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मरे शख्स को कागजों में जिंदा कर 1.11 करोड़ की टैक्स चोरी
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नोएडा (योगेश शर्मा)। बुलंदशहर निवासी विक्रम शर्मा की वर्ष 2019 में मौत हो गई थी, लेकिन टैक्स चोरों ने कागजों में उन्हें जिंदा कर फर्जी फर्म के जरिए 3.85 करोड़ रुपये का कारोबार कर डाला। विक्रम शर्मा के नाम पर 1.11 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी कर सरकार के खजाने में सेंध भी लगा दी। राज्य वस्तु एवं सेवा कर (एसजीएसटी) विभाग ने गौतमबुद्ध नगर जिले में ही फर्जीवाड़े के ऐसे 19 मामलों की परतें खोल दी हैं। इन सभी पर कानूनी शिकंजा कसने के लिए बृहस्पतिवार से मुकदमे दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू होने जा रही है।
फर्जी कंपनियां बनाकर 638.36 करोड़ रुपये के टर्नओवर पर बोगस बिलों के जरिए 126.04 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) क्लेम करने के मामले में शनिवार को चार जिलों की 43 लोकेशन पर छापे मारे गए थे। गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, बुलंदशहर और हापुड़ जनपद में 31 लोकेशन ऐसी मिली हैं, जहां फर्जी पतों पर टैक्स की हेराफेरी के लिए कागजों में ही फर्म चलाई जा रही थीं। चार दिन तक डाटा एनालिसिस के बाद गौतमबुद्ध नगर की 19 अस्तित्वहीन फर्मों का खुलासा हुआ है। इनमें ग्रेटर नोएडा के अल्फा -2 के पते पर विक्रम शर्मा के नाम से जीएसटी पंजीकृत फर्म की जांच में पता चला कि उनकी मौत तीन साल पहले हो चुकी है। उनके दस्तावेज और फोटो का इस्तेमाल करते हुए फर्जी फर्म का पंजीयन कराया गया। विभागीय अधिकारी बुलंदशहर जाकर उनके परिजनों से संपर्क करेंगे। जांच के दौरान कई फर्जी एग्रीमेंट मिले हैं। जिनके नाम से एग्रीमेंट हैं, उनसे संपर्क साधा गया तो उन्होंने अपने हस्ताक्षर होने से इनकार कर दिया है। फर्जी प्रपत्रों के आधार पर जीएसटी पंजीयन प्राप्त कर ई-वे बिल के जरिये आईटीसी का लाभ लेने वाले एक शख्स के खिलाफ मंगलवार को गाजियाबाद में केस दर्ज कराया जा चुका है। बृहस्पतिवार से जनपद में यह कार्रवाई शुरू होगी।
बिजली बिल पर मध्यांचल को बना दिया पश्चिमांचल
ग्रेटर नोएडा स्थित गोल्फ कोर्स प्लाजा के पते पर ऐसी फर्म का खुलासा हुआ है, जिसने मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (एमवीवीएनएल) के एक बिजली बिल से छेड़छाड़ कर उसे एडिटिंग के माध्यम से पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) के ग्रेटर नोएडा के पते का बना दिया। जीएसटी पंजीयन के दौरान फर्जी दस्तावेजों के साथ इस बिल को अपलोड किया गया। इस फर्जी फर्म के जरिये 59 करोड़ रुपये का कारोबार कर सरकारी राजस्व को 12.62 करोड़ रुपये की क्षति पहुंचाई गई।
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जीएसटी के फर्जीवाड़े में आयकर की एंट्री
चार जनपदों में बोगस बिलों के जरिये आईटीसी क्लेम कर 126.04 करोड़ रुपये राजस्व क्षति पहुंचाने के फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद आयकर विभाग की एंट्री भी इस जांच में हो गई है। इकोटेक एक्सटेंशन स्थित आयरन स्क्रैप व आयरन स्टील सरिया ट्रेडर फर्म की जांच के दौरान मौके पर मिले स्टॉक और अभिलेखों में 51.45 लाख रुपये की फर्जी आईटीसी को रिवर्स कराते हुए 1.90 करोड़ रुपये कर एवं अर्थदंड के रूप में वसूला गया। फर्म के तीन व्यापार स्थलों पर 20 करोड़ रुपये की खरीद-बिक्री पाई गई। राज्य में पहली बार आयकर विभाग को इनपुट देते हुए व्यापार स्थल से मिले 16.87 लाख रुपये कैश की रिकवरी कराई गई। आयकर विभाग की टीम ने व्यापारी के डेस्कटॉप और छह मोबाइल का डाटा क्लोन कराया गया।
