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Noida News: सेक्टर-105 की आरडब्ल्यूए चला रही गोशाला, जरूरतमंदों को निशुल्क दूध
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नोएडा सेक्टर 105 में बनी गौशाला मंदिर में हवन करते निवासी
- पशु सेवा के साथ वेस्ट प्रबंधन, गोबर से तैयार खाद सेक्टरों के पार्कों और हरियाली में इस्तेमाल
फोटो-
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-105 स्थित गोशाला में पशु सेवा के साथ वेस्ट प्रबंधन और जरूरतमंद परिवारों की मदद का काम भी किया जा रहा है। गोशाला में निकलने वाले गोबर से खाद तैयार की जाती है। तैयार खाद को शहर के विभिन्न सेक्टरों में पहुंचाया जाता है, जहां इसका इस्तेमाल पार्कों, पौधों और हरियाली के लिए किया जा रहा है। इससे जैविक कचरे का दोबारा उपयोग हो रहा है।
सेक्टर-105 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दीपक शर्मा ने बताया कि गोशाला में गायों के चारे-पानी और नियमित देखभाल की व्यवस्था की जाती है। पशुओं से मिलने वाला दूध जरूरतमंद परिवारों को निशुल्क दिया जाता है। गोबर से खाद तैयार करने की प्रक्रिया के माध्यम से कचरे का निस्तारण भी किया जा रहा है। तैयार खाद का इस्तेमाल सेक्टरों की हरियाली में किया जाता है। उन्होंने बताया कि गोबर और अन्य सामग्री के मिश्रण से तैयार सामग्री से मंदिर में हर सप्ताह मंगलवार और विशेष अवसरों पर हवन भी किया जाता है। उनका कहना है कि लावारिस पशुओं को सड़कों से हटाकर गोशाला में रखने के लिए लोगों को एकजुट किया जा रहा है। पशुओं की देखभाल, गोबर के निस्तारण और खाद तैयार करने की व्यवस्था एक साथ संचालित की जा रही है।
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-105 स्थित गोशाला में पशु सेवा के साथ वेस्ट प्रबंधन और जरूरतमंद परिवारों की मदद का काम भी किया जा रहा है। गोशाला में निकलने वाले गोबर से खाद तैयार की जाती है। तैयार खाद को शहर के विभिन्न सेक्टरों में पहुंचाया जाता है, जहां इसका इस्तेमाल पार्कों, पौधों और हरियाली के लिए किया जा रहा है। इससे जैविक कचरे का दोबारा उपयोग हो रहा है।
सेक्टर-105 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दीपक शर्मा ने बताया कि गोशाला में गायों के चारे-पानी और नियमित देखभाल की व्यवस्था की जाती है। पशुओं से मिलने वाला दूध जरूरतमंद परिवारों को निशुल्क दिया जाता है। गोबर से खाद तैयार करने की प्रक्रिया के माध्यम से कचरे का निस्तारण भी किया जा रहा है। तैयार खाद का इस्तेमाल सेक्टरों की हरियाली में किया जाता है। उन्होंने बताया कि गोबर और अन्य सामग्री के मिश्रण से तैयार सामग्री से मंदिर में हर सप्ताह मंगलवार और विशेष अवसरों पर हवन भी किया जाता है। उनका कहना है कि लावारिस पशुओं को सड़कों से हटाकर गोशाला में रखने के लिए लोगों को एकजुट किया जा रहा है। पशुओं की देखभाल, गोबर के निस्तारण और खाद तैयार करने की व्यवस्था एक साथ संचालित की जा रही है।
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