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Noida News: लावारिस कुत्तों की नसबंदी व टीकाकरण जल्द होगा शुरू
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-नई गांव में एक ही दिन में 22 लोगों पर कुत्तों के हमले के बाद हरकत में आया प्रशासन
गुरुदत्त भारद्वाज
पुन्हाना। नई गांव में लावारिस कुत्तों के लगातार बढ़ते हमलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों पर हो रहे हमलों को गंभीरता से लेते हुए पंचायत विभाग ने अब ठोस कदम उठाने की तैयारी कर ली है। विभाग की ओर से जल्द ही लावारिस कुत्तों की नसबंदी (बर्थ कंट्रोल) और टीकाकरण अभियान शुरू किया जाएगा।
पंचायत विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इसके लिए लावारिस कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण का कार्य करने वाली एजेंसी को शीघ्र ही टेंडर दिया जा सकता है। इस दिशा में प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। नगरपालिका पुन्हाना में पहले से कुत्तों की नसबंदी व टीकाकरण का कार्य कर रही एजेंसी के साथ बैठक भी की है। इस दौरान अभियान चलाने की संभावनाओं और कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। पंचायत विभाग के अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि नई गांव में लावारिस कुत्तों की जल्द ही नसबंदी और टीकाकरण का कार्य शुरू कराया जाएगा, ताकि लावारिस कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण पाया जा सके। साथ ही उम्मीद जताई जा रही है कि पंचायत विभाग द्वारा नई गांव के साथ-साथ क्षेत्र के अन्य गांवों में भी लावारिस कुत्तों की बर्थ कंट्रोल योजना को लेकर सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे। इससे ग्रामीण इलाकों में लोगों को राहत मिलने की संभावना है।
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गांव में लावारिस कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे खासकर छोटे बच्चों को स्कूल आने-जाने में डर बना रहता है। कई बार कुत्तों के झुंड के झुंड गली-मोहल्लों में घूमते रहते हैं, जिससे लोगों को घर से बाहर निकलने में भी परेशानी होती है।
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जफरूदीन, ग्रामीण
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लावारिस कुत्तों के हमलों से सप्ताह भर के अंदर गांव में तकरीबन 40 लोग घायल हो चुके है। गांव में दहशत का माहौल है। छोटे बच्चों को घर से बाहर निकलना भी दूभर हो गया है।
आमिर, ग्रामीण
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हमारे गांव में कुत्तों की संख्या बहुत ज्यादा हो गई है। बच्चे बाहर खेलने से डरते हैं। स्कूल भेजते समय भी चिंता बनी रहती है। आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण हुआ तो ही गांव में राहत मिल पाएगी।
सूबेदार, ग्रामीण
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सुबह और शाम घर से निकलना मुश्किल हो गया है। कुत्ते झुंड में घूमते हैं और अचानक हमला कर देते हैं। महिलाएं और बुजुर्ग सबसे ज्यादा डर में रहते हैं।
-मुनफेद, ग्रामीण
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गांव में लावारिस कुत्तों का आतंक है। इंसानों पर हमला करने के बाद आवारा कुत्ते अब पशुओं पर हमला कर रहे है। घरो के बाहर बंधे हुए पशुओं को अचानक हमला कर देते है।
आलम अली, ग्रामीण
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क्षेत्रभर में लावारिस कुत्तों का बढ़ता खतरा
पुन्हाना क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक केवल नई गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि सिंगार, बिछोर, बिसरू, घीडा, तिरवाडा सहित दर्जनों गांवों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। इन गांवों में आए दिन कुत्तों के हमले की घटनाएं सामने आ रही है। स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुन्हाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन कुत्तों के हमले से घायल 40 से 50 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य केंद्र में ऐसे मरीजों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर इंजेक्शन न लगने पर रेबीज जैसी गंभीर बीमारी का खतरा बना रहता है।
कुत्तों के काटने से नई गांव में अब तक घायल हुए लोग
नई गांव में लावारिस कुत्तों एक सप्ताह के अंदर 40 से 45 ग्रामीणों को अपना निशाना बनाया है। इनमें अदनान (5), शहरान (5), इनाया (4), अमायरा (6), मुस्तकीम (45), मायरा (5), काफिया (6), असद (7), सवान (6), आफिया (6), खुर्षीदन (50), वसीम (33), सानिया (31), यूसुफ ( 41), खतीजा (60), अरशीदा (34), खानसाफ (7), हुफ्ता (7), हुजैफा (30) सहित ऐसे 30 से अधिक लोगों पर हमला कर घायल किया है। इनमें से अधिकतर नलहड मेडिकल कॉलेज में उपचारधीन हैं। कई ग्रामीणों ने देसी तरीके से अपना इलाज कराया है।
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’’पुन्हाना सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में प्रतिदिन 40 से 50 कुत्तों के हमलों से घायल मरीज आ रहे है जिन्हें एंटी रेबीज का इंजेक्शन दिया जा रहा है। केंद्र के अधीन आने वाले स्वास्थ्य केन्द्रों पर भी एंटी रेबीज के इंजेक्शन उपलब्ध कराए गए है।
डॉ मान सिंह, प्रवर चिकित्सा अधिकारी पुन्हाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र।
