{"_id":"60241b7a8ebc3ee940766efc","slug":"talk-failed-with-farmer-mahapanchyat-today-grnoida-news-noi564956559","type":"story","status":"publish","title_hn":"वार्ता विफल रही तो आज महापंचायत कर रोकेंगे निर्माण कार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वार्ता विफल रही तो आज महापंचायत कर रोकेंगे निर्माण कार्य
विज्ञापन
विफल रही वार्ता, आज महापंचायत कर रोकेंगे निर्माण कार्य
ग्रेटर नोएडा। प्राधिकरण के सीईओ और जिलाधिकारी ने बुधवार शाम दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (डीएमआईसी) परियोजना से प्रभावित किसानों के साथ वार्ता की। किसानों ने अपनी मांगें रखीं, लेकिन कोई हल नहीं निकला। वार्ता विफल होने पर किसान बृहस्पतिवार को धरनास्थल पर महापंचायत करेंगे और उसके बाद परियोजना का निर्माण कार्य रोकेंगे। वहीं, धरना स्थल पर किसानों का क्रमिक अनशन सातवें दिन भी जारी रहा। किसान नेता सुनील फौजी ने बताया कि नए भूमि अधिग्रहण का लाभ देने, आबादी के मामलों का निस्तारण, उद्योगों में 50 प्रतिशत युवाओं को आरक्षण देने समेत अन्य मांगों को लेकर किसान 22 दिन से प्राधिकरण पर धरना दे रहे हैं। सातवें दिन अनशन पर ब्रह्म भाटी, प्रवीन भाटी, संजय, जयवीर, बाबूद्दीन, फतह भाटी, महीपाल, रामपाल, ब्रह्म प्रकाश, अरुण भाटी और बिजेंद्र भाटी बैठे।
रामगढ़ में किसानों ने रोका निर्माण कार्य
चमरावली रामगढ़ के किसान मुआवजे की मांग को लेकर पांच जनवरी से धरने पर बैठे हैं। मांग पूरी नहीं होने पर किसानों ने रविवार को डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कार्पोरेशन (डीएफसीसी) परियोजना का काम रोका था। जिसमें सात लोगों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया था। बुधवार को किसानों ने फिर से निर्माण कार्य रोका है। बाद में पुलिस ने किसानों को वहां से हटाया।
किसानों ने पूर्व मुख्यमंत्री से की मुलाकात
परियोजना से प्रभावित किसानों के एक दल ने बुधवार को प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की और 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। पूर्व मुख्यमंत्री ने किसानों को समर्थन दिया है और सपा की सरकार बनने के बाद किसानों की समस्याओं का निस्तारण करने व मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रेटर नोएडा। प्राधिकरण के सीईओ और जिलाधिकारी ने बुधवार शाम दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (डीएमआईसी) परियोजना से प्रभावित किसानों के साथ वार्ता की। किसानों ने अपनी मांगें रखीं, लेकिन कोई हल नहीं निकला। वार्ता विफल होने पर किसान बृहस्पतिवार को धरनास्थल पर महापंचायत करेंगे और उसके बाद परियोजना का निर्माण कार्य रोकेंगे। वहीं, धरना स्थल पर किसानों का क्रमिक अनशन सातवें दिन भी जारी रहा। किसान नेता सुनील फौजी ने बताया कि नए भूमि अधिग्रहण का लाभ देने, आबादी के मामलों का निस्तारण, उद्योगों में 50 प्रतिशत युवाओं को आरक्षण देने समेत अन्य मांगों को लेकर किसान 22 दिन से प्राधिकरण पर धरना दे रहे हैं। सातवें दिन अनशन पर ब्रह्म भाटी, प्रवीन भाटी, संजय, जयवीर, बाबूद्दीन, फतह भाटी, महीपाल, रामपाल, ब्रह्म प्रकाश, अरुण भाटी और बिजेंद्र भाटी बैठे।
रामगढ़ में किसानों ने रोका निर्माण कार्य
चमरावली रामगढ़ के किसान मुआवजे की मांग को लेकर पांच जनवरी से धरने पर बैठे हैं। मांग पूरी नहीं होने पर किसानों ने रविवार को डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कार्पोरेशन (डीएफसीसी) परियोजना का काम रोका था। जिसमें सात लोगों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया था। बुधवार को किसानों ने फिर से निर्माण कार्य रोका है। बाद में पुलिस ने किसानों को वहां से हटाया।
विज्ञापन
किसानों ने पूर्व मुख्यमंत्री से की मुलाकात
परियोजना से प्रभावित किसानों के एक दल ने बुधवार को प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की और 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। पूर्व मुख्यमंत्री ने किसानों को समर्थन दिया है और सपा की सरकार बनने के बाद किसानों की समस्याओं का निस्तारण करने व मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन