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Noida News: सगी बहन की हत्या के आरोपी को नहीं मिली जमानत
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-हथौड़े से वार करके कर दी थी हत्या, बचाने आई मां पर भी किया था वार
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सत्र न्यायालय ने सगी बहन की हत्या के आरोपी शिवम उर्फ शुभम की जमानत याचिका खारिज कर दी है। आरोपी ने 16 मार्च को हथौड़े से वार कर अपनी बहन शिप्रा को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। जब मां विनीता उसे बचाने पहुंची तो आरोपी ने उन्हें भी चोट पहुंचाई। जहां इलाज के दौरान आरोपी की बहन की कैलाश अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई थी।
इस मामले में सूरजपुर कोतवाली पुलिस की ओर से मृतका के पिता मुकेश गर्ग की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मृतका के शरीर पर पांच गंभीर चोटों का उल्लेख है। वहीं घायल मां के शरीर पर भी पांच चोटें पाई गईं। अभियोजन के अनुसार आरोपी ने जानबूझकर अपनी बहन की हत्या की और मां को घायल किया। दूसरी ओर आरोपी की ओर से अधिवक्ता ने तर्क दिया कि शिवम को झूठा फंसाया गया है। मृतका बाथरूम में फिसलकर गिरी थी। जिससे उसकी मृत्यु हुई और मां को भी उसी दौरान चोटें आईं। अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत दिए जाने के पक्ष में आधार अपर्याप्त माना। न्यायाधीश ने कहा कि मामला एक सगी बहन की हत्या और मां को चोट पहुंचाने जैसा गंभीर अपराध है। इसमें जमानत नहीं दी जा सकती है।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सत्र न्यायालय ने सगी बहन की हत्या के आरोपी शिवम उर्फ शुभम की जमानत याचिका खारिज कर दी है। आरोपी ने 16 मार्च को हथौड़े से वार कर अपनी बहन शिप्रा को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। जब मां विनीता उसे बचाने पहुंची तो आरोपी ने उन्हें भी चोट पहुंचाई। जहां इलाज के दौरान आरोपी की बहन की कैलाश अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई थी।
इस मामले में सूरजपुर कोतवाली पुलिस की ओर से मृतका के पिता मुकेश गर्ग की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मृतका के शरीर पर पांच गंभीर चोटों का उल्लेख है। वहीं घायल मां के शरीर पर भी पांच चोटें पाई गईं। अभियोजन के अनुसार आरोपी ने जानबूझकर अपनी बहन की हत्या की और मां को घायल किया। दूसरी ओर आरोपी की ओर से अधिवक्ता ने तर्क दिया कि शिवम को झूठा फंसाया गया है। मृतका बाथरूम में फिसलकर गिरी थी। जिससे उसकी मृत्यु हुई और मां को भी उसी दौरान चोटें आईं। अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत दिए जाने के पक्ष में आधार अपर्याप्त माना। न्यायाधीश ने कहा कि मामला एक सगी बहन की हत्या और मां को चोट पहुंचाने जैसा गंभीर अपराध है। इसमें जमानत नहीं दी जा सकती है।
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