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Noida News: तीन साल से मेट्रो स्टेशन के करीब सिंथेटिक ड्रग्स की फैक्टरी और लेबोरेटरी
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तीन साल से मेट्रो स्टेशन के पास चला रहे थे ड्रग्स की फैक्टरी
ग्रेनो में 300 करोड़ की ड्रग्स के साथ नौ विदेशी की गिरफ्तारी का मामला
नाइजीरियाई के रजिस्टर में मई 2020 में आने वाले लोगों की उपस्थिति का मिला ब्योरा
एनसीबी द्वारा मई 2019 में 400 करोड़ की ड्रग्स संग पकड़े गिरोह से जुड़े हो सकते हैं तार
जेपी शर्मा
ग्रेटर नोएडा। तीन सौ करोड़ की मैथाफीटामाइन (एमडीएम/मैथाक्वालीन-कोकीन) ड्रग्स के साथ पकड़े गए नौ नाइजीरियाई तीन साल से नशे की फैक्टरी और लैब चला रहे थे। डिपो मेट्रो स्टेशन के पास स्थित मकान में चल रही फैक्टरी से मिले रजिस्टर में 29 मई 2020 से लेकर जनवरी 2023 तक उपस्थिति दर्ज की गई है। इनमें जिनके नाम है, पुलिस उन्हें तलाश रही है।
वर्ष 2019 में दिल्ली नारकोटिक्स कंट्रोल बोर्ड की टीम ने ग्रेनो में 400 करेाड़ की 1818 किलो स्यूडोएफीड्रीन (ड्रग्स) पकड़ी थी। इसके ठीक एक वर्ष बाद का अब पकड़े गए नौ विदेशी आरोपियों के रजिस्टर से लेखाजोखा मिला है। ऐसे में आशंका है कि पकड़े गए आरोपियों के तार पहले गिरफ्तार किए गए गिरोह से हो सकते हैं।
ग्रेनो में नाइजीरिया के नागरिकों के मादक पदार्थ के अवैध धंधे में लिप्त होने का कोई पहला मामला नहीं है। अवैध रूप से रहने वाले नाइजीरियाई पहले भी इस तरह ड्रग्स तस्करी में पकड़े जा चुके हैं। मई 2019 में दिल्ली एयरपोर्ट पर एनसीबी ने अफ्रीकी मूल की महिला को 24 किलो ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। इससे पूछताछ के बाद पी-चार सेक्टर से तीन अन्य विदेशियों को गिरफ्तार किया।
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एनसीबी ने यहां चल रही ड्रग्स बनाने की फैक्टरी और लैब का खुलासा किया था। एनसीबी ने बताया था कि यह फैक्टरी ग्रेनो में डेढ़ साल से चल रही थी। खास बात यह है कि अब डिपो मेट्रो स्टेशन के पास थीटा-2 सेक्टर स्थित एक मकान से 300 करोड़ की ड्रग्स बरामद की है। इससे आशंका जताई जा रही है कि पी-चार की फैक्टरी बंद होने के बाद ही आरोपियों ने इसी मकान या कहीं दूसरी जगह नशे की फैक्टरी संचालित कर दी हो। यह स्थान न केवल मेट्रो स्टेशन से लगभग तीन सौ मीटर दूरी पर है बल्कि जुनपत पुलिस चौकी भी कुछ आगे है। यह पुलिस चौकी भी गौतमबुद्ध नगर में कमिश्नरेट लागू होने के बाद आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए स्थापित की गई थी।
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दाे डायरी और एक रजिस्टर में अवैध धंधे का लेखा-जोखा
मौके से मिली एक छोटी डायरी के कवर पर ‘2020 डोंट बी सेम बेटर’ लिखा है। एक स्पाइरल छोटी डायरी जिस पर ‘अल्टीमेट अंबेसडर्स फ्रेंड्स क्लब ऑफ नाइजीरिया इनोगरेशन 2019 मोट्टो इन गॉड वी ट्रस्ट’ लिखा है। दोनों डायरी में अवैध माल और धंधे का लेनदेन का विवरण अंकित है। एक हर रंगे के रजिस्टर पर फाइनेंशियल बुक पर तिथि चार मई 2020 लिखा है। इसमें 29 मई 2020 से 27 जनवरी 2023 तक तिथिवार और नामवार विवरण लिखा है।
