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Noida News: लॉक डाउन में ऑनलाइन पढ़ाई होने पर फीस लेगा स्कूल

Sun, 21 Sep 2025 07:37 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 21 Sep 2025 07:37 PM IST
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School will charge fees for online classes during lockdown
जिला उपभोक्ता आयोग
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लॉक डाउन में ऑनलाइन पढ़ाई होने पर फीस लेगा स्कूल
बकाया पांच माह की फीस लेने से स्कूल को नहीं रोका जा सकता, आयोग ने निरस्त कर दिया वाद
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। लॉक डाउन के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई होने पर स्कूल को फीस लेने का अधिकार है। बकाया पांच माह की फीस लेने से स्कूल को नहीं रोका जा सकता है। इसके लिए दायर वाद को जिला उपभोक्ता आयोग ने निरस्त कर दिया। आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य अंजु शर्मा ने सुनवाई की।

दादरी के बालाजी एन्कलेव निवासी गगन वत्स की बेटी सेंट हुड कान्वेंट स्कूल दादरी में कक्षा यूकेजी में पढ़ती है। कोविड 19 महामारी के दौरान भारत सरकार ने लॉक डाउन घोषित कर दिया था। विद्यालय बंद कर दिये थे। इस दौरान जून 2020 में स्कूल ने श्रीराम बुक सेंटर से किताब लेने के लिए दबाव दिया। विद्यालय बंद होने के कारण पढ़ाई नहीं हो रही थी। स्कूल के दबाव के चलते उनको बताई गई दुकान से किताब खरीदनी पड़ी। 8 हजार रुपये का भुगतान किया। खरीदी गई किताबों पर कोई मूल्य अंकित नहीं था। विद्यालय प्रबंधक ने लगातार पांच माह की फीस जमा करने के लिए दबाव बनाया था, जबकि भारत सरकार की गाइड लाइन के तहत कोई भी फीस नहीं ली जा सकती थी। स्कूल ने ऑनलाइन पढ़ाई कराने की बात कहीं। कई बार स्कूल के प्रबंधन से वार्ता करके निस्तारण करने का प्रयास किया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया। जिसमें किताब के नाम पर लिए गए आठ हजार रुपये ब्याज समेत वापस करने, पांच माह की फीस नहीं लेने और बच्चों को पढ़ाई से वंचित नहीं करने की गुहार लगाई। सुनवाई के दौरान स्कूल ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि बच्ची की करीब 8580 रुपये फीस बकाया है। आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद माना ऑनलाइन पढ़ाई की गई। स्कूल को फीस लेने का अधिकार है। उपभोक्ता आयोग शिक्षा शुल्क विवादों में हस्तक्षेप नहीं कर सकता है। किताबें लेने से पहले उनको स्टीमेट दिया था। आठ हजार रुपये का भुगतान करने का कोई साक्ष्य नहीं दिया है। आयोग ने परिवाद को विचारणीय नहीं माना है। आयोग ने वाद को खारिज कर दिया।
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