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Noida News: यूपी के शो विंडो में चरमराई व्यवस्था, कूड़े के ढेर में तब्दील होने लगा शहर
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- तीसरे दिन भी जारी रही सफाईकर्मियों की हड़ताल, सोसाइटी से लेकर सेक्टर में लोग परेशान
नंबर
1000 मीट्रिक टन कचरा प्रतिदिन निकलता है
1800 से ज्यादा वाहन कूड़ा लेने नहीं जा रहे
5000 से ज्यादा कर्मियों ने किया कार्य बहिष्कार
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। तीन दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था चरमराने लगी है। कूड़ा उठान नहीं होने से कई सेक्टरों में गंदगी के ढेर दिखने लगे हैं। जिससे निकलने वाली दुर्गंध से लोगों को वहां से निकलना मुश्किल हो गया है। शहरवासियों का कहना है कि हड़ताल जल्द खत्म नहीं हुई तो शहर की स्थिति बदहाल हो जाएगी।
प्राधिकरण के प्राप्त जानकारी के मुताबिक शहर से रोजाना 1000 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। जिसे अलग-अलग प्लांट में निस्तारित किया जाता है। फिलहाल 5 हजार से ज्यादा सफाईकर्मी हड़ताल पर हैं। इस वजह से रोजाना 1800 से ज्यादा वाहन सड़कों से कूड़ा उठाने और सफाई के लिए नहीं उतर रहे। सेक्टरों में कूड़ा कलेक्शन के लिए गाड़ियां नहीं जा रही हैं और न ही सोसाइटियों में कर्मचारी कूड़ा उठा जा रहे हैं। कई जगह लोगों ने मजबूरी में कूड़ा सड़क किनारे या खाली स्थानों पर डालना शुरू कर दिया है। इससे कूड़ा पड़ाव स्थल छोटे-छोटे डंपिंग प्वाइंट में बदलते नजर आ रहे हैं।
इंदौर से 16 गुना ज्यादा खर्च करता है प्राधिकरण
नोएडा प्राधिकरण स्वच्छता के मामले में देश में अव्वल रहने वाले इंदौर से करीब 16 गुना ज्यादा खर्च करता है। वर्ष- 2023-24 के नौ महीने में प्राधिकरण के जन स्वास्थ्य विभाग ने 182 करोड़ रुपये खर्च किए थे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्राधिकरण किस तरह लापरवाही सफाई के मामले में बरत रहा है। करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी सफाई व्यवस्था बदहाल है।
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इस साल तीसरी वार हुई हड़ताल
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के रवैये की वजह से साल में लगभग कई बार सफाईकर्मी हड़ताल करते हैं। इसी साल मार्च के महीने में सफाईकर्मियों ने हड़ताल की थी। इसके बाद जून के महीने में भी हड़ताल पर रहे थे। बीते साल भी प्राधिकरण के सामने विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल की गई थी।
ये हैं सफाईकर्मियों की प्रमुख तीन मांगें
-वेतन बढ़ोतरी
- पुराने वेतन का भुगतान
- मृतक के आश्रितों को नौकरी
सेक्टरों में घरों के बाहर और सामुदायिक कूड़ाघरों में जमा हुआ कचरा, निवासी परेशान
नोएडा। कूड़े का नियमित उठान नहीं होने से निवासी परेशान हैं। घरों से निकलने वाला कचरा सड़कों के किनारे और घर के पास जमा हो गया है। कई जगह कूड़े के ढेर से दुर्गंध उठने लगी है। इससे आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। सेक्टर-122 के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष शिव कुमार तिवारी ने बताया कि सफाईकर्मियों की हड़ताल का असर पूरे शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ रहा है। घरों का कचरा उठाया नहीं गया। कुछ स्थानों पर कूड़ेदान और कचरा एकत्र करने के स्थान भी भर गए हैं। सेक्टर-22 एफ ब्लॉक के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष केपी भट्ट ने बताया कि कचरा अधिक समय तक पड़ा रहने से दुर्गंध की समस्या बढ़ रही है। फोनरवा के पदाधिकारियों ने नोएडा प्राधिकरण से मामले में स्थायी समाधान निकालने की मांग की है जिससे हर बार ऐसी दिक्कत न आए।
सफाईकर्मियों के बार-बार हड़ताल पर जाने का खामियाजा सेक्टरवासियों को भुगतना पड़ता है। - केके जैन, फोनरवा महासचिव
हमारे सेक्टर से पिछले तीन दिनों से कूड़ा नहीं उठा है। इससे कई स्थानों पर तेज दुर्गंध फैल रही है। -परेश गुप्ता, सेक्टर-12
हमारे अपार्टमेंट के लोग तीन दिनों से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है। -संजीव पाल, सेक्टर 117, कृष्णा अपार्टमेंट
हमारे यहां एक खाली मैदान में काफी कूड़ा इकट्ठा हो चुका है, आसपास से लोगों ने वहां से निकलना छोड़ दिया है। - नितिन चौहान, सेक्टर 122
संगठन बोला हड़ताल जारी है
अभी हड़ताल खत्म नहीं हुई है। जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी काम पर नहीं लौटेंगे। लगभग 5 हजार कर्मचारी और 1800 से ज्यादा वाहन काम पर नहीं जा रहे हैं।
बबलू पार्चा, प्रदेश मंत्री, अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस
प्राधिकरण का दावा हड़ताल खत्म
सफाईकर्मियों की 2.5 प्रतिशत वाली मांग पर हामी भर दी गई है जिसके साथ हड़ताल खत्म हो गई। सभी अपने काम पर भी लौट गए हैं। - एसपी सिंह, जीएम नोएडा प्राधिकरण।
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1000 मीट्रिक टन कचरा प्रतिदिन निकलता है
1800 से ज्यादा वाहन कूड़ा लेने नहीं जा रहे
5000 से ज्यादा कर्मियों ने किया कार्य बहिष्कार
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। तीन दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था चरमराने लगी है। कूड़ा उठान नहीं होने से कई सेक्टरों में गंदगी के ढेर दिखने लगे हैं। जिससे निकलने वाली दुर्गंध से लोगों को वहां से निकलना मुश्किल हो गया है। शहरवासियों का कहना है कि हड़ताल जल्द खत्म नहीं हुई तो शहर की स्थिति बदहाल हो जाएगी।
प्राधिकरण के प्राप्त जानकारी के मुताबिक शहर से रोजाना 1000 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। जिसे अलग-अलग प्लांट में निस्तारित किया जाता है। फिलहाल 5 हजार से ज्यादा सफाईकर्मी हड़ताल पर हैं। इस वजह से रोजाना 1800 से ज्यादा वाहन सड़कों से कूड़ा उठाने और सफाई के लिए नहीं उतर रहे। सेक्टरों में कूड़ा कलेक्शन के लिए गाड़ियां नहीं जा रही हैं और न ही सोसाइटियों में कर्मचारी कूड़ा उठा जा रहे हैं। कई जगह लोगों ने मजबूरी में कूड़ा सड़क किनारे या खाली स्थानों पर डालना शुरू कर दिया है। इससे कूड़ा पड़ाव स्थल छोटे-छोटे डंपिंग प्वाइंट में बदलते नजर आ रहे हैं।
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इंदौर से 16 गुना ज्यादा खर्च करता है प्राधिकरण
नोएडा प्राधिकरण स्वच्छता के मामले में देश में अव्वल रहने वाले इंदौर से करीब 16 गुना ज्यादा खर्च करता है। वर्ष- 2023-24 के नौ महीने में प्राधिकरण के जन स्वास्थ्य विभाग ने 182 करोड़ रुपये खर्च किए थे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्राधिकरण किस तरह लापरवाही सफाई के मामले में बरत रहा है। करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी सफाई व्यवस्था बदहाल है।
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इस साल तीसरी वार हुई हड़ताल
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के रवैये की वजह से साल में लगभग कई बार सफाईकर्मी हड़ताल करते हैं। इसी साल मार्च के महीने में सफाईकर्मियों ने हड़ताल की थी। इसके बाद जून के महीने में भी हड़ताल पर रहे थे। बीते साल भी प्राधिकरण के सामने विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल की गई थी।
ये हैं सफाईकर्मियों की प्रमुख तीन मांगें
-वेतन बढ़ोतरी
- पुराने वेतन का भुगतान
- मृतक के आश्रितों को नौकरी
सेक्टरों में घरों के बाहर और सामुदायिक कूड़ाघरों में जमा हुआ कचरा, निवासी परेशान
नोएडा। कूड़े का नियमित उठान नहीं होने से निवासी परेशान हैं। घरों से निकलने वाला कचरा सड़कों के किनारे और घर के पास जमा हो गया है। कई जगह कूड़े के ढेर से दुर्गंध उठने लगी है। इससे आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। सेक्टर-122 के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष शिव कुमार तिवारी ने बताया कि सफाईकर्मियों की हड़ताल का असर पूरे शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ रहा है। घरों का कचरा उठाया नहीं गया। कुछ स्थानों पर कूड़ेदान और कचरा एकत्र करने के स्थान भी भर गए हैं। सेक्टर-22 एफ ब्लॉक के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष केपी भट्ट ने बताया कि कचरा अधिक समय तक पड़ा रहने से दुर्गंध की समस्या बढ़ रही है। फोनरवा के पदाधिकारियों ने नोएडा प्राधिकरण से मामले में स्थायी समाधान निकालने की मांग की है जिससे हर बार ऐसी दिक्कत न आए।
सफाईकर्मियों के बार-बार हड़ताल पर जाने का खामियाजा सेक्टरवासियों को भुगतना पड़ता है। - केके जैन, फोनरवा महासचिव
हमारे सेक्टर से पिछले तीन दिनों से कूड़ा नहीं उठा है। इससे कई स्थानों पर तेज दुर्गंध फैल रही है। -परेश गुप्ता, सेक्टर-12
हमारे अपार्टमेंट के लोग तीन दिनों से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है। -संजीव पाल, सेक्टर 117, कृष्णा अपार्टमेंट
हमारे यहां एक खाली मैदान में काफी कूड़ा इकट्ठा हो चुका है, आसपास से लोगों ने वहां से निकलना छोड़ दिया है। - नितिन चौहान, सेक्टर 122
संगठन बोला हड़ताल जारी है
अभी हड़ताल खत्म नहीं हुई है। जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी काम पर नहीं लौटेंगे। लगभग 5 हजार कर्मचारी और 1800 से ज्यादा वाहन काम पर नहीं जा रहे हैं।
बबलू पार्चा, प्रदेश मंत्री, अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस
प्राधिकरण का दावा हड़ताल खत्म
सफाईकर्मियों की 2.5 प्रतिशत वाली मांग पर हामी भर दी गई है जिसके साथ हड़ताल खत्म हो गई। सभी अपने काम पर भी लौट गए हैं। - एसपी सिंह, जीएम नोएडा प्राधिकरण।