{"_id":"6171c8e88415e360624103cc","slug":"temporary-connection-rigging-investigation-completed-report-submitted-noida-news-noi6117108156","type":"story","status":"publish","title_hn":"अस्थायी कनेक्शन धांधली की जांच पूरी, सौंपी रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अस्थायी कनेक्शन धांधली की जांच पूरी, सौंपी रिपोर्ट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नोएडा। ग्रेटर नोएडा और जेवर डिवीजन और नोएडा के खंड तीन में अस्थायी कनेक्शन देने के नाम पर की गई धांधली की जांच पूरी हो गई है। जांच कमेटी ने प्रबंध निदेशक कार्यालय को रिपोर्ट सौंप दी है। अब प्रबंध निदेशक इसे शासन को भेजेंगे। आला अधिकारियों के मुताबिक जांच रिपोर्ट के आधार पर दिवाली से पहले ही इंजीनियरों पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। मामले में 23 इंजीनियरों को आरोपी मानते हुए तबादला किया गया था।
मेरठ में हुई एक बैठक के दौरान ग्रेटर नोएडा डिवीजन की शिकायत की गई थी। जांच में करोड़ों रुपये की अस्थायी कनेक्शन देने के नाम पर की गई धांधली की बात सामने आई थी। पावर कारपोरेशन के चेयरमैन ने पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) के एमडी को कमेटी बनाकर सभी जिलों के अस्थायी कनेक्शनों की जांच करने का निर्देश दिया था। निगम एमडी ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर गौतमबुद्घ नगर के 8 डिवीजन की जांच कराई थी। इनमें ग्रेटर नोएडा, जेवर और डिवीजन तीन में अस्थायी कनेक्शन में धांधली के साक्ष्य मिले हैं।
सात सौ अधिक दस्तावेज की जांच, मिली खामियां
अस्थायी कनेक्शनों देने में दस्तावेज में बड़ी खामियां मिली हैं। जांच कमेटी के अधीक्षण अभियंता संजीव कुमार राजवंशी, अजय कुमार और सहायक लेखाधिकारी राकेश गौतम ने जांच करने के बाद सभी साक्ष्य एमडी ऑफिस में जमा करा दिए हैं। अब शासन को एमडी की ओर से यह जांच रिपोर्ट समीक्षा के साथ भेजनी है। अधिकारियों ने बताया कि जिले में सात सौ से अधिक दस्तावेज की जांच हुई। जांच के दौरान कई अहम दस्तावेज अधिकारियों को मिले हैं जो साक्ष्य के रूप में फाइल के साथ अटैच किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
मेरठ में हुई एक बैठक के दौरान ग्रेटर नोएडा डिवीजन की शिकायत की गई थी। जांच में करोड़ों रुपये की अस्थायी कनेक्शन देने के नाम पर की गई धांधली की बात सामने आई थी। पावर कारपोरेशन के चेयरमैन ने पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) के एमडी को कमेटी बनाकर सभी जिलों के अस्थायी कनेक्शनों की जांच करने का निर्देश दिया था। निगम एमडी ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर गौतमबुद्घ नगर के 8 डिवीजन की जांच कराई थी। इनमें ग्रेटर नोएडा, जेवर और डिवीजन तीन में अस्थायी कनेक्शन में धांधली के साक्ष्य मिले हैं।
विज्ञापन
सात सौ अधिक दस्तावेज की जांच, मिली खामियां
अस्थायी कनेक्शनों देने में दस्तावेज में बड़ी खामियां मिली हैं। जांच कमेटी के अधीक्षण अभियंता संजीव कुमार राजवंशी, अजय कुमार और सहायक लेखाधिकारी राकेश गौतम ने जांच करने के बाद सभी साक्ष्य एमडी ऑफिस में जमा करा दिए हैं। अब शासन को एमडी की ओर से यह जांच रिपोर्ट समीक्षा के साथ भेजनी है। अधिकारियों ने बताया कि जिले में सात सौ से अधिक दस्तावेज की जांच हुई। जांच के दौरान कई अहम दस्तावेज अधिकारियों को मिले हैं जो साक्ष्य के रूप में फाइल के साथ अटैच किए गए हैं।
विज्ञापन