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Noida News: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरके अरोड़ा की जमानत याचिका खारिज
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670 घर खरीदारों से 164 करोड़ की धोखाधड़ी करने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार जंगाला ने बुधवार को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी सुपरटेक के चेयरमैन और प्रमोटर आरके अरोड़ा की जमानत याचिका खारिज कर दी। अरोड़ा ने मामले में नियमित जमानत की मांग की थी।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के वकील नवीन माटा ने जमानत का विरोध किया। इससे पहले अदालत ने 16 जनवरी, 24 को अरोड़ा को चिकित्सा और स्वास्थ्य आधार पर 30 दिनों के लिए अंतरिम जमानत दी थी। ट्रायल कोर्ट ने उनके और अन्य के खिलाफ ईडी द्वारा दायर आरोपपत्र पर संज्ञान लिया था व नामित सभी आरोपियों और फर्मों को उनके प्रतिनिधियों के माध्यम से समन जारी किया था। अरोड़ा को 27 जून को धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था। ईडी ने अदालत को बताया कि आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) दिल्ली पुलिस, हरियाणा पुलिस और यूपी पुलिस ने सुपरटेक लिमिटेड व उसकी समूह कंपनियों के खिलाफ धारा 120बी, 406,420, 467, 471 के तहत 23 एफआईआर दर्ज की थीं। इन पर कम से कम 670 घर खरीदारों से 164 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। ईडी ने यह भी आरोप लगाया कि सुपरटेक लिमिटेड द्वारा एकत्र की गई राशि को संपत्तियों की खरीद के लिए उनके समूह की कंपनियों में भेज दिया गया था, कंपनी के पास जमीन की कीमत बहुत कम थी। आरोपियों ने संपत्तियां हासिल की हैं और अवैध या गलत तरीके से लाभ कमाया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार जंगाला ने बुधवार को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी सुपरटेक के चेयरमैन और प्रमोटर आरके अरोड़ा की जमानत याचिका खारिज कर दी। अरोड़ा ने मामले में नियमित जमानत की मांग की थी।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के वकील नवीन माटा ने जमानत का विरोध किया। इससे पहले अदालत ने 16 जनवरी, 24 को अरोड़ा को चिकित्सा और स्वास्थ्य आधार पर 30 दिनों के लिए अंतरिम जमानत दी थी। ट्रायल कोर्ट ने उनके और अन्य के खिलाफ ईडी द्वारा दायर आरोपपत्र पर संज्ञान लिया था व नामित सभी आरोपियों और फर्मों को उनके प्रतिनिधियों के माध्यम से समन जारी किया था। अरोड़ा को 27 जून को धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था। ईडी ने अदालत को बताया कि आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) दिल्ली पुलिस, हरियाणा पुलिस और यूपी पुलिस ने सुपरटेक लिमिटेड व उसकी समूह कंपनियों के खिलाफ धारा 120बी, 406,420, 467, 471 के तहत 23 एफआईआर दर्ज की थीं। इन पर कम से कम 670 घर खरीदारों से 164 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। ईडी ने यह भी आरोप लगाया कि सुपरटेक लिमिटेड द्वारा एकत्र की गई राशि को संपत्तियों की खरीद के लिए उनके समूह की कंपनियों में भेज दिया गया था, कंपनी के पास जमीन की कीमत बहुत कम थी। आरोपियों ने संपत्तियां हासिल की हैं और अवैध या गलत तरीके से लाभ कमाया है।
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