{"_id":"69de3b8bb185e2572c0e6446","slug":"roadways-buses-do-not-stop-at-the-bus-stand-villagers-inconvenienced-grnoida-news-c-23-1-lko1064-92299-2026-04-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: बस स्टैंड पर नहीं रुकतीं रोडवेज बसें, ग्रामीण परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: बस स्टैंड पर नहीं रुकतीं रोडवेज बसें, ग्रामीण परेशान
विज्ञापन
बस स्टैंड पर नहीं रुकतीं रोडवेज बसें, ग्रामीण परेशान
दिन-रात रहती है यात्रियों की आवाजाही, ऑटो व निजी वाहनों के सहारे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। दादरी से गाजियाबाद मार्ग स्थित बादलपुर बस स्टैंड पर रोडवेज बसों के नहीं रुकने से आसपास के 20 से अधिक गांवों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दिन-रात यात्रियों की आवाजाही के बावजूद बसें यहां नहीं रुकतीं, जिससे लोगों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है।
बतादें कि पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के कार्यकाल में उनके पैतृक गांव बादलपुर के पास जीटी रोड पर सादौपुर झाल के निकट बस स्टैंड का निर्माण कराया गया था। यात्रियों के लिए टिनशेड, विश्राम कक्ष, पेयजल सुविधा, महिला व पुरुष शौचालय तथा परिवहन निगम की चेकपोस्ट भी बनाई गई थी। उस समय रोडवेज बसें नियमित रूप से यहां रुकती थीं और बादलपुर, सादौपुर झाल, जानसमाना समेत कई गांवों के लोग यहीं से दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लिए बसें पकड़ते थे। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार बदलने के बाद बसों का ठहराव धीरे-धीरे बंद हो गया और तब से अब तक किसी भी सरकार या विभाग ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
छात्र-छात्राओं को सबसे ज्यादा दिक्कत
बसों के नहीं रुकने से इंटर कॉलेज, डिग्री कॉलेज और पॉलिटेक्निक संस्थानों में पढ़ने वाले हजारों छात्र-छात्राओं को परेशानी झेलनी पड़ती है। उन्हें निजी वाहनों या ऑटो का सहारा लेना पड़ता है। ग्रामीणों ने परिवहन विभाग के अधिकारियों से कई बार बसों के ठहराव की मांग की लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। सिकंद्राबाद डिपो के एआरएम दिनेश कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
दिन-रात रहती है यात्रियों की आवाजाही, ऑटो व निजी वाहनों के सहारे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। दादरी से गाजियाबाद मार्ग स्थित बादलपुर बस स्टैंड पर रोडवेज बसों के नहीं रुकने से आसपास के 20 से अधिक गांवों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दिन-रात यात्रियों की आवाजाही के बावजूद बसें यहां नहीं रुकतीं, जिससे लोगों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है।
बतादें कि पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के कार्यकाल में उनके पैतृक गांव बादलपुर के पास जीटी रोड पर सादौपुर झाल के निकट बस स्टैंड का निर्माण कराया गया था। यात्रियों के लिए टिनशेड, विश्राम कक्ष, पेयजल सुविधा, महिला व पुरुष शौचालय तथा परिवहन निगम की चेकपोस्ट भी बनाई गई थी। उस समय रोडवेज बसें नियमित रूप से यहां रुकती थीं और बादलपुर, सादौपुर झाल, जानसमाना समेत कई गांवों के लोग यहीं से दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लिए बसें पकड़ते थे। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार बदलने के बाद बसों का ठहराव धीरे-धीरे बंद हो गया और तब से अब तक किसी भी सरकार या विभाग ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
विज्ञापन
छात्र-छात्राओं को सबसे ज्यादा दिक्कत
बसों के नहीं रुकने से इंटर कॉलेज, डिग्री कॉलेज और पॉलिटेक्निक संस्थानों में पढ़ने वाले हजारों छात्र-छात्राओं को परेशानी झेलनी पड़ती है। उन्हें निजी वाहनों या ऑटो का सहारा लेना पड़ता है। ग्रामीणों ने परिवहन विभाग के अधिकारियों से कई बार बसों के ठहराव की मांग की लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। सिकंद्राबाद डिपो के एआरएम दिनेश कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन