{"_id":"68e7cc6b0fc0198ea60137c1","slug":"sfdg-grnoida-news-c-23-1-lko1064-77640-2025-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: मारपीट और धमकी के मामले में तीन दोषमुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: मारपीट और धमकी के मामले में तीन दोषमुक्त
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
(अदालत से)
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सिविल जज (जूनियर डिवीजन) एफटीसी-प्रथम की अदालत ने मारपीट और धमकी के मामले में कृष्ण, कौशल उर्फ अमित नागर, सागर नागर सहित तीन लोगों को दोषमुक्त करार दिया है। मामला बादलपुर कोतवाली क्षेत्र में दर्ज है। बंबावड़ निवासी गुलशन शर्मा ने केस दर्ज कराया था कि 16 अगस्त 2023 को वह अपने बड़े भाई के साथ घर पर थे। इस दौरान तीनों ने जबरन घर में घुसकर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी थी। इस संबंध में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर घटना स्थल का निरीक्षण किया था।
गवाहों के बयान दर्ज किए। विवेचना पूरी होने पर तीनों के खिलाफ आईपीसी की धारा-323, 504, 506 व 452 के आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया था। अभियोजन पक्ष ने दस्तावेज साक्ष्यों में तहरीर, एफआईआर, जीडी नकल, नक्शा नजरी आदि पेश किए और एक गवाह का परीक्षण कराया। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता ने तर्क दिया कि आरोपों के कोई ठोस सबूत नहीं है। न्यायालय ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद पाया कि विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में असफल रहा। साक्ष्यों के अभाव में न्यायालय ने तीनों आरोपितों को दोषमुक्त कर दिया।
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सिविल जज (जूनियर डिवीजन) एफटीसी-प्रथम की अदालत ने मारपीट और धमकी के मामले में कृष्ण, कौशल उर्फ अमित नागर, सागर नागर सहित तीन लोगों को दोषमुक्त करार दिया है। मामला बादलपुर कोतवाली क्षेत्र में दर्ज है। बंबावड़ निवासी गुलशन शर्मा ने केस दर्ज कराया था कि 16 अगस्त 2023 को वह अपने बड़े भाई के साथ घर पर थे। इस दौरान तीनों ने जबरन घर में घुसकर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी थी। इस संबंध में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर घटना स्थल का निरीक्षण किया था।
गवाहों के बयान दर्ज किए। विवेचना पूरी होने पर तीनों के खिलाफ आईपीसी की धारा-323, 504, 506 व 452 के आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया था। अभियोजन पक्ष ने दस्तावेज साक्ष्यों में तहरीर, एफआईआर, जीडी नकल, नक्शा नजरी आदि पेश किए और एक गवाह का परीक्षण कराया। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता ने तर्क दिया कि आरोपों के कोई ठोस सबूत नहीं है। न्यायालय ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद पाया कि विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में असफल रहा। साक्ष्यों के अभाव में न्यायालय ने तीनों आरोपितों को दोषमुक्त कर दिया।
विज्ञापन