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Noida News: टेंट का अस्थायी ढांचा गिरा, 40 दबे, 29 जख्मी
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जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम के गेट नंबर-2 के पास खाली मैदान में हुआ हादसा
बांस, बल्लियों और लोहे का फ्रेम अचानक गिरा, काम कर रहे मजदूर दबे
एम्स ट्रॉमा सेंटर में सात और सफदरजंग में तीन लोगों की हालत नाजुक
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम के पास शादी के लिए लगाया जा रहे टेंट का बड़ा अस्थायी ढांचा शनिवार सुबह करीब 11 बजे भरभराकर गिर गया। इससे काम कर रहे 40 मजदूर लोहे के फ्रेम और बांस-बल्लियों की मदद से बनाए जा रहे ढांचे के नीचे दब गए। चीख-पुकार मची तो फौरन मामले की सूचना पुलिस के अलावा दमकल विभाग को दी गई। पुलिस के अलावा दमकल की तीन गाड़ियां, एंबुलेंस, आपदा प्रबंधन, निगम और अन्य एजेंसियों की टीम मौके पर पहुंच गई। कटर की मदद से फ्रेम को काटकर घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया।
दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त अंकित चौहान ने बताया कि हादसे में 29 लोगों को चोट लगी। इनमें 18 को एम्स के ट्राॅमा सेंटर भेजा गया। बाकी 11 घायलों का सफदरजंग अस्पताल में इलाज चल रहा है। एम्स ट्रॉमा सेंटर में सात और सफदरजंग में तीन लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है। लोधी रोड थाना पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है। स्टेडियम के गेट नंबर-2 के बाहर खाली मैदान में सुबह शादी के लिए टेंट लगाया जा रहा था। करीब 1500 गज के एरिया में इंतजाम किया जा रहा था। बांस-बल्लियां बांधने के अलावा साइड में लोहे के फ्रेम और बड़े-बड़े पैनल खड़े किए जा रहे थे। टेंट का ढांचा लगभग तैयार भी हो गया था। ऊपर तिरपाल बांधने का काम चल रहा था। अचानक तेज हवा के बीच टेंट एक ओर गिर गया। इससे काम कर रहे 40 मजदूर दब गए। कुछ लोग खुद ही सुरक्षित निकल आए। कुछ लोगों को बचाव दल ने टेंट के नीचे घुसकर निकाला। करीब दो घंटे तक बचाव कार्य चला। एंबुलेंस और पीसीआर की मदद से घायलों को एम्स ट्रामा सेंटर और सफदरजंग भेजा गया।
दमकल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि शाम साढ़े चार बजे तक रेस्क्यू का काम जारी रहा। क्राइम टीम के अलावा एफएसएल की टीम ने जांच की। फिलहाल, लोधी कालोनी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एक मजदूर को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। बाकी 28 का दोनों अस्पताल में इलाज जारी है। मजदूरों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। शुरुआती जांच के बाद आशंका व्यक्त की जा रही है कि हवा की वजह से टेंट जमींदोज हुआ। बाकी जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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टेंट गिरा और मच गई चीख-पुकार
हादसे में बाल-बाल बचे मजदूर सुनील ने बताया कि वह शुक्रवार रात से टेंट लगा रहा था। सुबह अचानक टेंट गिर गया। उस समय मजदूर अपने-अपने कामों में जुटे थे। हादसा होते ही मजदूरों के चीखने-चिल्लाने की आवाज आने लगी। वह मदद की गुहार लगाने लगे। कई मजदूर लोहे के फ्रेम-पैनल और बांस व बल्लियों के नीचे दब गए थे। हादसे में वह तो सुरक्षित बच गया, लेकिन कई दोस्त फंस गए। बाद में उसने बचाव दल के साथ मिलकर मजदूरों को निकलवाया।
परिजन पहले घटनास्थल, बाद में अस्पताल भागे
हादसे की सूचना मिलते ही मजदूरों के परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए, लेकिन तब तक कई मजदूरों को निकालकर एम्स और सफदरजंग अस्पताल भेजा जा चुका था। रोते-बिलखते परिजन पुलिसकर्मियों से अपनों के बारे में पूछते रहे। जब घटनास्थल पर उनका पता नहीं चला तो वह अस्पताल भागे। हादसे में घायल हुए आशीष का परिवार एम्स ट्रामा सेंटर के बाहर खड़ा था। आशीष को जख्मी हालत में लाया गया था। परिजनों का कहना था कि बड़ी मुश्किल से उन्हें आशीष का पता चला है। इसी तरह दूसरे के मजदूरों के परिजन भी वहां खड़े थे।
एम्स ट्रामा सेंटर में भर्ती घायल : . आशीष, गोपाल, साहिल रमेश, निजाम, शुजॉए, देवदास, संतू, विक्रम, अमर, संतू, अशोक, कनाई, सुजीत, सुईबुला, शिवनाथ, महादेव और एक अज्ञात।
सफदरजंग अस्पताल में घायल : राजेंद्र दास, राजू, मोनू कुमार, राज बाबू, राजीव, फूलचंद, राम प्रवेश, रामजी पासवान, मुकेश, महादेव और गुड्डू कुमार। यहां एक घायल को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
