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Noida News: मेंटर एप के माध्यम से होगी विद्यार्थियों की बौद्धिक परख
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पहली से तीसरी कक्षा तक के विद्यार्थियों के शिक्षा स्तर सहित अन्य गतिविधियों का होगा आकलन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले पहली से तीसरी कक्षा तक के विद्यार्थियों की बौद्धिक परख के लिए शिक्षा विभाग मेंटर एप लॉन्च करेगा। इस एप के माध्यम से बच्चों के शिक्षा के स्तर को जांचने के साथ ही कक्षा में बैठने की मुद्रा, दूसरे बच्चों से व्यवहार, खेलकूद सहित अन्य गतिविधियों को परखा जाएगा। इसके साथ ही कक्षा में शिक्षकों के पढ़ाने के तरीके को भी देखा जाएगा। एप के माध्यम से शिक्षा विभाग देखेगा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को किस प्रकार की दिक्कतें आ रही हैं, क्या सुधार करने की आवश्यकता है और कमियों को कैसे दूर किया जा सकता है सहित अन्य बिंदुओं पर आकलन किया जाएगा।
फाउंडेशन लिट्रेसी न्यूूरेसी प्रोजेक्ट के तहत सरकारी स्कूलों में पहली से तीसरी कक्षा तक के बच्चों की रिपोर्ट तैयार की जानी है। शिक्षा विभाग की ओर से अगले माह लॉन्च होने वाले मेंटर एप के माध्यम से इसके बारे में जानकारी एकत्रित की जाएगी। शिक्षा विभाग की टीम स्कूलों में बच्चों की परख करने पहुंचेगी। इसमें पांच सवाल होंगे। टीम कक्षाओं में पहुंचकर शिक्षक के पढ़ाने के तरीकों का आकलन करेगी। टीम के सदस्य कक्षाओं में बच्चों पर निगरानी रखेंगे, जिसमें बच्चों के बैठने की मुद्रा, पढ़ाई में रुचि ले रहे हैं या नहीं, क्या उन्हें कक्षाओं में पढ़ाया पाठ्यक्रम समझ आ रहा है या नहीं, कक्षाओं में विषय संबंधित कितने चित्र तैयार किए गए हैं और किस पर आधारित हैं।
शिक्षकों की ओर से हिंदी, अंग्रेजी व गणित विषय पढ़ाने में किस प्रकार मॉडल तैयार किए हैं, टीम की ओर से हर कक्षा के पांच-पांच बच्चों का चयन करके सवाल पूछे जाएंगे। इन सवालों के जवाब मेंटर एप पर अपलोड किए जाएंगे। एप के माध्यम से मुख्यालय में विशेषज्ञों की टीम सवालों के अनुसार जवाबों का आकलन करेगी। बच्चों के जवाब उनके नाम के साथ मेंटर एप पर अपलोड किए जाएंगे।
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शिक्षा विभाग की ओर से मेंटर एप को लेकर कार्य किया जा रहा है। विभाग के विशेषज्ञों की टीम एप को तैयार कर रही है, जिसके माध्यम से पहली से तीसरी कक्षा तक के बच्चों की बौद्धिक क्षमता व पढ़ाई के स्तर की जांच की जा सकेगी। फरवरी के अंत या मार्च की शुरूआत में मेंटर एप को विभाग की ओर से लॉन्च किए जाने की संभावना है।
- मनोज कुमार लाकड़ा, जिला नोडल अधिकारी, मिशन निपुण हरियाणा
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले पहली से तीसरी कक्षा तक के विद्यार्थियों की बौद्धिक परख के लिए शिक्षा विभाग मेंटर एप लॉन्च करेगा। इस एप के माध्यम से बच्चों के शिक्षा के स्तर को जांचने के साथ ही कक्षा में बैठने की मुद्रा, दूसरे बच्चों से व्यवहार, खेलकूद सहित अन्य गतिविधियों को परखा जाएगा। इसके साथ ही कक्षा में शिक्षकों के पढ़ाने के तरीके को भी देखा जाएगा। एप के माध्यम से शिक्षा विभाग देखेगा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को किस प्रकार की दिक्कतें आ रही हैं, क्या सुधार करने की आवश्यकता है और कमियों को कैसे दूर किया जा सकता है सहित अन्य बिंदुओं पर आकलन किया जाएगा।
फाउंडेशन लिट्रेसी न्यूूरेसी प्रोजेक्ट के तहत सरकारी स्कूलों में पहली से तीसरी कक्षा तक के बच्चों की रिपोर्ट तैयार की जानी है। शिक्षा विभाग की ओर से अगले माह लॉन्च होने वाले मेंटर एप के माध्यम से इसके बारे में जानकारी एकत्रित की जाएगी। शिक्षा विभाग की टीम स्कूलों में बच्चों की परख करने पहुंचेगी। इसमें पांच सवाल होंगे। टीम कक्षाओं में पहुंचकर शिक्षक के पढ़ाने के तरीकों का आकलन करेगी। टीम के सदस्य कक्षाओं में बच्चों पर निगरानी रखेंगे, जिसमें बच्चों के बैठने की मुद्रा, पढ़ाई में रुचि ले रहे हैं या नहीं, क्या उन्हें कक्षाओं में पढ़ाया पाठ्यक्रम समझ आ रहा है या नहीं, कक्षाओं में विषय संबंधित कितने चित्र तैयार किए गए हैं और किस पर आधारित हैं।
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शिक्षकों की ओर से हिंदी, अंग्रेजी व गणित विषय पढ़ाने में किस प्रकार मॉडल तैयार किए हैं, टीम की ओर से हर कक्षा के पांच-पांच बच्चों का चयन करके सवाल पूछे जाएंगे। इन सवालों के जवाब मेंटर एप पर अपलोड किए जाएंगे। एप के माध्यम से मुख्यालय में विशेषज्ञों की टीम सवालों के अनुसार जवाबों का आकलन करेगी। बच्चों के जवाब उनके नाम के साथ मेंटर एप पर अपलोड किए जाएंगे।
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शिक्षा विभाग की ओर से मेंटर एप को लेकर कार्य किया जा रहा है। विभाग के विशेषज्ञों की टीम एप को तैयार कर रही है, जिसके माध्यम से पहली से तीसरी कक्षा तक के बच्चों की बौद्धिक क्षमता व पढ़ाई के स्तर की जांच की जा सकेगी। फरवरी के अंत या मार्च की शुरूआत में मेंटर एप को विभाग की ओर से लॉन्च किए जाने की संभावना है।
- मनोज कुमार लाकड़ा, जिला नोडल अधिकारी, मिशन निपुण हरियाणा