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चेन सिस्टम देश-विदेश और डार्क वेब तक फैला मकड़जाल
पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपी मादक पदार्थ बनाते थे। गिरोह चेन सिस्टम से देश-विदेश तक मादक पदार्थ की तस्करी कर रहा था। गिरोह में कुछ लोग इन्हें रसायन उपलब्ध कराते थे जिनसे ड्रग्स तैयार की जाती है। आरोपियों ने इसके लिए पूरी ट्रेनिंग ली हुई है। इनमें कुछ लोगों ने ग्रेनो में ड्रग्स तैयार करना सीखा है तो कुछ ऑनलाइन प्रशिक्षण लेकर अवैध धंधे में जुट गए। ग्रेनो, नोएडा, दिल्ली, एनसीआर और देश के वे शहर जहां एजुकेशन हब या फिर युवाओं की गतिविधियां अधिक होती हैं। वहां गिरोह के ऐसे बदमाश सक्रिय हैं जो नशे की तैयार खेप को पहुंचाते हैं। आरोपी का टेलीग्राम चैनल, फेसबुक, व्हाट्सएप के अलावा इंटरनेट का अंडरवर्ल्ड कहे जाने वाले डार्क वेब तक आरोपियों का जाल फैला है।
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दस पर एफआईआर, सभी गिरफ्तार
पुलिस ने नशे के अवैध धंधे का खुलासा कर पुलिस ने एनुडम इमैनुअल, अजोकू उबाका, डैमियल अजूह, द्रामेमोम्ड, लेवी उजोचुक्व, जैकब एमेफिएले, जॉन कोफी, चिडी इजीअग्वा और अजोकू क्लेची के अलावा एम्मानु को गिरफ्तार किया है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों को पूछताछ के लिए रिमांड पर लेगी। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी और गिरफ्तार आरोपियों ने रिमांड पर पूछताछ के बाद अवैध धंधे की परतें खुलेंगी।
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ग्रेनो में 300 करोड़ की ड्रग्स के साथ नौ विदेशी की गिरफ्तारी का मामला
नाइजीरियाई के रजिस्टर में मई 2020 में आने वाले लोगों की उपस्थिति का मिला ब्योरा
एनसीबी द्वारा मई 2019 में 400 करोड़ की ड्रग्स संग पकड़े गिरोह से जुड़े हो सकते हैं तार
जेपी शर्मा
ग्रेटर नोएडा। तीन सौ करोड़ की मैथाफीटामाइन (एमडीएम/मैथाक्वालीन-कोकीन) ड्रग्स के साथ पकड़े गए नौ नाइजीरियाई तीन साल से नशे की फैक्टरी और लैब चला रहे थे। डिपो मेट्रो स्टेशन के पास स्थित मकान में चल रही फैक्टरी से मिले रजिस्टर में 29 मई 2020 से लेकर जनवरी 2023 तक उपस्थिति दर्ज की गई है। इनमें जिनके नाम है, पुलिस उन्हें तलाश रही है।
वर्ष 2019 में दिल्ली नारकोटिक्स कंट्रोल बोर्ड की टीम ने ग्रेनो में 400 करेाड़ की 1818 किलो स्यूडोएफीड्रीन (ड्रग्स) पकड़ी थी। इसके ठीक एक वर्ष बाद का अब पकड़े गए नौ विदेशी आरोपियों के रजिस्टर से लेखाजोखा मिला है। ऐसे में आशंका है कि पकड़े गए आरोपियों के तार पहले गिरफ्तार किए गए गिरोह से हो सकते हैं।
