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Noida News: सुपरटेक गोल्फ कंट्री के होमबायर्स को मिली उम्मीद की किरण
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- एनसीएलटी प्रक्रिया में वोटिंग पूरी, अब बैंकों के फैसले पर टिकी नजरें
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुना सिटी। सुपरटेक गोल्फ कंट्री के होमबायर्स के लिए लंबे इंतजार के बाद अब उम्मीद की किरण नजर आने लगी है। प्रोजेक्ट से जुड़े मामले में नए बिल्डर के चयन के लिए वोटिंग प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अंतिम फैसला अभी भी बैंकों के समर्थन पर निर्भर है। अगले दो से तीन दिनों में वोटिंग का परिणाम जारी हो सकता है।
सुपरटेक गोल्फ कंट्री प्रोजेक्ट जुलाई 2024 में एनसीएलटी में गया था। इसके बाद मामला एनसीएलएटी पहुंचा, लेकिन करीब आठ महीने बाद फिर से एनसीएलटी में वापस आ गया। अब सीओसी के तहत प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए बृजगोपाल और इंडस वैली के बीच 05 मार्च से 08 मार्च 2026 तक वोटिंग कराई गई है। अंतिम निर्णय बैंकों के हाथ में है।
होम बायर्स एसोसिएशन के सचिव राजीव गौतम ने बताया कि वर्ष 2013 से ही खरीदार अपने घर की मांग कर रहे हैं। अधिकांश खरीदारों ने बिल्डर को पूरी राशि का भुगतान कर दिया है, लेकिन इसके बावजूद परियोजना में मूलभूत सुविधाएं अधूरी हैं और अभी तक न तो पजेशन मिला है और न ही रजिस्ट्री हो सकी है। निवेशकों ने सवाल उठाया कि जब बिल्डर फ्लैट बेच रहा था, तब बैंक और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की भूमिका क्या थी। उस समय बैंकों ने अपना बकाया क्यों नहीं लिया। प्राधिकरण ने परियोजना को आवश्यक अनुमतियां क्यों नहीं दिलाईं।
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निवेशकाें का आरोप है कि उनके प्लान को मंजूरी दिलाने के लिए बैंकों का समर्थन जरूरी है, लेकिन अभी तक बैंकर वोटिंग में सहयोग नहीं कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई बार निवेशकाें ने बैंकों से मिलकर उनके प्लान को सपोर्ट करने और उसे अप्रूव करने का निवेदन किया है, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है। परियोजना के आसपास बुनियादी ढांचा भी अधूरा है। सेक्टर 22डी तक जाने वाली सड़क अभी तक पूरी तरह विकसित नहीं की गई है और बिजली-पानी जैसी सुविधाओं का भी अभाव है, जबकि प्राधिकरण इस क्षेत्र को भविष्य का शहर बताता रहा है।
खरीदारों का कहना है कि यदि बैंकों का समर्थन मिल जाता है तो प्रोजेक्ट का रास्ता साफ हो सकता है और वर्षों से अपने घर का इंतजार कर रहे लोगों को राहत मिल सकती है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुना सिटी। सुपरटेक गोल्फ कंट्री के होमबायर्स के लिए लंबे इंतजार के बाद अब उम्मीद की किरण नजर आने लगी है। प्रोजेक्ट से जुड़े मामले में नए बिल्डर के चयन के लिए वोटिंग प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अंतिम फैसला अभी भी बैंकों के समर्थन पर निर्भर है। अगले दो से तीन दिनों में वोटिंग का परिणाम जारी हो सकता है।
सुपरटेक गोल्फ कंट्री प्रोजेक्ट जुलाई 2024 में एनसीएलटी में गया था। इसके बाद मामला एनसीएलएटी पहुंचा, लेकिन करीब आठ महीने बाद फिर से एनसीएलटी में वापस आ गया। अब सीओसी के तहत प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए बृजगोपाल और इंडस वैली के बीच 05 मार्च से 08 मार्च 2026 तक वोटिंग कराई गई है। अंतिम निर्णय बैंकों के हाथ में है।
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होम बायर्स एसोसिएशन के सचिव राजीव गौतम ने बताया कि वर्ष 2013 से ही खरीदार अपने घर की मांग कर रहे हैं। अधिकांश खरीदारों ने बिल्डर को पूरी राशि का भुगतान कर दिया है, लेकिन इसके बावजूद परियोजना में मूलभूत सुविधाएं अधूरी हैं और अभी तक न तो पजेशन मिला है और न ही रजिस्ट्री हो सकी है। निवेशकों ने सवाल उठाया कि जब बिल्डर फ्लैट बेच रहा था, तब बैंक और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की भूमिका क्या थी। उस समय बैंकों ने अपना बकाया क्यों नहीं लिया। प्राधिकरण ने परियोजना को आवश्यक अनुमतियां क्यों नहीं दिलाईं।
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निवेशकाें का आरोप है कि उनके प्लान को मंजूरी दिलाने के लिए बैंकों का समर्थन जरूरी है, लेकिन अभी तक बैंकर वोटिंग में सहयोग नहीं कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई बार निवेशकाें ने बैंकों से मिलकर उनके प्लान को सपोर्ट करने और उसे अप्रूव करने का निवेदन किया है, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है। परियोजना के आसपास बुनियादी ढांचा भी अधूरा है। सेक्टर 22डी तक जाने वाली सड़क अभी तक पूरी तरह विकसित नहीं की गई है और बिजली-पानी जैसी सुविधाओं का भी अभाव है, जबकि प्राधिकरण इस क्षेत्र को भविष्य का शहर बताता रहा है।
खरीदारों का कहना है कि यदि बैंकों का समर्थन मिल जाता है तो प्रोजेक्ट का रास्ता साफ हो सकता है और वर्षों से अपने घर का इंतजार कर रहे लोगों को राहत मिल सकती है।