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Noida News: बिल्डरों से बकाया जमा करवाकर परियोजनाओं को आगे बढाएं
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-सीएजी आपत्तियों पर सुनवाई में लोक लेखा समिति ने दिया निर्देश
माई सिटी रिपोर्टर,
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण के कामकाज पर लगी सीएजी ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण के लिए मंगलवार को लोक लेखा समिति (पीएसी) की सुनवाई हुई। पीएसी ने स्पोर्ट्स सिटी समेत अन्य प्रकरण में लगी आपत्तियों पर सुनवाई की। शासन व प्राधिकरण को निर्देश दिया कि बिल्डरों से बकाया जमा करवाकर उनकी परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाए। पीएसी की यह 11 वीं सुनवाई थी।
स्पोर्ट्स सिटी परियोजना में सीएजी ऑडिट में 32 आपत्तियां दर्ज हुई थीं। इनमें से 10 का निस्तारण पहले पीएसी की सुनवाई में हो चुका है। मंगलवार को 22 आपत्तियों पर सुनवाई हुई। प्राधिकरण की तरफ से इन आपत्तियों पर जवाब दे दिया गया है। स्पोर्ट्स सिटी मामले में अधिकांश आपत्तियां सस्ती दरों पर बिल्डरों को जमीन देने, 70 प्रतिशत हिस्से में खेल सुविधाएं विकसित करने के बजाए काफी हिस्से में आवासीय और व्यावसायिक संपत्ति का निर्माण करने, खेल सुविधाओं के नाम पर नाममात्र का काम करने, नोएडा प्राधिकरण की तरफ से बिना मौके पर जाए नक्शा पास करते हुए लापरवाही बरतने, बकायेदार बिल्डरों को और जमीन आवंटन को लेकर थी। पीएसी ने निर्देश दिया है कि बिल्डरों से बकाया जमा करवाएं और खेल सुविधाएं जो विकसित नहीं की हैं उनको विकसित करने में जो खर्च आए उसे भी बिल्डरों से लिया जाए। गौरतलब है कि स्पोर्ट्स सिटी को लेकर पहले भी पीएसी निर्देश दे चुकी है। सुनवाई में प्राधिकरण के सीईओ डॉ लोकेश एम, एसीईओ संजय खत्री समेत अन्य अधिकारी लखनऊ गए थे।
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मंगलवार को हुई ग्रुप हाउसिंग से जुड़ी सुनवाई
मंगलवार को स्पोर्ट्स सिटी के अलावा ग्रुप हाउसिंग विभाग से जुड़ी आपत्तियों पर सुनवाई हुई। इस विभाग के कामकाज पर 30 आपत्तियां लगीं थी जिनमें से 13 का निस्तारण पहले ही हो चुका था। मंगलवार को करीब 10 और आपत्तियों पर प्राधिकरण ने अपना पक्ष रखा। इसके अलावा संस्थागत विभाग के कामकाज पर लगीं सभी 19 आपत्तियों पर सुनवाई हुई। इसमें सस्ती दरों पर भूखंड देने समेत अन्य आपत्तियां थीं। इन सभी आपत्तियों पर प्राधिकरण ने जवाब दिया।
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माई सिटी रिपोर्टर,
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण के कामकाज पर लगी सीएजी ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण के लिए मंगलवार को लोक लेखा समिति (पीएसी) की सुनवाई हुई। पीएसी ने स्पोर्ट्स सिटी समेत अन्य प्रकरण में लगी आपत्तियों पर सुनवाई की। शासन व प्राधिकरण को निर्देश दिया कि बिल्डरों से बकाया जमा करवाकर उनकी परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाए। पीएसी की यह 11 वीं सुनवाई थी।
स्पोर्ट्स सिटी परियोजना में सीएजी ऑडिट में 32 आपत्तियां दर्ज हुई थीं। इनमें से 10 का निस्तारण पहले पीएसी की सुनवाई में हो चुका है। मंगलवार को 22 आपत्तियों पर सुनवाई हुई। प्राधिकरण की तरफ से इन आपत्तियों पर जवाब दे दिया गया है। स्पोर्ट्स सिटी मामले में अधिकांश आपत्तियां सस्ती दरों पर बिल्डरों को जमीन देने, 70 प्रतिशत हिस्से में खेल सुविधाएं विकसित करने के बजाए काफी हिस्से में आवासीय और व्यावसायिक संपत्ति का निर्माण करने, खेल सुविधाओं के नाम पर नाममात्र का काम करने, नोएडा प्राधिकरण की तरफ से बिना मौके पर जाए नक्शा पास करते हुए लापरवाही बरतने, बकायेदार बिल्डरों को और जमीन आवंटन को लेकर थी। पीएसी ने निर्देश दिया है कि बिल्डरों से बकाया जमा करवाएं और खेल सुविधाएं जो विकसित नहीं की हैं उनको विकसित करने में जो खर्च आए उसे भी बिल्डरों से लिया जाए। गौरतलब है कि स्पोर्ट्स सिटी को लेकर पहले भी पीएसी निर्देश दे चुकी है। सुनवाई में प्राधिकरण के सीईओ डॉ लोकेश एम, एसीईओ संजय खत्री समेत अन्य अधिकारी लखनऊ गए थे।
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मंगलवार को हुई ग्रुप हाउसिंग से जुड़ी सुनवाई
मंगलवार को स्पोर्ट्स सिटी के अलावा ग्रुप हाउसिंग विभाग से जुड़ी आपत्तियों पर सुनवाई हुई। इस विभाग के कामकाज पर 30 आपत्तियां लगीं थी जिनमें से 13 का निस्तारण पहले ही हो चुका था। मंगलवार को करीब 10 और आपत्तियों पर प्राधिकरण ने अपना पक्ष रखा। इसके अलावा संस्थागत विभाग के कामकाज पर लगीं सभी 19 आपत्तियों पर सुनवाई हुई। इसमें सस्ती दरों पर भूखंड देने समेत अन्य आपत्तियां थीं। इन सभी आपत्तियों पर प्राधिकरण ने जवाब दिया।
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