{"_id":"66d079e1849cc931b1039179","slug":"seven-accused-of-attack-acquitted-by-court-after-10-years-grnoida-news-c-23-1-vns1013-38558-2024-08-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: 10 साल बाद हमले के आरोपी अदालत से दोष मुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: 10 साल बाद हमले के आरोपी अदालत से दोष मुक्त
विज्ञापन
10 साल बाद हमले के सात आरोपी अदालत से दोष मुक्त
-थाना रबूपुरा क्षेत्र में हुई थी घटना, साक्ष्य और गवाहों से आरोप सिद्ध नहीं हुआ
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। थाना रबूपरा क्षेत्र में 10 साल पहले मारपीट और जानलेवा हमले के मामले में विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) की अदालत ने सात आरोपियों को दोष मुक्त किया है। अदालत ने अपनी टिप्पणी में कहा है कि अभियोजन की ओर से पेश किए गए तथ्य और साक्ष्य में ऐसा कुछ नहीं, जिससे अभियोजन कथानक को बल मिलता हो।
घटना 10 अक्तूबर 2014 को हुई थी। वादी भैंसबुग्गी में रेती भरकर अपने घर ले जा रहा था। आरोप लगाया गया था कि जैसे ही वह घर पर आया तो आरोपी उसके घर में घुस आए। फरसे समेत हथियारों से उस पर जान से मारने की नीयत से हमला बोल दिया। मामले में दो आरोप पत्र दाखिल किए गए। नरेश, मंगत और नरसिंह के खिलाफ मुकदमे में धारा 307 (जान से मारने का प्रयास) लगाई गई। जबकि मनोज, राहुल, यशपाल और मुरारीलाल के खिलाफ एक राय होकर हमला करने, मारपीट समेत धाराएं लगाई गईं। आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। बाद में उनकी जमानत भी हुई। अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष पर्याप्त साक्ष्य और गवाहों को प्रस्तुत नहीं कर सका। इसी के चलते सभी आरोपियों को अदालत ने दोष मुक्त किया है।
विज्ञापन
-थाना रबूपुरा क्षेत्र में हुई थी घटना, साक्ष्य और गवाहों से आरोप सिद्ध नहीं हुआ
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। थाना रबूपरा क्षेत्र में 10 साल पहले मारपीट और जानलेवा हमले के मामले में विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) की अदालत ने सात आरोपियों को दोष मुक्त किया है। अदालत ने अपनी टिप्पणी में कहा है कि अभियोजन की ओर से पेश किए गए तथ्य और साक्ष्य में ऐसा कुछ नहीं, जिससे अभियोजन कथानक को बल मिलता हो।
घटना 10 अक्तूबर 2014 को हुई थी। वादी भैंसबुग्गी में रेती भरकर अपने घर ले जा रहा था। आरोप लगाया गया था कि जैसे ही वह घर पर आया तो आरोपी उसके घर में घुस आए। फरसे समेत हथियारों से उस पर जान से मारने की नीयत से हमला बोल दिया। मामले में दो आरोप पत्र दाखिल किए गए। नरेश, मंगत और नरसिंह के खिलाफ मुकदमे में धारा 307 (जान से मारने का प्रयास) लगाई गई। जबकि मनोज, राहुल, यशपाल और मुरारीलाल के खिलाफ एक राय होकर हमला करने, मारपीट समेत धाराएं लगाई गईं। आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। बाद में उनकी जमानत भी हुई। अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष पर्याप्त साक्ष्य और गवाहों को प्रस्तुत नहीं कर सका। इसी के चलते सभी आरोपियों को अदालत ने दोष मुक्त किया है।
विज्ञापन