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नई गांव का मामला जानकारी में है। समस्या को लेकर नगरपालिका क्षेत्र में कुत्तों की नसबंदी व टीकाकरण करने वाली एजेंसी के कर्मचारियों के साथ बैठक की है। जल्द ही गांव में लावारिस कुत्तों के बर्थ कंट्रोल को लेकर नसबंदी व टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा।
कपिल सिंगला, खंड एवं पंचायत विकास अधिकारी, पुन्हाना
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गुरुदत्त भारद्वाज
पुन्हाना। नई गांव में लावारिस कुत्तों के लगातार बढ़ते हमलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों पर हो रहे हमलों को गंभीरता से लेते हुए पंचायत विभाग ने अब ठोस कदम उठाने की तैयारी कर ली है। विभाग की ओर से जल्द ही लावारिस कुत्तों की नसबंदी (बर्थ कंट्रोल) और टीकाकरण अभियान शुरू किया जाएगा।
पंचायत विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इसके लिए लावारिस कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण का कार्य करने वाली एजेंसी को शीघ्र ही टेंडर दिया जा सकता है। इस दिशा में प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। नगरपालिका पुन्हाना में पहले से कुत्तों की नसबंदी व टीकाकरण का कार्य कर रही एजेंसी के साथ बैठक भी की है। इस दौरान अभियान चलाने की संभावनाओं और कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। पंचायत विभाग के अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि नई गांव में लावारिस कुत्तों की जल्द ही नसबंदी और टीकाकरण का कार्य शुरू कराया जाएगा, ताकि लावारिस कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण पाया जा सके। साथ ही उम्मीद जताई जा रही है कि पंचायत विभाग द्वारा नई गांव के साथ-साथ क्षेत्र के अन्य गांवों में भी लावारिस कुत्तों की बर्थ कंट्रोल योजना को लेकर सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे। इससे ग्रामीण इलाकों में लोगों को राहत मिलने की संभावना है।
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गांव में लावारिस कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे खासकर छोटे बच्चों को स्कूल आने-जाने में डर बना रहता है। कई बार कुत्तों के झुंड के झुंड गली-मोहल्लों में घूमते रहते हैं, जिससे लोगों को घर से बाहर निकलने में भी परेशानी होती है।
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जफरूदीन, ग्रामीण
लावारिस कुत्तों के हमलों से सप्ताह भर के अंदर गांव में तकरीबन 40 लोग घायल हो चुके है। गांव में दहशत का माहौल है। छोटे बच्चों को घर से बाहर निकलना भी दूभर हो गया है।
आमिर, ग्रामीण
हमारे गांव में कुत्तों की संख्या बहुत ज्यादा हो गई है। बच्चे बाहर खेलने से डरते हैं। स्कूल भेजते समय भी चिंता बनी रहती है। आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण हुआ तो ही गांव में राहत मिल पाएगी।
सूबेदार, ग्रामीण
सुबह और शाम घर से निकलना मुश्किल हो गया है। कुत्ते झुंड में घूमते हैं और अचानक हमला कर देते हैं। महिलाएं और बुजुर्ग सबसे ज्यादा डर में रहते हैं।
-मुनफेद, ग्रामीण
गांव में लावारिस कुत्तों का आतंक है। इंसानों पर हमला करने के बाद आवारा कुत्ते अब पशुओं पर हमला कर रहे है। घरो के बाहर बंधे हुए पशुओं को अचानक हमला कर देते है।
आलम अली, ग्रामीण
क्षेत्रभर में लावारिस कुत्तों का बढ़ता खतरा
पुन्हाना क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक केवल नई गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि सिंगार, बिछोर, बिसरू, घीडा, तिरवाडा सहित दर्जनों गांवों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। इन गांवों में आए दिन कुत्तों के हमले की घटनाएं सामने आ रही है। स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुन्हाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन कुत्तों के हमले से घायल 40 से 50 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य केंद्र में ऐसे मरीजों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर इंजेक्शन न लगने पर रेबीज जैसी गंभीर बीमारी का खतरा बना रहता है।
कुत्तों के काटने से नई गांव में अब तक घायल हुए लोग
नई गांव में लावारिस कुत्तों एक सप्ताह के अंदर 40 से 45 ग्रामीणों को अपना निशाना बनाया है। इनमें अदनान (5), शहरान (5), इनाया (4), अमायरा (6), मुस्तकीम (45), मायरा (5), काफिया (6), असद (7), सवान (6), आफिया (6), खुर्षीदन (50), वसीम (33), सानिया (31), यूसुफ ( 41), खतीजा (60), अरशीदा (34), खानसाफ (7), हुफ्ता (7), हुजैफा (30) सहित ऐसे 30 से अधिक लोगों पर हमला कर घायल किया है। इनमें से अधिकतर नलहड मेडिकल कॉलेज में उपचारधीन हैं। कई ग्रामीणों ने देसी तरीके से अपना इलाज कराया है।
’’पुन्हाना सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में प्रतिदिन 40 से 50 कुत्तों के हमलों से घायल मरीज आ रहे है जिन्हें एंटी रेबीज का इंजेक्शन दिया जा रहा है। केंद्र के अधीन आने वाले स्वास्थ्य केन्द्रों पर भी एंटी रेबीज के इंजेक्शन उपलब्ध कराए गए है।
डॉ मान सिंह, प्रवर चिकित्सा अधिकारी पुन्हाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र।
नई गांव का मामला जानकारी में है। समस्या को लेकर नगरपालिका क्षेत्र में कुत्तों की नसबंदी व टीकाकरण करने वाली एजेंसी के कर्मचारियों के साथ बैठक की है। जल्द ही गांव में लावारिस कुत्तों के बर्थ कंट्रोल को लेकर नसबंदी व टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा।
कपिल सिंगला, खंड एवं पंचायत विकास अधिकारी, पुन्हाना