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Noida News: मुख्यमार्ग पर ओवरलोड वाहनों का आतंक, दिन-रात दौड़ रहे सैकड़ों ट्रक
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- तीन थानों की सीमा से गुजरने के बाद भी नहीं पड़ती पुलिस की नजर, लोगों ने सुबह की सैर तक छोड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। क्षेत्र में ओवरलोड वाहनों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालात यह हैं कि रात ही नहीं बल्कि दिन के समय भी मुख्य मार्गों से तेज रफ्तार में ओवरलोड वाहन धड़ल्ले से गुजर रहे हैं। शहर के बीच से निकलने वाले इन वाहनों से हादसों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। लोगों का आरोप है कि तीन थानों की सीमा से गुजरने के बावजूद इन वाहनों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भवन निर्माण सामग्री से भरे सैकड़ों वाहन प्रतिदिन शहर से होकर गुजरते हैं। ये वाहन सिटी थाना और बिछोर थाना के गेट के सामने से भी बेखौफ निकल जाते हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर कोई सख्ती नजर नहीं आती। ओवरलोड ट्रकों की तेज रफ्तार और लगातार आवाजाही के कारण आम लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।
- सुबह सैर करने से भी कतराने लगे लोग
ओवरलोड वाहनों की आवाजाही का असर शहर की दिनचर्या पर भी पड़ने लगा है। पहले सुबह के समय मुख्य मार्गों पर बड़ी संख्या में लोग सैर और व्यायाम के लिए निकलते थे, लेकिन अब लोग हादसे के डर से घरों से निकलने से बच रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह के समय भी भारी वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। तेज गति से गुजरते ट्रकों के कारण किसी भी समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। क्षेत्र के कई वरिष्ठ नागरिकों ने बताया कि पहले वे रोजाना सुबह टहलने के लिए मुख्य सड़क पर जाते थे, लेकिन अब स्थिति ऐसी हो गई है कि सड़क पर निकलना जोखिम भरा लगता है।
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- असामाजिक तत्वों पर अवैध वसूली के आरोप
शहर की सीमा से ओवरलोड वाहनों को पार कराने के नाम पर असामाजिक तत्वों द्वारा अवैध वसूली की जाती है। लोगों का कहना है कि पूरी रात कुछ लोग पुलिस के नाम पर डंपर व टैक्टर टाली चालकों से सुविधा शुल्क वसूलते हैं। बाइक व कार से पूरी रात गश्त कर ऐसे असामाजिक तत्व डंपर व ट्रैक्टर चालको से सुविधा शुल्क वसूलते है, फिर उन्हें शहर के अंदर से निकलने दिया जाता है।
- भवन निर्माण सामग्री से भरे सैकड़ों वाहन गुजरते हैं
क्षेत्र में इन दिनों निर्माण कार्यों के चलते भवन निर्माण सामग्री की ढुलाई करने वाले ट्रकों की संख्या बढ़ गई है।स्थानीय निवासी जमशेद, जाहिद, याकूब, उसमान, मुजीबुर्रहमान, ईशा आदि लोगों का कहना है कि अधिकांश वाहन क्षमता से अधिक लदे होते हैं। रेत, बजरी, रोडी , ईंट और अन्य निर्माण सामग्री से भरे ये वाहन सड़क पर तेज गति से दौड़ते हैं। लोगों का कहना है कि कई बार इन वाहनों से सामग्री भी सड़क पर गिर जाती है, जिससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। वहीं जब इस बारे में आरटीओ मुनीष सहगल से संपर्क नहीं हो पाया।
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पुलिस के पास ओवरलोड वाहनों के चालान करने की अनुमति नहीं है। पुलिस केवल ओवरलोड वाहनों को पकड कर आरटीओ विभाग को सूचित करती है। आरटीओ विभाग द्वारा ही ओवरलोड वाहनों के चालान काटे जाते है।
- कृष्ण कुमार, पुलिस प्रवक्ता, नूंह
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संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। क्षेत्र में ओवरलोड वाहनों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालात यह हैं कि रात ही नहीं बल्कि दिन के समय भी मुख्य मार्गों से तेज रफ्तार में ओवरलोड वाहन धड़ल्ले से गुजर रहे हैं। शहर के बीच से निकलने वाले इन वाहनों से हादसों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। लोगों का आरोप है कि तीन थानों की सीमा से गुजरने के बावजूद इन वाहनों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भवन निर्माण सामग्री से भरे सैकड़ों वाहन प्रतिदिन शहर से होकर गुजरते हैं। ये वाहन सिटी थाना और बिछोर थाना के गेट के सामने से भी बेखौफ निकल जाते हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर कोई सख्ती नजर नहीं आती। ओवरलोड ट्रकों की तेज रफ्तार और लगातार आवाजाही के कारण आम लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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- सुबह सैर करने से भी कतराने लगे लोग
ओवरलोड वाहनों की आवाजाही का असर शहर की दिनचर्या पर भी पड़ने लगा है। पहले सुबह के समय मुख्य मार्गों पर बड़ी संख्या में लोग सैर और व्यायाम के लिए निकलते थे, लेकिन अब लोग हादसे के डर से घरों से निकलने से बच रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह के समय भी भारी वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। तेज गति से गुजरते ट्रकों के कारण किसी भी समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। क्षेत्र के कई वरिष्ठ नागरिकों ने बताया कि पहले वे रोजाना सुबह टहलने के लिए मुख्य सड़क पर जाते थे, लेकिन अब स्थिति ऐसी हो गई है कि सड़क पर निकलना जोखिम भरा लगता है।
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- असामाजिक तत्वों पर अवैध वसूली के आरोप
शहर की सीमा से ओवरलोड वाहनों को पार कराने के नाम पर असामाजिक तत्वों द्वारा अवैध वसूली की जाती है। लोगों का कहना है कि पूरी रात कुछ लोग पुलिस के नाम पर डंपर व टैक्टर टाली चालकों से सुविधा शुल्क वसूलते हैं। बाइक व कार से पूरी रात गश्त कर ऐसे असामाजिक तत्व डंपर व ट्रैक्टर चालको से सुविधा शुल्क वसूलते है, फिर उन्हें शहर के अंदर से निकलने दिया जाता है।
- भवन निर्माण सामग्री से भरे सैकड़ों वाहन गुजरते हैं
क्षेत्र में इन दिनों निर्माण कार्यों के चलते भवन निर्माण सामग्री की ढुलाई करने वाले ट्रकों की संख्या बढ़ गई है।स्थानीय निवासी जमशेद, जाहिद, याकूब, उसमान, मुजीबुर्रहमान, ईशा आदि लोगों का कहना है कि अधिकांश वाहन क्षमता से अधिक लदे होते हैं। रेत, बजरी, रोडी , ईंट और अन्य निर्माण सामग्री से भरे ये वाहन सड़क पर तेज गति से दौड़ते हैं। लोगों का कहना है कि कई बार इन वाहनों से सामग्री भी सड़क पर गिर जाती है, जिससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। वहीं जब इस बारे में आरटीओ मुनीष सहगल से संपर्क नहीं हो पाया।
पुलिस के पास ओवरलोड वाहनों के चालान करने की अनुमति नहीं है। पुलिस केवल ओवरलोड वाहनों को पकड कर आरटीओ विभाग को सूचित करती है। आरटीओ विभाग द्वारा ही ओवरलोड वाहनों के चालान काटे जाते है।
- कृष्ण कुमार, पुलिस प्रवक्ता, नूंह