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Noida News: एसएफजे के संस्थापक पन्नू का गुर्गा कुरुक्षेत्र से गिरफ्तार
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क्रिकेट विश्वकप के फाइनल मैच वाले दिन लिखने थे देशविरोधी नारे
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12 से ज्यादा जगहों पर कई राज्यों में लिख चुका है नारे
27 सितंबर को कश्मीरी गेट बस टर्मिनल पर लिखे थे नारे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने वाले प्रतिबंधित सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के संस्थापक गुरपतवंत सिंह पन्नू के गुर्गे मालक सिंह को दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने कुरुक्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने कई राज्यों में 12 से ज्यादा जगहों पर देश विरोधी नारे लिखे थे। दिल्ली के चाणक्यपुरी इलाके समेत कई जगहों पर पुलिस ने नारे मिटा दिए थे। मालक को क्रिकेट विश्वकप के फाइनल मैच वाले दिन भी आईजीआई एयरपोर्ट पर देश विरोधी नारे लिखने के आदेश दिए गए थे, ताकि भारत की छवि खराब हो।
स्पेशल सेल के विशेष पुलिस आयुक्त एचजीएस धालीवाल के अनुसार, स्पेशल सेल ने समय से आरोपी को गिरफ्तार कर देश विरोधी नारे लिखने से रोक दिया था। पन्नू ने मालिक सिंह (38) को पैसे व नौकरी का वादा किया था। 27 सितंबर को कश्मीरी गेट बस टर्मिनल पर कई खालिस्तान समर्थक नारे लिखे मिले थे। इसके कुछ ही घंटों के बाद एसएफजे ने एक वीडियो में देश विरोधी नारेबाजी लिखने की जिम्मेदारी ली थी। साथ ही, संसद भवन को निशाना बनाने की धमकी भी दी थी। एसीपी राहुल कुमार सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर मानसिंह, मंदीप जयबीर की टीम को जांच सौंपी गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया गया। इसमें एक व्यक्ति नारे लिखते हुए दिखाई दिया। यह पता चला कि संदिग्ध पंजाब जाने वाली बस में चढ़ा और पिपली, कुरूक्षेत्र में उतर गया। दोबारा पिपली के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई, लेकिन संदिग्ध का पता नहीं चल सका। अंत में मुखबिरों को सक्रिय किया गया और कुरुक्षेत्र व आसपास के इलाकों में तैनात किया गया। आखिरकार इंस्पेक्टर मंदीप व एसआई नवीन की टीम ने आरोपी ग्राम तलहेड़ी, थाना इस्माइलाबाद, जिला कुरुक्षेत्र निवासी मालक सिंह को 19 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने बताया कि वह कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन के पास दिवारों पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखने में शामिल था। पन्नू के कहने पर जी-20 शिखर सम्मेलन से पहले हरियाणा में खालिस्तान समर्थक देश विरोधी नारे लिखने की तीन अन्य घटनाओं में भी वह शामिल था।
दो मोबाइल के विश्लेषण से मिली जानकारी
आरोपी के कब्जे से बरामद दो मोबाइल के विश्लेषण से पता चला कि उसे फाइनल मैच के दिन दिल्ली हवाई अड्डे और अन्य सरकारी भवनों पर खालिस्तान समर्थक नारे लगाने का निर्देश दिया गया था। पन्नू ने सिखों से 19 नवंबर को एयर इंडिया की फ्लाइट से यात्रा नहीं करने का आग्रह किया था। पन्नू ने फाइनल मैच का भी जिक्र किया था।
