्य मिलता है वही मरीजों की सेवा करने से मिलता हे। गार्ड से लेकर निदेशक तक को समझना होगा कि वह मरीजों की सेवा के लिए हैं।
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