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Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Risk of oral, breast, and cervical cancer is higher

Noida News: ओरल, स्तन, और सर्वाइकल कैंसर का खतरा अधिक

Fri, 07 Nov 2025 02:02 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा Updated Fri, 07 Nov 2025 02:02 AM IST
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Risk of oral, breast, and cervical cancer is higher
स्वास्थ्य विभाग पर न तो कैंसर के मरीजों के आंकड़े हैं और न ही इस गंभीर बीमारी से निपटने की व्यवस्था। हाथरस को जिला बने 27 साल हो चुके हैं, लेकिन यहां अभी तक कैंसर यूनिट की स्थापना नहीं हो सकी है। इंटरनेट पर मौजूद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2024 में 2.21 लाख कैंसर के मरीज के दर्ज किए गए थे। यह आंकड़ा 2023 में 2.10 लाख था। प्रदेश में पांच फीसदी की दर से कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
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कैंसर जैसी घातक बीमारी गैर संचारी रोग नियंत्रण के अंतर्गत आती है। इससे निपटने के लिए इसकी भयावह स्थिति की जानकारी होना आवश्यक है, लेकिन यहां स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इसका डाटा जुटाना संभव नहीं। कारण है कि यहां कोई कैंसर के उपचार के लिए कोई संस्थान नहीं है। मरीज एसएन मेडिकल कॉलेज या अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज की शरण लेते हैं। जो सक्षम हैं, वे प्राइवेट अस्पतालों में उपचार कराते हैं।
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जिले में कैंसर केयर यूनिट प्रस्तावित

संसाधनों की बात करें तो यहां केवल जिला व टीबी अस्पताल हैं। किसी बड़ी चोट व गंभीर बीमारी के उपचार के लिए मरीज को रेफर ही किया जाता है। मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव अभी अधर में है। इधर, अब इस साल के बजट में प्रदेश सरकार ने हर जिले में कैंसर केयर यूनिट खोलने का दावा किया है। दो महीने पहले इस बाबत सीएमओ तक शासन का पत्र भी आ चुका है। अब प्रशासनिक व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कागजी कार्यवाही पूरी कर प्रस्ताव तैयार करेंगे।
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पुरुषों में मुंह व महिलाओं में स्तन कैंसर का खतरा

अपोलो, इंद्रप्रस्थ नई दिल्ली के कैंसर विशेषज्ञ डाॅ. प्रवीन गर्ग ने बताया कि पुरुषों में मुंह के कैंसर के सर्वाधिक मामले सामने आ रहे हैं, जबकि महिलाओं में स्तन कैंसर का खतरा अधिक है। इसके बाद फेंफड़े, सर्वाइकल व प्रोस्टेट कैंसर आता है। उन्होंने कहा कि इस बीमारी से बचाव के लिए जीवनशैली व आहार में सुधार की आवश्यकता है। नियमित जांच कराएं, जिससे समय से बीमारी का पता चल सके।




चल रहे जागरूकता कार्यक्रम

गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत ही अन्य बीमारियों की तरह कैंसर के प्रति गांव-गांव लोगों को जागरूक किया जाता है। कार्यक्रम के नोडल एसीएमओ डाॅ. मधुकर ने बताया कि इस संबंध में गांवों में गोष्ठी कराई जाती हैं। साथ ही आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करती हैं।


ये एहतियात बरतें



-तंबाकू व शराब का सेवन न करें और स्वस्थ आहार लें।

-मोटापे से बचें, नियमित व्यायाम करें।

-प्लास्टिक के बर्तन में गर्म पदार्थ न लें। अन्य हानिकारक रसायन जैसे हेयर डाई, पेंट व कीटनाशकों के संपर्क आने बचें।



- चिकित्सक से नियमित जांच कराएं। मैमोग्राफी व पैप स्मीयर जैसी जांचों से कैंसर का जल्दी पता लगाया जा सकता है।

-हेपेटाइटिस बी व एचपीवी के टीकों में चूक न करें, जो कि लिवर कैंसर व सर्वाइकल कैंसर से बचाव करते हैं।

-शरीर में किसी भी असामान्य बदलाव जैसे गांठ आदि को अनदेखा न करें।

-हर समय थकान व लगातार वजन घटने पर भी चिकित्सक को दिखाएं

-मानसिक तनाव कम करें। इससे प्रतिरोधक क्षमता कम होती है।
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