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बचपन से ही खालिस्तान की ओर झुकाव
मालक का जन्म और पालन-पोषण पैतृक गांव में हुआ। उसने 8वीं तक पढ़ाई की है। बचपन से ही उसका झुकाव खालिस्तान विचारधारा की ओर रहा है। 2018 में पन्नू द्वारा रेफरेंडम 2020 की घोषणा के बाद मालक ने एसएफजे वीडियो और संदेशों का अनुसरण करना शुरू कर दिया था।
किसान आंदोलन के दौरान दिल्ली आया था-
मालक वर्ष 2020 में किसान आंदोलन के दौरान सिंघु बॉर्डर आया था। यहां पर ये एसएफजे और खालिस्तान के समर्थकों के संपर्क में आया, जिनसे उसे पन्नू के विभिन्न यू-ट्यूब चैनलों, सोशल मीडिया आईडी, मोबाइल नंबरों, अन्य एसएफजे और खालिस्तान समर्थकों के बारे में पता चला। फिर वह पन्नू के संपर्क में आया और खालिस्तान आंदोलन व जनमत संग्रह पर चर्चा करने लगा। धीरे-धीरे उसने पन्नू का विश्वास जीत लिया और फिर उसके निर्देशानुसार कई जगहों पर नारे लिख दिए।
ज्यादातर जगहों पर मामले दर्ज नहीं हुए
पुलिस अधिकारियों के अनुसखी, मालक सिंह ने हनुमानगढ़, पंजाब, हरियाणा व यूपी समेत दिल्ली के चाणक्यपुरी समेत करीब 12 से ज्यादा जगहों पर देशविरोधी नारे लिखे थे। इनकी वीडियो वायरल होने से पहले पुलिस ने नारों को मिटा दिया था। इस कारण इन मामलों में प्राथमिकी भी दर्ज नहीं गई थी। आरोपी ने पुलिस स्टेशन इस्माइलाबाद, कुरुक्षेत्र के क्षेत्र में खालिस्तान वेलकम जी-20 इन दिल्ली का नारा 5 अप्रैल, कुरूक्षेत्र रेलवे स्टेशन पर पंजाब नॉट पार्ट ऑफ इंडिया एसएफजे 9 सितंबर और जी-20 शिखर सम्मेलन से ठीक पहले पन्नू के निर्देशानुसार केसरी झंडे पर लिखा जी-20 पंजाब भारत खालिस्तान जनमत संग्रह एसएफजे जिंदाबाद लिखकर उसे हुडा सिटी सेंटर गुरुग्राम में लटकाया था।
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12 से ज्यादा जगहों पर कई राज्यों में लिख चुका है नारे
27 सितंबर को कश्मीरी गेट बस टर्मिनल पर लिखे थे नारे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने वाले प्रतिबंधित सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के संस्थापक गुरपतवंत सिंह पन्नू के गुर्गे मालक सिंह को दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने कुरुक्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने कई राज्यों में 12 से ज्यादा जगहों पर देश विरोधी नारे लिखे थे। दिल्ली के चाणक्यपुरी इलाके समेत कई जगहों पर पुलिस ने नारे मिटा दिए थे। मालक को क्रिकेट विश्वकप के फाइनल मैच वाले दिन भी आईजीआई एयरपोर्ट पर देश विरोधी नारे लिखने के आदेश दिए गए थे, ताकि भारत की छवि खराब हो।
स्पेशल सेल के विशेष पुलिस आयुक्त एचजीएस धालीवाल के अनुसार, स्पेशल सेल ने समय से आरोपी को गिरफ्तार कर देश विरोधी नारे लिखने से रोक दिया था। पन्नू ने मालिक सिंह (38) को पैसे व नौकरी का वादा किया था। 