Greater Noida: चिटहेरा भूमि घोटाले में दस अधिकारियों पर गिरेगी गाज, भूमाफिया का साथ देने का आरोप
वर्ष 1990 में चिटहेरा गांव में 250 से अधिक पट्टों का आवंटन हुआ था। इस आवंटन को चुनौती दी गई थी। इसके बाद अपर जिलाधिकारी की कोर्ट ने आवंटन रद्द कर दिया था, लेकिन एडीएम हापुड़ की कोर्ट ने पट्टों को बहाल कर दिया।
विस्तार
चिटहेरा भूमि घोटाले में तहसील दादरी से लेकर जिला स्तर के छह से दस अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। इन पर भूमाफिया का साथ देने के साथ-साथ गलतियों को अनदेखा करने का आरोप है। प्रशासन की तरफ से जल्द ही अधिकारियों के नाम का बंद लिफाफा शासन को भेजा जाएगा।
वर्ष 1990 में चिटहेरा गांव में 250 से अधिक पट्टों का आवंटन हुआ था। इस आवंटन को चुनौती दी गई थी। इसके बाद अपर जिलाधिकारी की कोर्ट ने आवंटन रद्द कर दिया था, लेकिन एडीएम हापुड़ की कोर्ट ने पट्टों को बहाल कर दिया। उसी दौरान राजस्व रिकॉर्ड में कई पट्टों का रकबा बढ़ाया गया। आदेश पर अमल करने में भी देरी नहीं की गई थी। इसके बाद भूमाफिया सक्रिय हो गए और जमीन की खरीद शुरू कर दी। भूमाफिया ने कुछ जमीन का मुआवजा भी प्राधिकरण से उठा लिया था।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की जांच में यह खुलासा हुआ। जांच में तहसील दादरी के कई अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध मिली है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों पर कार्रवाई करने की सिफारिश शासन से की और जांच रिपोर्ट भी भेजी। इस पर शासन ने प्रशासन से दोषी अफसरों के नामों की सूची मांगी थी। शासन के आदेश पर प्रशासन सूची तैयार कर रहा है। पता चला है कि तहसील और जिला स्तर के 6 से 10 अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध मिली है। जल्द ही इनके नाम बंद लिफाफे में शासन को भेजे जाएंगे। इसके बाद शासन स्तर से कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा।
तुस्याना की जांच में मांगी जा रही और जानकारी
तुस्याना गांव के भूमि घोटाले की जांच अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। शासन की एसआईटी टीम लगातार घोटाले से जुड़ी जानकारी मांग रही है। गांव में जमीन से जुड़ी तमाम जानकारी पर प्रशासन अलग-अलग रिपोर्ट तैयार कर रहा है। तुस्याना गांव में एक कंपनी ने टेक्नोलॉजी पार्क बनाने की अनुमति प्रदेश सरकार से ली थी। उसी के आधार पर गांव में बड़ी मात्रा में जमीन खरीदी थी, लेकिन कंपनी ने टेक्नोलॉजी पार्क नहीं बनाया।
सरकार ने अनुमति भी रद्द कर दी। वहां पर प्लाटिंग शुरू कर दी। कुछ जमीन भूमाफियाओं ने खरीद ली और प्राधिकरण से उसका मुआवजा उठा लिया गया। साथ ही, पट्टों की जमीन संबंधी भी शिकायत की जांच हो रही है। इस घोटाले की जांच प्रदेश सरकार की एसआईटी कर रही है जो कई बार ग्रेटर नोएडा आकर जांच कर चुकी है, लेकिन अभी यह पूरी नहीं हो सकी है। टीम लगातार घोटाले से जुड़ी जानकारी प्राधिकरण और प्रशासन से मांग रही है। अफसरों का कहना है कि जल्द ही तुस्याना घोटाले में कार्रवाई हो सकती है।