फर्जी फर्म से जुड़े लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू हो गई हैं। इस तरह के मामलों में अन्य जांच एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी। -अदिति सिंह, अपर आयुक्त, राज्य कर-नोएडा जोन
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फर्जी कंपनियां बनाकर 638.36 करोड़ रुपये के टर्नओवर पर बोगस बिलों के जरिए 126.04 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) क्लेम करने के मामले में शनिवार को चार जिलों की 43 लोकेशन पर छापे मारे गए थे। गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, बुलंदशहर और हापुड़ जनपद में 31 लोकेशन ऐसी मिली हैं, जहां फर्जी पतों पर टैक्स की हेराफेरी के लिए कागजों में ही फर्म चलाई जा रही थीं। चार दिन तक डाटा एनालिसिस के बाद गौतमबुद्ध नगर की 19 अस्तित्वहीन फर्मों का खुलासा हुआ है। इनमें ग्रेटर नोएडा के अल्फा -2 के पते पर विक्रम शर्मा के नाम से जीएसटी पंजीकृत फर्म की जांच में पता चला कि उनकी मौत तीन साल पहले हो चुकी है। उनके दस्तावेज और फोटो का इस्तेमाल करते हुए फर्जी फर्म का पंजीयन कराया गया। विभागीय अधिकारी बुलंदशहर जाकर उनके परिजनों से संपर्क करेंगे। जांच के दौरान कई फर्जी एग्रीमेंट मिले हैं। जिनके नाम से एग्रीमेंट हैं, उनसे संपर्क साधा गया तो उन्होंने अपने हस्ताक्षर होने से इनकार कर दिया है। फर्जी प्रपत्रों के आधार पर जीएसटी पंजीयन प्राप्त कर ई-वे बिल के जरिये आईटीसी का लाभ लेने वाले एक शख्स के खिलाफ मंगलवार को गाजियाबाद में केस दर्ज कराया जा चुका है। बृहस्पतिवार से जनपद में यह कार्रवाई शुरू होगी।
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बिजली बिल पर मध्यांचल को बना दिया पश्चिमांचल
ग्रेटर नोएडा स्थित गोल्फ कोर्स प्लाजा के पते पर ऐसी फर्म का खुलासा हुआ है, जिसने मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (एमवीवीएनएल) के एक बिजली बिल से छेड़छाड़ कर उसे एडिटिंग के माध्यम से पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) के ग्रेटर नोएडा के पते का बना दिया। जीएसटी पंजीयन के दौरान फर्जी दस्तावेजों के साथ इस बिल को अपलोड किया गया। इस फर्जी फर्म के जरिये 59 करोड़ रुपये का कारोबार कर सरकारी राजस्व को 12.62 करोड़ रुपये की क्षति पहुंचाई गई।
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जीएसटी के फर्जीवाड़े में आयकर की एंट्री
चार जनपदों में बोगस बिलों के जरिये आईटीसी क्लेम कर 126.04 करोड़ रुपये राजस्व क्षति पहुंचाने के फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद आयकर विभाग की एंट्री भी इस जांच में हो गई है। इकोटेक एक्सटेंशन स्थित आयरन स्क्रैप व आयरन स्टील सरिया ट्रेडर फर्म की जांच के दौरान मौके पर मिले स्टॉक और अभिलेखों में 51.45 लाख रुपये की फर्जी आईटीसी को रिवर्स कराते हुए 1.90 करोड़ रुपये कर एवं अर्थदंड के रूप में वसूला गया। फर्म के तीन व्यापार स्थलों पर 20 करोड़ रुपये की खरीद-बिक्री पाई गई। राज्य में पहली बार आयकर विभाग को इनपुट देते हुए व्यापार स्थल से मिले 16.87 लाख रुपये कैश की रिकवरी कराई गई। आयकर विभाग की टीम ने व्यापारी के डेस्कटॉप और छह मोबाइल का डाटा क्लोन कराया गया।
फर्जी फर्म से जुड़े लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू हो गई हैं। इस तरह के मामलों में अन्य जांच एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी। -अदिति सिंह, अपर आयुक्त, राज्य कर-नोएडा जोन