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बांस, बल्लियों और लोहे का फ्रेम अचानक गिरा, काम कर रहे मजदूर दबे
एम्स ट्रॉमा सेंटर में सात और सफदरजंग में तीन लोगों की हालत नाजुक
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम के पास शादी के लिए लगाया जा रहे टेंट का बड़ा अस्थायी ढांचा शनिवार सुबह करीब 11 बजे भरभराकर गिर गया। इससे काम कर रहे 40 मजदूर लोहे के फ्रेम और बांस-बल्लियों की मदद से बनाए जा रहे ढांचे के नीचे दब गए। चीख-पुकार मची तो फौरन मामले की सूचना पुलिस के अलावा दमकल विभाग को दी गई। पुलिस के अलावा दमकल की तीन गाड़ियां, एंबुलेंस, आपदा प्रबंधन, निगम और अन्य एजेंसियों की टीम मौके पर पहुंच गई। कटर की मदद से फ्रेम को काटकर घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया।
दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त अंकित चौहान ने बताया कि हादसे में 29 लोगों को चोट लगी। इनमें 18 को एम्स के ट्राॅमा सेंटर भेजा गया। बाकी 11 घायलों का सफदरजंग अस्पताल में इलाज चल रहा है। एम्स ट्रॉमा सेंटर में सात और सफदरजंग में तीन लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है। लोधी रोड थाना पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है। स्टेडियम के गेट नंबर-2 के बाहर खाली मैदान में सुबह शादी के लिए टेंट लगाया जा रहा था। करीब 1500 गज के एरिया में इंतजाम किया जा रहा था। बांस-बल्लियां बांधने के अलावा साइड में लोहे के फ्रेम और बड़े-बड़े पैनल खड़े किए जा रहे थे। टेंट का ढांचा लगभग तैयार भी हो गया था। ऊपर तिरपाल बांधने का काम चल रहा था। अचानक तेज हवा के बीच टेंट एक ओर गिर गया। इससे काम कर रहे 40 मजदूर दब गए। कुछ लोग खुद ही सुरक्षित निकल आए। कुछ लोगों को बचाव दल ने टेंट के नीचे घुसकर निकाला। करीब दो घंटे तक बचाव कार्य चला। एंबुलेंस और पीसीआर की मदद से घायलों को एम्स ट्रामा सेंटर और सफदरजंग भेजा गया।
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दमकल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि शाम साढ़े चार बजे तक रेस्क्यू का काम जारी रहा। क्राइम टीम के अलावा एफएसएल की टीम ने जांच की। फिलहाल, लोधी कालोनी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एक मजदूर को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। बाकी 28 का दोनों अस्पताल में इलाज जारी है। मजदूरों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। शुरुआती जांच के बाद आशंका व्यक्त की जा रही है कि हवा की वजह से टेंट जमींदोज हुआ। बाकी जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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टेंट गिरा और मच गई चीख-पुकार
हादसे में बाल-बाल बचे मजदूर सुनील ने बताया कि वह शुक्रवार रात से टेंट लगा रहा था। सुबह अचानक टेंट गिर गया। उस समय मजदूर अपने-अपने कामों में जुटे थे। हादसा होते ही मजदूरों के चीखने-चिल्लाने की आवाज आने लगी। वह मदद की गुहार लगाने लगे। कई मजदूर लोहे के फ्रेम-पैनल और बांस व बल्लियों के नीचे दब गए थे। हादसे में वह तो सुरक्षित बच गया, लेकिन कई दोस्त फंस गए। बाद में उसने बचाव दल के साथ मिलकर मजदूरों को निकलवाया।
परिजन पहले घटनास्थल, बाद में अस्पताल भागे
हादसे की सूचना मिलते ही मजदूरों के परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए, लेकिन तब तक कई मजदूरों को निकालकर एम्स और सफदरजंग अस्पताल भेजा जा चुका था। रोते-बिलखते परिजन पुलिसकर्मियों से अपनों के बारे में पूछते रहे। जब घटनास्थल पर उनका पता नहीं चला तो वह अस्पताल भागे। हादसे में घायल हुए आशीष का परिवार एम्स ट्रामा सेंटर के बाहर खड़ा था। आशीष को जख्मी हालत में लाया गया था। परिजनों का कहना था कि बड़ी मुश्किल से उन्हें आशीष का पता चला है। इसी तरह दूसरे के मजदूरों के परिजन भी वहां खड़े थे।
एम्स ट्रामा सेंटर में भर्ती घायल : . आशीष, गोपाल, साहिल रमेश, निजाम, शुजॉए, देवदास, संतू, विक्रम, अमर, संतू, अशोक, कनाई, सुजीत, सुईबुला, शिवनाथ, महादेव और एक अज्ञात।
सफदरजंग अस्पताल में घायल : राजेंद्र दास, राजू, मोनू कुमार, राज बाबू, राजीव, फूलचंद, राम प्रवेश, रामजी पासवान, मुकेश, महादेव और गुड्डू कुमार। यहां एक घायल को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।