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ग्रेनो में नाइजीरिया के नागरिकों के मादक पदार्थ के अवैध धंधे में लिप्त होने का कोई पहला मामला नहीं है। अवैध रूप से रहने वाले नाइजीरियाई पहले भी इस तरह ड्रग्स तस्करी में पकड़े जा चुके हैं। मई 2019 में दिल्ली एयरपोर्ट पर एनसीबी ने अफ्रीकी मूल की महिला को 24 किलो ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। इससे पूछताछ के बाद पी-चार सेक्टर से तीन अन्य विदेशियों को गिरफ्तार किया।
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एनसीबी ने यहां चल रही ड्रग्स बनाने की फैक्टरी और लैब का खुलासा किया था। एनसीबी ने बताया था कि यह फैक्टरी ग्रेनो में डेढ़ साल से चल रही थी। खास बात यह है कि अब डिपो मेट्रो स्टेशन के पास थीटा-2 सेक्टर स्थित एक मकान से 300 करोड़ की ड्रग्स बरामद की है। इससे आशंका जताई जा रही है कि पी-चार की फैक्टरी बंद होने के बाद ही आरोपियों ने इसी मकान या कहीं दूसरी जगह नशे की फैक्टरी संचालित कर दी हो। यह स्थान न केवल मेट्रो स्टेशन से लगभग तीन सौ मीटर दूरी पर है बल्कि जुनपत पुलिस चौकी भी कुछ आगे है। यह पुलिस चौकी भी गौतमबुद्ध नगर में कमिश्नरेट लागू होने के बाद आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए स्थापित की गई थी।
दाे डायरी और एक रजिस्टर में अवैध धंधे का लेखा-जोखा
मौके से मिली एक छोटी डायरी के कवर पर ‘2020 डोंट बी सेम बेटर’ लिखा है। एक स्पाइरल छोटी डायरी जिस पर ‘अल्टीमेट अंबेसडर्स फ्रेंड्स क्लब ऑफ नाइजीरिया इनोगरेशन 2019 मोट्टो इन गॉड वी ट्रस्ट’ लिखा है। दोनों डायरी में अवैध माल और धंधे का लेनदेन का विवरण अंकित है। एक हर रंगे के रजिस्टर पर फाइनेंशियल बुक पर तिथि चार मई 2020 लिखा है। इसमें 29 मई 2020 से 27 जनवरी 2023 तक तिथिवार और नामवार विवरण लिखा है।
चेन सिस्टम देश-विदेश और डार्क वेब तक फैला मकड़जाल
पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपी मादक पदार्थ बनाते थे। गिरोह चेन सिस्टम से देश-विदेश तक मादक पदार्थ की तस्करी कर रहा था। गिरोह में कुछ लोग इन्हें रसायन उपलब्ध कराते थे जिनसे ड्रग्स तैयार की जाती है। आरोपियों ने इसके लिए पूरी ट्रेनिंग ली हुई है। इनमें कुछ लोगों ने ग्रेनो में ड्रग्स तैयार करना सीखा है तो कुछ ऑनलाइन प्रशिक्षण लेकर अवैध धंधे में जुट गए। ग्रेनो, नोएडा, दिल्ली, एनसीआर और देश के वे शहर जहां एजुकेशन हब या फिर युवाओं की गतिविधियां अधिक होती हैं। वहां गिरोह के ऐसे बदमाश सक्रिय हैं जो नशे की तैयार खेप को पहुंचाते हैं। आरोपी का टेलीग्राम चैनल, फेसबुक, व्हाट्सएप के अलावा इंटरनेट का अंडरवर्ल्ड कहे जाने वाले डार्क वेब तक आरोपियों का जाल फैला है।
दस पर एफआईआर, सभी गिरफ्तार
पुलिस ने नशे के अवैध धंधे का खुलासा कर पुलिस ने एनुडम इमैनुअल, अजोकू उबाका, डैमियल अजूह, द्रामेमोम्ड, लेवी उजोचुक्व, जैकब एमेफिएले, जॉन कोफी, चिडी इजीअग्वा और अजोकू क्लेची के अलावा एम्मानु को गिरफ्तार किया है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों को पूछताछ के लिए रिमांड पर लेगी। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी और गिरफ्तार आरोपियों ने रिमांड पर पूछताछ के बाद अवैध धंधे की परतें खुलेंगी।