27 सितंबर को कश्मीरी गेट बस टर्मिनल पर कई खालिस्तान समर्थक नारे लिखे मिले थे। इसके कुछ ही घंटों के बाद एसएफजे ने एक वीडियो में देश विरोधी नारेबाजी लिखने की जिम्मेदारी ली थी। साथ ही, संसद भवन को निशाना बनाने की धमकी भी दी थी। एसीपी राहुल कुमार सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर मानसिंह, मंदीप जयबीर की टीम को जांच सौंपी गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया गया। इसमें एक व्यक्ति नारे लिखते हुए दिखाई दिया। यह पता चला कि संदिग्ध पंजाब जाने वाली बस में चढ़ा और पिपली, कुरूक्षेत्र में उतर गया। दोबारा पिपली के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई, लेकिन संदिग्ध का पता नहीं चल सका। अंत में मुखबिरों को सक्रिय किया गया और कुरुक्षेत्र व आसपास के इलाकों में तैनात किया गया। आखिरकार इंस्पेक्टर मंदीप व एसआई नवीन की टीम ने आरोपी ग्राम तलहेड़ी, थाना इस्माइलाबाद, जिला कुरुक्षेत्र निवासी मालक सिंह को 19 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने बताया कि वह कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन के पास दिवारों पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखने में शामिल था। पन्नू के कहने पर जी-20 शिखर सम्मेलन से पहले हरियाणा में खालिस्तान समर्थक देश विरोधी नारे लिखने की तीन अन्य घटनाओं में भी वह शामिल था।
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दो मोबाइल के विश्लेषण से मिली जानकारी
आरोपी के कब्जे से बरामद दो मोबाइल के विश्लेषण से पता चला कि उसे फाइनल मैच के दिन दिल्ली हवाई अड्डे और अन्य सरकारी भवनों पर खालिस्तान समर्थक नारे लगाने का निर्देश दिया गया था। पन्नू ने सिखों से 19 नवंबर को एयर इंडिया की फ्लाइट से यात्रा नहीं करने का आग्रह किया था। पन्नू ने फाइनल मैच का भी जिक्र किया था।
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बचपन से ही खालिस्तान की ओर झुकाव
मालक का जन्म और पालन-पोषण पैतृक गांव में हुआ। उसने 8वीं तक पढ़ाई की है। बचपन से ही उसका झुकाव खालिस्तान विचारधारा की ओर रहा है। 2018 में पन्नू द्वारा रेफरेंडम 2020 की घोषणा के बाद मालक ने एसएफजे वीडियो और संदेशों का अनुसरण करना शुरू कर दिया था।
किसान आंदोलन के दौरान दिल्ली आया था-
मालक वर्ष 2020 में किसान आंदोलन के दौरान सिंघु बॉर्डर आया था। यहां पर ये एसएफजे और खालिस्तान के समर्थकों के संपर्क में आया, जिनसे उसे पन्नू के विभिन्न यू-ट्यूब चैनलों, सोशल मीडिया आईडी, मोबाइल नंबरों, अन्य एसएफजे और खालिस्तान समर्थकों के बारे में पता चला। फिर वह पन्नू के संपर्क में आया और खालिस्तान आंदोलन व जनमत संग्रह पर चर्चा करने लगा। धीरे-धीरे उसने पन्नू का विश्वास जीत लिया और फिर उसके निर्देशानुसार कई जगहों पर नारे लिख दिए।
ज्यादातर जगहों पर मामले दर्ज नहीं हुए
पुलिस अधिकारियों के अनुसखी, मालक सिंह ने हनुमानगढ़, पंजाब, हरियाणा व यूपी समेत दिल्ली के चाणक्यपुरी समेत करीब 12 से ज्यादा जगहों पर देशविरोधी नारे लिखे थे। इनकी वीडियो वायरल होने से पहले पुलिस ने नारों को मिटा दिया था। इस कारण इन मामलों में प्राथमिकी भी दर्ज नहीं गई थी। आरोपी ने पुलिस स्टेशन इस्माइलाबाद, कुरुक्षेत्र के क्षेत्र में खालिस्तान वेलकम जी-20 इन दिल्ली का नारा 5 अप्रैल, कुरूक्षेत्र रेलवे स्टेशन पर पंजाब नॉट पार्ट ऑफ इंडिया एसएफजे 9 सितंबर और जी-20 शिखर सम्मेलन से ठीक पहले पन्नू के निर्देशानुसार केसरी झंडे पर लिखा जी-20 पंजाब भारत खालिस्तान जनमत संग्रह एसएफजे जिंदाबाद लिखकर उसे हुडा सिटी सेंटर गुरुग्राम में लटकाया था।