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Noida News: अस्पताल स्टाफ की अमानवीय करतूत बेनकाब, जागरूक दंपती की सूझबूझ से बची मासूम

Sun, 22 Mar 2026 09:46 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 22 Mar 2026 09:46 PM IST
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(नवजात बच्ची का सौदा साइड स्टोरी) -महज 120 घंटे के भीतर ही बच्ची को बेचने की योजना बना ली गई थी
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। नवरात्र जैसे पावन पर्व के बीच एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने समाज को झकझोर कर रख दिया है। जहां एक ओर लोग कन्या को देवी का रूप मानकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर एक नवजात बच्ची को जन्म के कुछ ही घंटों बाद बेचने की शर्मनाक साजिश रची गई। हालांकि ऐस सिटी निवासी एक जागरूक दंपती की सतर्कता से यह अमानवीय सौदा पूरा होने से पहले ही उजागर हो गया और मासूम को सुरक्षित बचा लिया गया।
पुलिस के अनुसार, नवजात बच्ची का जन्म होने के महज 120 घंटे के भीतर ही उसे बेचने की योजना बना ली गई थी। आरोप है कि अस्पताल की मालिक, नर्स और अन्य स्टाफ ने मिलकर बच्ची का सौदा 2.60 लाख रुपये में तय किया। यह रकम उस दंपती से मांगी गई थी, जो कानूनी रूप से बच्चा गोद लेने के इच्छुक थे। दंपती को यह भी दबाव दिया गया कि यदि वे जल्दी फैसला नहीं लेते हैं तो बच्ची को किसी अन्य इच्छुक व्यक्ति को दे दिया जाएगा।
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दंपती को शुरू में लगा कि प्रक्रिया वैध हो सकती है, लेकिन बातचीत के दौरान कई संदेहास्पद बातें सामने आईं। रकम की मांग, जल्दबाजी और गोपनीय तरीके से सौदा तय करने की कोशिश ने उन्हें सतर्क कर दिया। इसके बाद उन्होंने बिना देर किए संबंधित अधिकारियों को सूचना दे दी। सूचना मिलते ही पुलिस और संबंधित एजेंसियां सक्रिय हो गईं और मौके पर पहुंचकर बच्ची को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया। साथ ही इस पूरे मामले में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इनमें अस्पताल की मालिक, एक नर्स और अन्य स्टाफ शामिल हैं। मुख्य आरोपी नर्स पुष्पा और उसका पति फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।
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अविवाहित महिला की बच्ची होने का संदेह : पुलिस को आशंका है कि यह बच्ची किसी अविवाहित युवती की हो सकती है। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि एक युवती ने लोकलाज के डर से अस्पताल में गुपचुप तरीके से डिलीवरी कराई और इसके बाद बच्ची को वहीं छोड़कर चली गई। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने इस स्थिति का फायदा उठाते हुए बच्ची को बेचने की साजिश रची। अस्पताल प्रबंधन की ओर से यह दावा किया गया है कि बच्ची अंजली नामक महिला की है, लेकिन वह महिला भी फिलहाल लापता है। पुलिस ने अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है, ताकि उस महिला की पहचान की जा सके और सच्चाई सामने लाई जा सके।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कई एंगल से की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बच्ची की मां विवाहित थी या अविवाहित, और क्या यह पूरा मामला किसी बड़े रैकेट का हिस्सा है। इसके अलावा यह भी जांच हो रही है कि अस्पताल में इस तरह के अवैध कार्य पहले भी किए गए हैं या नहीं।
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