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Noida News: एआई से होगी निगरानी, सिस्टम बताएगा एटीएम में कितने नोट बाकी

Tue, 26 May 2026 09:20 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 26 May 2026 09:20 PM IST
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Surveillance via AI: System to Indicate How Many Notes Remain in ATMs
एआई से होगी निगरानी, सिस्टम बताएगा एटीएम में कितने नोट बाकी
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छात्रों ने तैयार किया लिसा सिस्टम, पास के चालू एटीएम की भी मिलेगी जानकारी



माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। अब लोगों को नकदी निकालने के लिए बंद या खाली एटीएम के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नोएडा के युवा इंजीनियरों ने एक ऐसा एआई आधारित स्मार्ट सिस्टम विकसित किया है, जो एटीएम में मौजूद नकदी, नोटों के मूल्यवर्ग और मशीन की स्थिति की रियल-टाइम जानकारी देगा।
इस नवाचार का नाम लिसा (लाइन इंफॉर्मेशन स्टेटस इंडिकेटर फॉर एटीएम) रखा गया है। सेक्टर-62 स्थित जेएसएस कॉलेज के प्रोफेसर व आईआईसी कंवेनर डॉ अमित कुमार आहूजा ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को कॉलेज के दिव्यांश शर्मा, विशु शर्मा और शिवम सेमवाल ने मिलकर बनाया है। इन युवा इंजीनियरों के अनुसार, यह विचार रोजमर्रा की एक बड़ी समस्या से आया। अक्सर लोग एटीएम तक पहुंचने के बाद पता लगाते हैं कि मशीन में कैश नहीं है या एटीएम बंद पड़ा है। ऐसे में समय और पैसा दोनों बर्बाद होते हैं। लिसा सिस्टम आईओटी सेंसर, क्लाउड तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित है। इसमें एटीएम की कैश ट्रे में स्मार्ट सेंसर लगाए जाते हैं, जो मशीन में मौजूद नोटों की संख्या और मूल्यवर्ग की जानकारी जुटाते हैं। यह डेटा तुरंत क्लाउड प्लेटफॉर्म पर पहुंचता है, जहां बैंक, ऑपरेटर और ग्राहक एटीएम की वास्तविक स्थिति देख सकते हैं। यह सिस्टम बताएगा कि एटीएम चालू है या बंद, मशीन में कितना कैश बचा है, कौन-कौन से नोट उपलब्ध हैं और मशीन में किसी प्रकार की छेड़छाड़ की आशंका तो नहीं है। इसके साथ ही एक मोबाइल एप्लिकेशन भी तैयार किया गया है, जो उपयोगकर्ताओं को उनके नजदीकी कार्यरत एटीएम की जानकारी देगा।
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एडवांस एआई से जोड़ने पर काम जारी
टीम अब इसमें एडवांस एआई फीचर्स जोड़ने पर काम कर रही है, जिससे यह पहले ही अनुमान लगा सकेगा कि कौन सा एटीएम जल्द खाली होने वाला है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक बैंकिंग सिस्टम को अधिक स्मार्ट, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। टीम ने इस नवाचार के लिए पेटेंट प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
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एमएसपी की कमी से सालाना हो सकता है 20 हजार करोड़ का नुकसान
इंजीनियर युवाओं की इस टीम की रिसर्च में यह दावा किया गया कि भारत में वर्तमान में 2.15 लाख से अधिक एटीएम संचालित हो रहे हैं और एटीएम डाउनटाइम, कैश की कमी तथा कमजोर कैश लॉजिस्टिक्स के कारण बैंकों और मैनेज्ड सर्विस प्रोवाइडर (एमएसपी) को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। टीम का अनुमान है कि पूरे देश में एटीएम अक्षमताओं के कारण सालाना नुकसान 20,000 करोड़ से अधिक हो सकता है। इसी नुकसान को बचाने के लिए यह तकनीक विकसित की है।
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