फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Royal Dussehra celebrations at the 400-year-old fort, with weapon worship taking place today.

Noida News: 400 साल पुराने किले में दशहरा का शाही अंदाज, आज होगा शस्त्र पूजन

Thu, 02 Oct 2025 12:18 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा Updated Thu, 02 Oct 2025 12:18 AM IST
विज्ञापन
Royal Dussehra celebrations at the 400-year-old fort, with weapon worship taking place today.
नजीबाबाद के साहनपुर का 400 साल पुराना किला। संवाद
नजीबाबाद। साहनपुर किले में शाही अंदाज से दशहरा पर्व मनाया जाता है। बृहस्पतिवार को किले में पारंपरिक शस्त्र पूजन के साथ दशहरा मनाया जाएगा।
विज्ञापन


साहनपुर के आलीशान किले को 1600 ईस्वी में राय पदारथ सिंह ने बनवाया था। 1952 तक रियासत रहे साहनपुर किले में आज भी शाही ठाठ-बाट हैं। शिकारी परंपरा से दुनिया में नाम रोशन करने वाले साहनपुर किले में आज भी शेर, हिरण, दुर्लभ जानवरों की खाल और चेहरों से सुसज्जित म्यूजियम राजशाही ठाठ की कहानी बयां करता है।

साहनपुर किले में दशहरा मनाने और शस्त्र पूजन की परंपरा आज भी कायम है। पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह अपने बेटे रणंजय सिंह के साथ शस्त्र पूजन करेंगे। शस्त्र पूजन के साथ भगवान श्रीराम की रावण पर विजय का जश्न मनाया जाएगा। बृहस्पतिवार को शस्त्र पूजन और संगोष्ठी में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी शामिल होंगे।
विज्ञापन


....

दशकों पुरानी है शस्त्र पूजन परंपरा
नजीबाबाद। साहनपुर किले में वर्ष 1940 तक भारतेंद्र सिंह के परदादा राजा भरत सिंह, वर्ष 1983 तक दादा चरत सिंह, वर्ष 2012 तक पिता कुंवर देवेंद्र सिंह और वर्ष 2013 से भारतेंद्र सिंह शस्त्र पूजन की परंपरा को निभा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


...

किले में घोड़ा पूजन की भी परंपरा थी

राजशाही घरानों में हाथी, ऊंट, घोड़े रखने की परंपरा थी। भारतेंद्र सिंह बताते हैं कि वर्ष 1978 तक घोड़े पूजन की भी परंपरा रही है। घोड़े आदि रखने की परंपरा अभी समय के अनुसार शिथिल हुई। रियासत के तीन हाथी भी कॉर्बेट नेशनल पार्क को दान दिए गए।


....

किले में चलती थी शिकारी कंपनी

बेस्ट शूट ऑफ द वर्ल्ड का खिताब साहनपुर किले की शिकारी कंपनी को मिला है। वर्ष 1955 से 1972 तक शिकारी कंपनी का दुनिया में नाम था। विदेश से शिकारी शिकार करने आया करते थे। वर्ष 1970 में कालाडूंगी में सबसे बड़े शेर का शिकार करने पर बेस्ट शूट ऑफ द वर्ल्ड कीर्तिमान वाशिंगटन के स्मिथसोनियन इंस्टीट्यूशन में दर्ज है। राजा चरत सिंह ने एक तीर से शेर को ढेर कर दिया था।

नजीबाबाद के साहनपुर का 400 साल पुराना किला। संवाद

नजीबाबाद के साहनपुर का 400 साल पुराना किला। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed