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गैंगस्टर केस में श्रीकांत त्यागी की जमानत याचिका खारिज
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ग्रेटर नोएडा। गैंगस्टर एक्ट के मामले में श्रीकांत त्यागी को अभी जेल में रहना होगा। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर अधिनियम एडीजे रणविजय प्रताप सिंह की कोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी है। गैंगस्टर एक्ट केस में जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान श्रीकांत के खिलाफ हाल में दर्ज किए गए तीन केस के अलावा छह पुराने मामलों का आपराधिक इतिहास न्यायालय मेें पेश किया गया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता बबलू चंदेला ने बताया कि श्रीकांत त्यागी की जमानत याचिका पर शुक्रवार को न्यायालय में सुनवाई हुई।
इस दौरान न्यायालय को बताया गया कि विवेचना में सामने आया है कि अभियुक्त व सहअभियुक्त का एक संगठित गिरोह है। इसका सरगना अभियुक्त श्रीकांत त्यागी है। सहअभियुक्त राहुल सक्रिय बदमाश है। गिरोह के बदमाश कार और नंबर प्लेट पर प्रदेश सरकार के चिह्नों का इस्तेमाल कर समाज में रौब जमाते हैं। आरोपी प्रदेश सरकार का मोनोग्राम लगाकर खुद को उच्च पदाधिकारी के रूप में प्रदर्शित करते हुए जनता में भ्रम पैदा करते हैं। आरोपी आर्थिक और भौतिक लाभ उठाने के लिए अपराध करते हैं। इससे समाज में आरोपियों का भय व्याप्त है। कोई भी इनके खिलाफ रिपोर्ट लिखाने की हिम्मत नहीं दिखा पाता। वहीं, श्रीकांत के अधिवक्ता सुशील भाटी ने यह कहते हुए जमानत की मांग कि श्रीकांत ने कोई अपराध नहीं किया है। उसे राजनीतिक आधारों पर झूठा फंसाया गया है। कोर्ट ने सुनवाई के बाद जमानत याचिका खारिज कर दी।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता बबलू चंदेला ने बताया कि श्रीकांत त्यागी की जमानत याचिका पर शुक्रवार को न्यायालय में सुनवाई हुई।
इस दौरान न्यायालय को बताया गया कि विवेचना में सामने आया है कि अभियुक्त व सहअभियुक्त का एक संगठित गिरोह है। इसका सरगना अभियुक्त श्रीकांत त्यागी है। सहअभियुक्त राहुल सक्रिय बदमाश है। गिरोह के बदमाश कार और नंबर प्लेट पर प्रदेश सरकार के चिह्नों का इस्तेमाल कर समाज में रौब जमाते हैं। आरोपी प्रदेश सरकार का मोनोग्राम लगाकर खुद को उच्च पदाधिकारी के रूप में प्रदर्शित करते हुए जनता में भ्रम पैदा करते हैं। आरोपी आर्थिक और भौतिक लाभ उठाने के लिए अपराध करते हैं। इससे समाज में आरोपियों का भय व्याप्त है। कोई भी इनके खिलाफ रिपोर्ट लिखाने की हिम्मत नहीं दिखा पाता। वहीं, श्रीकांत के अधिवक्ता सुशील भाटी ने यह कहते हुए जमानत की मांग कि श्रीकांत ने कोई अपराध नहीं किया है। उसे राजनीतिक आधारों पर झूठा फंसाया गया है। कोर्ट ने सुनवाई के बाद जमानत याचिका खारिज कर दी।
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