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...ताकि मतदाता सूची से नाम कटने पर नहीं हो सके विवाद
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ग्रेटर नोएडा। विधानसभा की मतदाता सूची से नाम कटने पर विवाद की संभावना बहुत कम होगी। भारत निर्वाचन आयोग की नई व्यवस्था के तहत अगर किसी मतदाता का नाम सूची से काटने का आवेदन आता है तो प्रशासन नाम काटने से पहले मतदाता को स्पीड पोस्ट से नोटिस जारी करेगा। नोटिस प्राप्त नहीं होने की दिशा में बीएलओ घर जाकर सत्यापन करेगा, ताकि सूची से नाम कटने के बाद किसी तरह का विवाद न हो सके। प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2022 की तैयारी तेजी से चल रही है। एक नवंबर से मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्य चल रहा है, जो 30 नवंबर तक चलेगा। अभियान में अब तक मतदाता सूची से नाम काटने के एक हजार से अधिक आवेदन आ चुके हैं। इसके लिए फार्म सात भरा जाता है। इन आवेदनों में एक से दूसरी जगह शिफ्ट होने वाले मतदाता भी हैं।
हर बार मतदाता सूची से नाम काटने पर विवाद होता है, लेकिन इस बार ऐसा होने की संभावना कम है। जिला प्रशासन के अफसरों ने बताया कि अब नाम काटने से पहले संबंधित मतदाता से सत्यापित कराया जाएगा। इसके लिए स्पीड पोस्ट से एक नोटिस भेजा जाएगा। अगर मतदाता को नोटिस प्राप्त नहीं होता है तो वापस आ जाएगा। नोटिस वापस आने पर बीएलओ मौके पर जाकर सत्यापित करेगा। अफसरों ने बताया कि मतदाता को नोटिस का जवाब 15 दिन में देना होगा। जवाब नहीं आने पर मतदाता की रजामंदी मान ली जाएगी। अब तक आवेदन आने पर बीएलओ मतदाता का नाम सूची से काट देता था। इसके लिए फार्म सात भरना होता है। आवेदन आने के बाद बीएलओ अपनी रिपोर्ट लगाकर सूची से नाम काट देते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
बीएलओ ने बूथ पर बैठकर किया काम
शनिवार को विधानसभा की मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत विशेष अभियान चला। इस दौरान सभी बूथों पर बीएलओ मौजूद रहे और सूची में नाम जोड़ने, काटने, त्रुटियों को ठीक किया। जारचा के खंगोड़ा गांव में लोगों ने बीएलओ का उत्साहवर्धन किया। यहां पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष सतेंद्र नागर ने पार्टी सदस्यता अभियान भी चलाया।
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हर बार मतदाता सूची से नाम काटने पर विवाद होता है, लेकिन इस बार ऐसा होने की संभावना कम है। जिला प्रशासन के अफसरों ने बताया कि अब नाम काटने से पहले संबंधित मतदाता से सत्यापित कराया जाएगा। इसके लिए स्पीड पोस्ट से एक नोटिस भेजा जाएगा। अगर मतदाता को नोटिस प्राप्त नहीं होता है तो वापस आ जाएगा। नोटिस वापस आने पर बीएलओ मौके पर जाकर सत्यापित करेगा। अफसरों ने बताया कि मतदाता को नोटिस का जवाब 15 दिन में देना होगा। जवाब नहीं आने पर मतदाता की रजामंदी मान ली जाएगी। अब तक आवेदन आने पर बीएलओ मतदाता का नाम सूची से काट देता था। इसके लिए फार्म सात भरना होता है। आवेदन आने के बाद बीएलओ अपनी रिपोर्ट लगाकर सूची से नाम काट देते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
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बीएलओ ने बूथ पर बैठकर किया काम
शनिवार को विधानसभा की मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत विशेष अभियान चला। इस दौरान सभी बूथों पर बीएलओ मौजूद रहे और सूची में नाम जोड़ने, काटने, त्रुटियों को ठीक किया। जारचा के खंगोड़ा गांव में लोगों ने बीएलओ का उत्साहवर्धन किया। यहां पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष सतेंद्र नागर ने पार्टी सदस्यता अभियान भी चलाया।
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