{"_id":"6158af0e8ebc3e09081dfcda","slug":"team-came-from-gwalior-to-collect-evidence-of-mihir-bhoj-being-a-gujjar-noida-news-noi6082271147","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिहिर भोज के गुर्जर होने के साक्ष्य जुटाने ग्वालियर से आई टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिहिर भोज के गुर्जर होने के साक्ष्य जुटाने ग्वालियर से आई टीम
विज्ञापन
दादरी स्थित मिहिर भोज डिग्री कॉलेज में ग्वालियर से आई टीम के साथ कॉलेज के प्रधानाचार्य। संवाद
- फोटो : Grnoida
ग्रेटर नोएडा (राजेश भाटी)। सम्राट मिहिर भोज के इतिहास के साक्ष्य जुटाने के लिए ग्वालियर नगर निगम के आयुक्त के आदेश पर तीन सदस्यों की टीम शनिवार को दादरी पहुंची। सदस्यों ने प्रतिमा स्थल पहुंचकर वीडियोग्राफी करने के साथ ही साक्ष्य भी जुटाए।
29 सितंबर को ग्वालियर नगर निगम के आयुक्त ने एक आदेश जारी किया था। इसमें ग्वालियर में चौराहे पर सम्राट मिहिर भोज प्रतिमा के अनावरण के बाद गुर्जर शब्द लिखा होने से दो पक्षों में विवाद हो गया था। इस संबंध में उनकी अध्यक्षता में जांच सौंपी गई है।
इसके लिए शहरों और स्थलों पर पूर्व में स्थापित प्रतिमाओं का भ्रमण करने और सम्राट के इतिहास के साक्ष्य, स्थापित शिलालेखों के फोटो व अन्य दस्तावेज एकत्र करने के लिए तीन-तीन सदस्यों की कमेटी गठित की गई है। इसमें नई दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर के उपवन, हरिद्वार के लक्सर के बालावती चौराहा, दादरी के मिहिर भोज कॉलेज, फरीदाबाद के अनंगपुर की बड़ी चौपाल पर लगी प्रतिमाओं पर टीमें भेजी गई हैं। दादरी पहुंची टीम में उपनिरीक्षक नरेश उपाध्याय, हरिओम बाथम, धर्मेश दांगी मौजूद रहे। टीम ने प्रतिमा व शिलापट्ट की फोटो लेने के साथ ही कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. राजेंद्र पंवार से इतिहास के बारे में जानकारी ली। प्रधानाचार्य ने कुछ साक्ष्य भी टीम के सदस्यों को दिए।
विज्ञापन
छात्रों ने भी दिया समर्थन
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ में शनिवार को आयोजित सभा में गुर्जर छात्रों ने हिस्सा लिया। छात्र नेता विनीत चपराना ने कहा कि गुर्जर सम्राट मिहिर भोज के नाम पर किसी भी सूरत पर समझौता नहीं किया जाएगा। वे हमारे पूर्वज और सम्मान के प्रतीक हैं। राष्ट्रीय गुर्जर स्वाभिमान समिति ने जो भी फैसले लिए हैं। मजबूती से उसके साथ खड़े रहेंगे।
विज्ञापन
29 सितंबर को ग्वालियर नगर निगम के आयुक्त ने एक आदेश जारी किया था। इसमें ग्वालियर में चौराहे पर सम्राट मिहिर भोज प्रतिमा के अनावरण के बाद गुर्जर शब्द लिखा होने से दो पक्षों में विवाद हो गया था। इस संबंध में उनकी अध्यक्षता में जांच सौंपी गई है।
विज्ञापन
इसके लिए शहरों और स्थलों पर पूर्व में स्थापित प्रतिमाओं का भ्रमण करने और सम्राट के इतिहास के साक्ष्य, स्थापित शिलालेखों के फोटो व अन्य दस्तावेज एकत्र करने के लिए तीन-तीन सदस्यों की कमेटी गठित की गई है। इसमें नई दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर के उपवन, हरिद्वार के लक्सर के बालावती चौराहा, दादरी के मिहिर भोज कॉलेज, फरीदाबाद के अनंगपुर की बड़ी चौपाल पर लगी प्रतिमाओं पर टीमें भेजी गई हैं। दादरी पहुंची टीम में उपनिरीक्षक नरेश उपाध्याय, हरिओम बाथम, धर्मेश दांगी मौजूद रहे। टीम ने प्रतिमा व शिलापट्ट की फोटो लेने के साथ ही कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. राजेंद्र पंवार से इतिहास के बारे में जानकारी ली। प्रधानाचार्य ने कुछ साक्ष्य भी टीम के सदस्यों को दिए।
विज्ञापन
छात्रों ने भी दिया समर्थन
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ में शनिवार को आयोजित सभा में गुर्जर छात्रों ने हिस्सा लिया। छात्र नेता विनीत चपराना ने कहा कि गुर्जर सम्राट मिहिर भोज के नाम पर किसी भी सूरत पर समझौता नहीं किया जाएगा। वे हमारे पूर्वज और सम्मान के प्रतीक हैं। राष्ट्रीय गुर्जर स्वाभिमान समिति ने जो भी फैसले लिए हैं। मजबूती से उसके साथ खड़े रहेंगे।