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बिल्डर को दतेना होगा खरीदार को पांच साल का किराया
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बिल्डर को देना होगा खरीदार को पांच साल का किराया
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) के न्याय निर्धारण अधिकारी ने देविका गोल्ड होम्स बिल्डर को तीन अलग-अलग शिकायतों में खरीदार को पांच साल का किराया देने का आदेश दिया है। तीन शिकायतें एक ही खरीदार की हैं। किराया देने के साथ-साथ बिल्डर को जमा धनराशि पर ब्याज भी देना होगा।
खरीदार रत्नाकर के देविका गोल्ड होम्स के प्रोजेक्ट में तीन फ्लैट हैं। पहला फ्लैट वर्ष 2010 और दो फ्लैट वर्ष 2013 में बुक किए गए थे। बिल्डर ने 30 माह में कब्जा देने का वादा किया था, लेकिन समय पर कब्जा नहीं दिया। अब बिल्डर ने दिसंबर, 2019 तक कब्जा देने का समय दिया है। देरी से कब्जा देने समेत अन्य मांग को लेकर खरीदार ने न्याय निर्धारण अधिकारी के समक्ष प्रार्थना पत्र दायर किया। सुनवाई के बाद न्याय निर्धारण अधिकारी ने अलग-अलग मामलों में बिल्डर को जमा धनराशि पर कब्जा देने तक ब्याज देने का आदेश दिया है। साथ ही, 1 मई, 2017 से कब्जा देने की तिथि तक सात हजार रुपये मासिक मकान किराया देना होगा। जबकि, 18 अप्रैल, 2014 से 30 अप्रैल, 2017 के दौरान बिल्डर को पांच रुपये प्रति स्क्वायर मीटर के हिसाब से प्रति माह किराया देना होगा।
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ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) के न्याय निर्धारण अधिकारी ने देविका गोल्ड होम्स बिल्डर को तीन अलग-अलग शिकायतों में खरीदार को पांच साल का किराया देने का आदेश दिया है। तीन शिकायतें एक ही खरीदार की हैं। किराया देने के साथ-साथ बिल्डर को जमा धनराशि पर ब्याज भी देना होगा।
खरीदार रत्नाकर के देविका गोल्ड होम्स के प्रोजेक्ट में तीन फ्लैट हैं। पहला फ्लैट वर्ष 2010 और दो फ्लैट वर्ष 2013 में बुक किए गए थे। बिल्डर ने 30 माह में कब्जा देने का वादा किया था, लेकिन समय पर कब्जा नहीं दिया। अब बिल्डर ने दिसंबर, 2019 तक कब्जा देने का समय दिया है। देरी से कब्जा देने समेत अन्य मांग को लेकर खरीदार ने न्याय निर्धारण अधिकारी के समक्ष प्रार्थना पत्र दायर किया। सुनवाई के बाद न्याय निर्धारण अधिकारी ने अलग-अलग मामलों में बिल्डर को जमा धनराशि पर कब्जा देने तक ब्याज देने का आदेश दिया है। साथ ही, 1 मई, 2017 से कब्जा देने की तिथि तक सात हजार रुपये मासिक मकान किराया देना होगा। जबकि, 18 अप्रैल, 2014 से 30 अप्रैल, 2017 के दौरान बिल्डर को पांच रुपये प्रति स्क्वायर मीटर के हिसाब से प्रति माह किराया देना होगा।
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