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Noida News: मानसून का पानी या प्रशासन की लापरवाही, कोंडली नाले की सफाई पर उठे सवाल

Thu, 09 Jul 2026 09:32 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jul 2026 09:32 PM IST
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- कूड़े से पटे कोंडली नाले ने रोकी पानी की राह, सवालों के घेरे में नोएडा प्राधिकरण
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- सेक्टर-50 स्थित कोंडली नाले की स्थिति बदहाल, सफाई के दावे निकले झूठें

संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। मानसून की पहली अच्छी बारिश के साथ ही सेक्टर-50 स्थित कोंडली नाले की बदहाल स्थिति एक बार फिर सामने आ गई है। नाले में जमा कूड़ा और गंदगी के कारण बारिश का पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा है, जिससे आसपास के अपार्टमेंट और सोसाइटियों के लोगों को बदबू, जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। एंबिएंस सोसाइटी, शुभकामना अपार्टमेंट, स्टेलर किंग्स कोर्ट महागुन मेस्ट्रो समेत आसपास की कई सोसाइटियों के निवासी लंबे समय से नोएडा प्राधिकरण से नाले की सफाई की मांग कर रहे हैं।

बुधवार से लगातार बारिश हो रही है। जिसके बाद नाले में कचरा फंसने से पानी का बहाव रुक गया। नाले से उठने वाली तेज दुर्गंध के कारण लोगों का घरों की बालकनी और पार्कों में बैठना मुश्किल हो गया। कई लोगों का यह भी कहना है कि नाले से निकलने वाली नमी और प्रदूषित हवा का असर एयर कंडीशनर की बाहरी यूनिट और अन्य धातु के उपकरणों पर पड़ रहा है।
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करीब 17.1 किलोमीटर लंबा कोंडली नाला सेक्टर-11, 12, 22, 50 और 92 से होकर गुजरते हुए सेक्टर-168 के पास यमुना नदी में मिलता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले आठ वर्षों से नाले की सफाई और प्रबंधन की योजनाएं केवल फाइलों तक सीमित हैं। हर मानसून में यही नाला जलभराव और गंदगी की सबसे बड़ी वजह बन जाता है।
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बारिश होते ही नाले का सारा कचरा ऊपर आ जाता है और इतनी तेज बदबू फैलती है कि खिड़कियां बंद रखनी पड़ती हैं। मच्छरों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। प्राधिकरण को मानसून शुरू होने से पहले नाले की पूरी सफाई करानी चाहिए थी। - महीम कपूरस, एंबिएंस सोसाइटी

हमारे सोसाइटी में करीब 182 फ्लैट हैं। हमारे सोसाइटी के ठीक बाहर बेहद गंदा नाला है। जिसे कभी साफ तक नहीं किया जाता। बारिश का पानी कचरे में फंसकर रुक जाता है। इससे सड़क पर जलभराव हो जाता है और बदबू पूरे इलाके में फैल जाती है।

-राजीव सिंह, महागुन मेस्ट्रो सोसाइटी


नाले के 4.1 किलोमीटर हिस्से की जिम्मेदारी नोएडा प्राधिकरण के जन स्वास्थ्य विभाग के पास है, जबकि शेष हिस्से का रखरखाव सिंचाई विभाग करता है। पिछले कई वर्षों से फंड और जिम्मेदारियों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण सफाई कार्य प्रभावित हो रहा है।
-राजीव सिंह, नोफा पूर्व अध्यक्ष








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