फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   somg in noida, 100 meter visibilty

और गहरा गया सफेद संकट, स्मॉग की चादर में लिपटा नोएडा

Mon, 04 Nov 2019 01:07 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 04 Nov 2019 01:07 AM IST
विज्ञापन
somg in noida, 100 meter visibilty
स्मॉग की चादर में लिपटा नोएडा, 100 मीटर रही दृश्यता
विज्ञापन

नोएडा। सर्वाधिक प्रदूषण की मार झेल रहे नोएडा वासियों की परेशानी रविवार को और बढ़ गई। सफेद संकट यानी स्मॉग की चादर ने शहर को अपनी गिरफ्त में ले लिया। सुबह से ही दृश्यता कम होने की वजह से सड़कों पर वाहनों की रफ्तार कम ही रही। आंखों में जलन और सिरदर्द की समस्या ने शहरवासियों को परेशान कर दिया। सांस के मरीजों को काफी तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पतालों में सांस के मरीजों की संख्या बढ़ गई। शनिवार को चली हवा और जगह-जगह हल्की बूंदाबांदी से वायु की गुणवत्ता में थोड़ा सुधार आया था, लेकिन आधी रात के बाद से ही स्मॉग ने शहर को एक बार फिर अपने आगोश में ले लिया। दिनभर सूरज की किरणें स्मॉग की चादर से बाहर निकलने की कोशिश करती रहीं, लेकिन शाम तक मौसम साफ नहीं हो सका। सुबह 11 बजे तक दृश्यता 100 मीटर से भी कम रही। एक्सप्रेसवे और एलिवेटेड रोड सहित शहर के अंदरूनी मार्ग पर वाहनों की रफ्तार कम रही। रविवार को एक बार फिर नोएडा प्रदूषण के मामले में सबसे आगे नजर आया। यहां पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर 495 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया जो बेहद खराब की श्रेणी में आता है। ऐसे में शहर पर छाई स्मॉग की चादर ने शहरवासियों की सांसों में जहर घोलने का काम किया। प्रदूषण विभाग भी इसे सेहत के लिए खतरनाक मान रहा है।

दिल्ली बॉर्डर पर सर्वाधिक प्रदूषण
नोएडा में अलग-अलग जगह एयर मॉनिटरिंग स्टेशन हैं। रविवार को सर्वाधिक प्रदूषण दिल्ली से सटे नोएडा के सेक्टर-1 स्थित स्टेशन के सिस्टम में दर्ज किया गया। यहां एक्यूआई 495 दर्ज किया गया, जबकि सेक्टर-62 में प्रदूषण का स्तर 491, सेक्टर-125 में 490, सेक्टर-116 में 482 था। प्रदूषण बढ़ने की वजह वाहन, बाहरी राज्यों से आने वाले ट्रक, उद्योग, लैंडफिल साइट, हवा में मिले दूसरे राज्यों के धूल के कण, निर्माण कार्य, जनरेटर और जलने वाला कचरा है।
विज्ञापन

सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर
दिल्ली 498
नोएडा 495
रोहतक 490
फरीदाबाद 484
गाजियाबाद 491
ग्रेटर नोएडा 482
ग्रुरुग्राम 486
बुलंदशहर 430
प्रदूषण से बचने के तरीके :
कम से कम वाहन का इस्तेमाल करें। सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
घर के बाहर मास्क लगाकर निकलें, एन-95 या उसके ऊपर के ही मास्क खरीदें।
बाहर टहलने से परहेज करें।
साफ सफाई का ध्यान रखें। घर में धूल और मिट्टी जमा न होने दें।
सांस लेने में ज्यादा परेशानी हो तो डॉक्टर को दिखाएं।
घर में अच्छा वातावरण बनाएं, पौधे लगाएं ताकि शुद्ध हवा मिल सके।
बाहर से आने पर मुंह, हाथ और पैर साफ पानी से धोएं।
शुद्ध हवा के लिए एयर प्यूरिफायर लगवा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed