DL अभी दूर है: रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण अटके हुए हैं आपके ड्राइविंग लाइसेंस, RTO के चक्कर लगाकर लोग परेशान
नोएडा के अशोक श्रीवास्तव जैसे 17.5 हजार लोग हैं जो इस समस्या से जूझ रहे हैं। इसका कारण रूस और यूक्रेन में चल रहा युद्ध बताया जा रहा है।
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स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बने एक माह से ऊपर हो गया, लेकिन घर नहीं पहुंचा। कार्यालय का चक्कर काटकर थक चुका हूं। सोमवार को डीएल की जानकारी लेने एआरटीओ कार्यालय पहुंचे पेशे से इंजीनियर ग्रेटर नोएडा निवासी अशोक श्रीवास्तव ने यह समस्या बताई। उन्होंने कहा कि जब भी वह यहां आते हैं तो सिर्फ आश्वासन ही मिलता है। नोएडा के अशोक श्रीवास्तव जैसे 17.5 हजार लोग हैं जो इस समस्या से जूझ रहे हैं। इसका कारण रूस और यूक्रेन में चल रहा युद्ध बताया जा रहा है।
दरअसल युद्ध के कारण यूक्रेन में बनने वाली चिप युक्त समार्ट कार्ड की आपूर्ति दिसंबर 2022 से बाधित है। कार्ड के बिना ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बन पा रहे हैं। ऐसे में लाइसेंस का इंतजार करने वालों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। उप संभागीय परिवहन अधिकारियों का कहना है कि अप्रैल तक इस समस्या समाधान हो जाएगा। चिप वाले स्मार्ट कार्डों की वैकल्पिक व्यवस्था शासन ने की है।
एआरटीओ सियाराम वर्मा ने बताया कि रोजाना स्थायी डीएल बनवाने वाले लोगों की संख्या 346 है। ऐसे में करीब 22 हजार डीएल प्रिंट नहीं हो पाए थे। फरवरी माह में चिपयुक्त कार्ड की व्यवस्था होने के बाद काफी राहत मिली। करीब 3.5 हजार डीएल प्रिंट हुए। अब 17.5 हजार लोगों को डीएल भेजा जाना है। अप्रैल माह तक यह समस्या पूरी तरह से खत्म हो जाएगी।
रजिस्ट्रेशन नंबर दिखाकर चालान कटने से बच सकते हैं
डीएल हाथ में ना होने से वाहन चालक सड़कों पर निकलने से डर रहे हैं। उनका कहना है कि बिना डीएल के अगर वाहन चलाया तो पुलिस चालान कर देगी। एआरटीओ ने बताया कि ऐसे लोग ना घबराएं। जब उन्हें पुलिस रोकती है तो डीएल आवेदन करते समय मिले रजिस्ट्रेशन नंबर को दिखा दें। इससे वह चालान कटने से बच सकते हैं।