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Noida News: ग्रेनो में बिना चीरे की सर्जरी से तंजानिया की महिला का इलाज
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- 8 महीने की परेशानी से मिली राहत, आधुनिक तकनीक से इलाज के बाद अपने देश वापस
ग्रेटर नोएडा (संवाद)। शहर के निजी अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा तकनीक के जरिए तंजानिया की 62 वर्षीय महिला को थायरॉइड की गांठ से राहत मिली है। लंबे समय से दर्द और परेशानी झेल रही महिला अब पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने देश लौट चुकी है।
दरअसल, कैरोलिन पिछले करीब 8 से 10 महीनों से गले में बनी थायरॉइड गांठ की समस्या से जूझ रही थीं। शुरुआत में उनकी गर्दन के दाई ओर हल्की सूजन दिखाई दी, जिसे उन्होंने सामान्य समझकर नजरअंदाज कर दिया। लेकिन समय के साथ सूजन बढ़ती गई और एक बड़ी गांठ में बदल गई। इस वजह से उन्हें खाना निगलने में दिक्कत (डिस्फेजिया) होने लगी। गले में लगातार भारीपन महसूस होता था और कई बार भोजन गले में अटक जाता था। धीरे-धीरे समस्या से रोजमर्रा का जीवन प्रभावित होने लगा और ठोस भोजन करना भी मुश्किल हो गया। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क तीन स्थित शारदा केयर हॉस्पिलिटी सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. हेमकांत वर्मा ने बताया कि जांच में थायरॉइड के दाएं हिस्से में एक बड़ी गांठ पाई गई, जो कैंसर रहित थी, लेकिन आकार इतना बढ़ चुका था कि वह खाने की नली पर दबाव डाल रही थी। टीम ने आधुनिक तकनीक ‘एंडोस्कोपिक थायरॉइडेक्टॉमी (इनविजिबल स्कार सर्जरी) की मदद से बिना चीरा लगाएं महिला का इलाज किया।
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ग्रेटर नोएडा (संवाद)। शहर के निजी अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा तकनीक के जरिए तंजानिया की 62 वर्षीय महिला को थायरॉइड की गांठ से राहत मिली है। लंबे समय से दर्द और परेशानी झेल रही महिला अब पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने देश लौट चुकी है।
दरअसल, कैरोलिन पिछले करीब 8 से 10 महीनों से गले में बनी थायरॉइड गांठ की समस्या से जूझ रही थीं। शुरुआत में उनकी गर्दन के दाई ओर हल्की सूजन दिखाई दी, जिसे उन्होंने सामान्य समझकर नजरअंदाज कर दिया। लेकिन समय के साथ सूजन बढ़ती गई और एक बड़ी गांठ में बदल गई। इस वजह से उन्हें खाना निगलने में दिक्कत (डिस्फेजिया) होने लगी। गले में लगातार भारीपन महसूस होता था और कई बार भोजन गले में अटक जाता था। धीरे-धीरे समस्या से रोजमर्रा का जीवन प्रभावित होने लगा और ठोस भोजन करना भी मुश्किल हो गया। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क तीन स्थित शारदा केयर हॉस्पिलिटी सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. हेमकांत वर्मा ने बताया कि जांच में थायरॉइड के दाएं हिस्से में एक बड़ी गांठ पाई गई, जो कैंसर रहित थी, लेकिन आकार इतना बढ़ चुका था कि वह खाने की नली पर दबाव डाल रही थी। टीम ने आधुनिक तकनीक ‘एंडोस्कोपिक थायरॉइडेक्टॉमी (इनविजिबल स्कार सर्जरी) की मदद से बिना चीरा लगाएं महिला का इलाज किया।
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